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गुरु के ज्ञान से मिटाया अज्ञान का अंधियारा
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मैनपुरी। किसी ने गुरु के अथाह ज्ञान को अपने जीवन में उतारा तो किसी ने पिता के रूप में गुरु बनाकर जीवन को सार्थक किया। जिले में ऐसे तमाम शिक्षक और मेधावी हैं, जिन्होंने गुरु के बताए मार्ग पर चलकर ज्ञान के उजाले से अपना जीवन प्रकाशमय किया।
गुरु को हमारे देश में ईश्वर से भी बढ़कर माना जाता है।
वैसे तो गुरु की महिमा के वर्णन के लिए साल के सभी दिन कम हैं, लेकिन शिक्षक दिवस का विशेष महत्व है। शिक्षक दिवस पर अमर उजाला के साथ बातचीत में जिले के सम्मान प्राप्त शिक्षक और मेधावियों ने अपने-अपने गुरु को नमन करते हुए उन्हें याद किया।
गुरु ने सिखाई कर्तव्य के प्रति निष्ठा
राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार 2020 के लिए चयनित प्राथमिक विद्यालय रजवाना के शिक्षक इशरत अली का कहना है कि गुरु के बताए हुए मार्ग पर चलकर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शिक्षक बनने से पहले जब वो डायट पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे, उस समय मोहम्मद शमीम उनके आदर्श गुरु के रूप में मिले। उन्होंने समय पालन और कार्य के प्रति समर्पण की सलाह दी। जिस बात ने उनके जीवन को परिवर्तित कर दिया। मैं आज भी उनके बताये हुए कार्यों एवं मार्ग का अनुसरण करता हूं और करता रहूंगा।
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मोहम्मद इशरत अली, राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक
पिता के रूप में पाया गुरु
प्राथमिक विद्यालय नाहिली पर प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत शिक्षक महेंद्र प्रताप सिंह को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उनका कहना है कि उनके जीवन के आदर्श गुरु उनके पिता भारत सिंह( रिटायर्ड विशेष अभिसूचना अधिकारी उत्तर प्रदेश पुलिस) ही हैं। जिनकी प्रबल इच्छा थी कि मैं शिक्षक बनूं। पिता ने कहा था बेटा शिक्षक से ज्यादा सम्मान किसी को प्राप्त नहीं होता है। बस अपने कर्तव्यों व जिम्मेदारियों के प्रति सदैव ईमानदार रहना व मेहनत करना। उन्होंने शिक्षक बनकर पिता के इस सपने को साकार किया।
महेंद्र प्रताप सिंह, राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक
फिजिक्स की पढ़ाई के साथ गुरु ने बढ़ाया उत्साह
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 में जनपद में प्रथम स्थान पाने वाली छात्रा प्रिया सिंह अपने भौतिक विज्ञान के शिक्षक जुगिंदर सिंह गंगवार को अपना आदर्श गुरु मानती हैं। प्रिया सिंह का कहना है कि उनके गुरु ने भौतिक विज्ञान के प्रत्येक खंड का विस्तृत रुप से अध्ययन कराया। जब कोई सवाल उन्हें नहीं आया तो जितनी बार पूछा उसे बताया। इसके अलावा जब शिक्षा प्राप्त करने में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशान हुई तो उन्होंने उसका उत्साह बढ़ाया। शिक्षा के साथ गुरु ने उन्हें सामाजिक और नैतिक ज्ञान भी प्रदान किया। जिसके फलस्वरूप ही वह जिले में प्रथम स्थान पाने में सफल हुई।
प्रिया सिंह, यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट जिला टॉपर 2020
गुरु ने पढ़ाई के साथ बनाया तनाव मुक्त माहौल
सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 में जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा सौम्या यादव अपने शिक्षक राजेश मौर्या को अपना आदर्श गुरु मानती हैं। उनका कहना है कि उनके गुरु ने पढ़ाई के साथ ही तानव मुक्त माहौल भी बनाकर रखा। उनका कहना था कि तनाव में रहते हुए अच्छी शिक्षा प्राप्त नहीं की जा सकती। गुरु के उत्साहवर्धन और प्रेरणा से उसने कठिन मेहनत की और जिले में प्रथम स्थान बनाया। सौम्या का कहना है कि कोई भी छात्र अपने आदर्श गुरु के संदेश को जीवन में धारण कर बड़ी सफलता को हासिल कर सकता है।
सौम्या यादव, सीबीएसई इंटरमीडिएट 2020 जिला टॉपर
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गुरु को हमारे देश में ईश्वर से भी बढ़कर माना जाता है।
वैसे तो गुरु की महिमा के वर्णन के लिए साल के सभी दिन कम हैं, लेकिन शिक्षक दिवस का विशेष महत्व है। शिक्षक दिवस पर अमर उजाला के साथ बातचीत में जिले के सम्मान प्राप्त शिक्षक और मेधावियों ने अपने-अपने गुरु को नमन करते हुए उन्हें याद किया।
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गुरु ने सिखाई कर्तव्य के प्रति निष्ठा
राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार 2020 के लिए चयनित प्राथमिक विद्यालय रजवाना के शिक्षक इशरत अली का कहना है कि गुरु के बताए हुए मार्ग पर चलकर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शिक्षक बनने से पहले जब वो डायट पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे, उस समय मोहम्मद शमीम उनके आदर्श गुरु के रूप में मिले। उन्होंने समय पालन और कार्य के प्रति समर्पण की सलाह दी। जिस बात ने उनके जीवन को परिवर्तित कर दिया। मैं आज भी उनके बताये हुए कार्यों एवं मार्ग का अनुसरण करता हूं और करता रहूंगा।
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मोहम्मद इशरत अली, राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक
पिता के रूप में पाया गुरु
प्राथमिक विद्यालय नाहिली पर प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत शिक्षक महेंद्र प्रताप सिंह को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उनका कहना है कि उनके जीवन के आदर्श गुरु उनके पिता भारत सिंह( रिटायर्ड विशेष अभिसूचना अधिकारी उत्तर प्रदेश पुलिस) ही हैं। जिनकी प्रबल इच्छा थी कि मैं शिक्षक बनूं। पिता ने कहा था बेटा शिक्षक से ज्यादा सम्मान किसी को प्राप्त नहीं होता है। बस अपने कर्तव्यों व जिम्मेदारियों के प्रति सदैव ईमानदार रहना व मेहनत करना। उन्होंने शिक्षक बनकर पिता के इस सपने को साकार किया।
महेंद्र प्रताप सिंह, राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक
फिजिक्स की पढ़ाई के साथ गुरु ने बढ़ाया उत्साह
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 में जनपद में प्रथम स्थान पाने वाली छात्रा प्रिया सिंह अपने भौतिक विज्ञान के शिक्षक जुगिंदर सिंह गंगवार को अपना आदर्श गुरु मानती हैं। प्रिया सिंह का कहना है कि उनके गुरु ने भौतिक विज्ञान के प्रत्येक खंड का विस्तृत रुप से अध्ययन कराया। जब कोई सवाल उन्हें नहीं आया तो जितनी बार पूछा उसे बताया। इसके अलावा जब शिक्षा प्राप्त करने में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशान हुई तो उन्होंने उसका उत्साह बढ़ाया। शिक्षा के साथ गुरु ने उन्हें सामाजिक और नैतिक ज्ञान भी प्रदान किया। जिसके फलस्वरूप ही वह जिले में प्रथम स्थान पाने में सफल हुई।
प्रिया सिंह, यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट जिला टॉपर 2020
गुरु ने पढ़ाई के साथ बनाया तनाव मुक्त माहौल
सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 में जिले में पहला स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा सौम्या यादव अपने शिक्षक राजेश मौर्या को अपना आदर्श गुरु मानती हैं। उनका कहना है कि उनके गुरु ने पढ़ाई के साथ ही तानव मुक्त माहौल भी बनाकर रखा। उनका कहना था कि तनाव में रहते हुए अच्छी शिक्षा प्राप्त नहीं की जा सकती। गुरु के उत्साहवर्धन और प्रेरणा से उसने कठिन मेहनत की और जिले में प्रथम स्थान बनाया। सौम्या का कहना है कि कोई भी छात्र अपने आदर्श गुरु के संदेश को जीवन में धारण कर बड़ी सफलता को हासिल कर सकता है।
सौम्या यादव, सीबीएसई इंटरमीडिएट 2020 जिला टॉपर