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यूपी बोर्ड परीक्षा से पहले 'गुरुजी' हो गए बीमार, ड्यूटी कटवाने को लगा रहे मेडिकल
Sat, 15 Feb 2020 12:18 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 15 Feb 2020 12:18 AM IST
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यूपी बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगने से 'गुरुजी' ही बीमार हो गए हैं। फिरोजाबाद जिले में परीक्षा ड्यूटी से बचने के लिए कई शिक्षकों ने कॉलेज और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में बीमारी का हवाला देकर अर्जी लगाई है। स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी परीक्षा केंद्र से ड्यूटी कटवाने के लिए खुद को बीमार बता रहे हैं। इसके लिए मेडिकल सर्टिफिकेट भी लगाए जा रहे हैं।
18 फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं जिले के 91 केंद्रों पर शुरू होंगी। इसमें 80 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा में करीब 2900 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें करीब छह सौ शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के हैं।
परीक्षा ड्यूटी का मानदेय कम
परीक्षा में ड्यूटी का मानदेय बहुत कम है। इसलिए शिक्षक इसमें रुचि नहीं लेते हैं। इस बार सख्ती है तो शिक्षक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट ड्यूटी से बचने के प्रयास कर रहे हैं। इसी के चलते गर्दन, कंधे, पैर, रीढ़ की हड्डी, हृदय रोग के अलावा परिजनों की गंभीर बीमारियों का भी हवाला दिया जा रहा है।
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18 फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं जिले के 91 केंद्रों पर शुरू होंगी। इसमें 80 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा में करीब 2900 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें करीब छह सौ शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग के हैं।
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परीक्षा ड्यूटी का मानदेय कम
परीक्षा में ड्यूटी का मानदेय बहुत कम है। इसलिए शिक्षक इसमें रुचि नहीं लेते हैं। इस बार सख्ती है तो शिक्षक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट ड्यूटी से बचने के प्रयास कर रहे हैं। इसी के चलते गर्दन, कंधे, पैर, रीढ़ की हड्डी, हृदय रोग के अलावा परिजनों की गंभीर बीमारियों का भी हवाला दिया जा रहा है।
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इन शिक्षकों ने मेडिकल सर्टिफिकेट भी लगा दिए हैं। इनमें सरकारी अस्पताल के साथ प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सकों का प्रमाण पत्र भी है। इसमें शिक्षकों को 10 से 15 दिन बिस्तर पर आराम करने की सलाह दी है।
डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) रितु गोयल ने बताया कि कुछ प्रत्यावेदन आए हैं। मगर किसी की ड्यूटी नहीं काटी गई है। जो मेडिकल लगाएंगे, उनको मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
हर जिले में पर्यवेक्षक तैनात
शासन ने पहली बार हर जनपद में पर्यवेक्षक की तैनाती की है। इनकी जिम्मेदारी रहेगी कि जनपद में पूरी तरह नकलविहीन परीक्षाएं कराएं। हर रिपोर्ट शासन तक जाएंगी। ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके।
डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) रितु गोयल ने बताया कि कुछ प्रत्यावेदन आए हैं। मगर किसी की ड्यूटी नहीं काटी गई है। जो मेडिकल लगाएंगे, उनको मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
हर जिले में पर्यवेक्षक तैनात
शासन ने पहली बार हर जनपद में पर्यवेक्षक की तैनाती की है। इनकी जिम्मेदारी रहेगी कि जनपद में पूरी तरह नकलविहीन परीक्षाएं कराएं। हर रिपोर्ट शासन तक जाएंगी। ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके।