{"_id":"690825100a5bd1a9970a35f5","slug":"tds-irregularities-under-scanner-after-gst-scam-state-tax-department-begins-probe-into-3-000-crore-education-2025-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सक्लूसिव: जीएसटी के बाद अब टीडीएस में खेल, शिक्षा विभाग की खरीद पर जांच; तीन हजार करोड़ का बजट हुआ था जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सक्लूसिव: जीएसटी के बाद अब टीडीएस में खेल, शिक्षा विभाग की खरीद पर जांच; तीन हजार करोड़ का बजट हुआ था जारी
Mon, 03 Nov 2025 09:14 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 03 Nov 2025 09:14 AM IST
सार
करोड़ों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) चोरी केे मामलों के सामने आने के बाद अब राज्य कर (एसजीएसटी) विभाग ने स्रोत पर काटे गए टैक्स (टीडीएस) में खेल की जांच शुरू कर दी है। शासन के निर्देश के बाद आगरा समेत पूरे प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकाारियों (बीएसए) से पिछले एक साल में हुई खरीद, आपूर्ति व भुगतान की जानकारी मांगी गई है।
विज्ञापन
शिक्षक सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा समेत पूरे प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुई विभिन्न तरह की खरीद और आपूर्ति करने वाली फर्मों को किए गए भुगतान का पूरा ब्योरा देने को कहा गया है। शिक्षा विभाग में खरीद के लिए करीब तीन हजार करोड़ का बजट था। इसमें फर्मों का नाम, पता, किस दर पर खरीद हुई, कितने माल की आपूर्ति हुई, कितना भुगतान कितनी बार में किया गया और हर बिल में कितना टीडीएस काटकर भुगतान किया गया, इसका ब्योरा शामिल है।
कुल हुए खर्च, भुगतान और टीडीएस के बाद विभाग दाखिल रिटर्न की भी जांच करेगा। पिछले वित्तीय वर्ष में योगी सरकार ने स्कूली ड्रेस, बस्ते, स्वेटर एवं जूता-मोजा समेत विभिन्न सामग्री की खरीद के लिए करोड़ों रुपये का बजट रखा था। इसके अलावा कई अन्य मदों में भी खरीद व निर्माण संबंधी बजट व्यवस्था प्रस्तावित थी। इसी बजट के तहत विभाग में खरीद हुई।
कुछ समय पहले शासन को शिकायत मिली कि बेसिक शिक्षा विभाग में हो रही खरीद के दौरान आपूर्ति करने वाले ठेकेदारों को बिना टीडीएस काटे ही भुगतान किया जा रहा है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसजीएसटी विभाग को जांच के आदेश दिए गए।
विज्ञापन
टीडीएस काटकर ही होता है भुगतान
बीएसए जितेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग टीडीएस काटकर ही भुगतान करता है। इसका पूरा रिकाॅर्ड रखा जाता है। एसजीएसटी या कोई अन्य विभाग अगर कोई जानकारी मांगता है, तो उसे उपलब्ध करा दी जाएगी।
विभाग से मांगा ब्योरा
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 पंकज गांधी ने बताया कि शासन के निर्देश पर जानकारी जुटाई जा रही है। शिक्षा विभाग से 2024-25 में हुई खरीद, आपूर्ति और भुगतान संबंधी ब्योरा मांगा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
कुल हुए खर्च, भुगतान और टीडीएस के बाद विभाग दाखिल रिटर्न की भी जांच करेगा। पिछले वित्तीय वर्ष में योगी सरकार ने स्कूली ड्रेस, बस्ते, स्वेटर एवं जूता-मोजा समेत विभिन्न सामग्री की खरीद के लिए करोड़ों रुपये का बजट रखा था। इसके अलावा कई अन्य मदों में भी खरीद व निर्माण संबंधी बजट व्यवस्था प्रस्तावित थी। इसी बजट के तहत विभाग में खरीद हुई।
विज्ञापन
कुछ समय पहले शासन को शिकायत मिली कि बेसिक शिक्षा विभाग में हो रही खरीद के दौरान आपूर्ति करने वाले ठेकेदारों को बिना टीडीएस काटे ही भुगतान किया जा रहा है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसजीएसटी विभाग को जांच के आदेश दिए गए।
विज्ञापन
टीडीएस काटकर ही होता है भुगतान
बीएसए जितेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग टीडीएस काटकर ही भुगतान करता है। इसका पूरा रिकाॅर्ड रखा जाता है। एसजीएसटी या कोई अन्य विभाग अगर कोई जानकारी मांगता है, तो उसे उपलब्ध करा दी जाएगी।
विभाग से मांगा ब्योरा
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 पंकज गांधी ने बताया कि शासन के निर्देश पर जानकारी जुटाई जा रही है। शिक्षा विभाग से 2024-25 में हुई खरीद, आपूर्ति और भुगतान संबंधी ब्योरा मांगा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी।