{"_id":"672d9b0e598e2e0fca09b3cc","slug":"tbm-machine-first-time-in-agra-when-it-runs-earth-trembles-people-are-in-panic-disaster-struck-1700-houses-2024-11-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: आगरा में पहली बार आई ऐसी मशीन...जब चलती है तो कांपती है धरती, दहशत में लोग; 1700 मकानों पर आई आफत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: आगरा में पहली बार आई ऐसी मशीन...जब चलती है तो कांपती है धरती, दहशत में लोग; 1700 मकानों पर आई आफत
Fri, 08 Nov 2024 03:07 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
देश दीपक तिवारी, आगरा
देश दीपक तिवारी, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 08 Nov 2024 03:07 PM IST
सार
आगरा मेट्रो के लिए सुरंग खुदाई का काम ऐसी मशीन से किया जा रहा है, जो जब चलती है तो धरती कांपती है। इसकी कीमत 80 करोड़ है और वजन 500 टन। इस मशीन की लंबई 100 मीटर है, जिसका संचालन चार देशों के विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है।
विज्ञापन
Agra News
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भूमिगत मेट्रो के लिए सुरंग खुदाई में जिस टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसके चलने पर धरती कांपती है। पहाड़ तक हिल जाते हैं। पहली बार आगरा में 4 टीबीएम से 20 फीट व्यास की दोहरी समानांतर सुरंग खोदी जा रही हैं। जिनसे धरती पर .02 से .06 पीपीएम (पार्टिकल्स प्रति मिलीमीटर प्रति सेकंड) का कंपन पैदा हो रहा है। इस वजह से मोती कटरा क्षेत्र में पुराने मकानों की बुनियाद डगमगा गई है।
मिट्टी में खोदती है सुरंग
टीबीएम तीन तरह की होती हैं। एक जो पहाड़ों में सुरंग बनाती हैं। दूसरी जो मिट्टी और तीसरी मिट्टी व चट्टान दोनों से मिश्रित क्षेत्र में खुदाई करती हैं। आगरा मेट्रो में सुरंग खुदाई के लिए ईपीबी (अर्थ प्रेशर बैलेंस) तकनीक की टीबीएम का इस्तेमाल हो रहा है। ईपीबी तकनीक मिट्टी में सुरंग खोदती हैं।
ये भी पढ़ें - Mig-29 Crash: जांबाज पायलट मनीष मिश्रा... खुद की फिक्र न थी, ऐसे बचाई हजारों लोगों की जान; 16 साल का है अनुभव
विज्ञापन
विज्ञापन
मिट्टी में खोदती है सुरंग
टीबीएम तीन तरह की होती हैं। एक जो पहाड़ों में सुरंग बनाती हैं। दूसरी जो मिट्टी और तीसरी मिट्टी व चट्टान दोनों से मिश्रित क्षेत्र में खुदाई करती हैं। आगरा मेट्रो में सुरंग खुदाई के लिए ईपीबी (अर्थ प्रेशर बैलेंस) तकनीक की टीबीएम का इस्तेमाल हो रहा है। ईपीबी तकनीक मिट्टी में सुरंग खोदती हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - Mig-29 Crash: जांबाज पायलट मनीष मिश्रा... खुद की फिक्र न थी, ऐसे बचाई हजारों लोगों की जान; 16 साल का है अनुभव
विज्ञापन
1800 करोड़ का ठेका
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसीएल) से भूमिगत मेट्रो स्टेशन व ट्रैक निर्माण के लिए ठेकेदार फर्म एफकॉन ने 1800 करोड़ रुपये का ठेका लिया है। आगरा मेट्रो के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय के अनुसार धरती की सतह पर कंपन का अंतरराष्ट्रीय मानक 10 पीपीएम तक है। आगरा में मानक से बहुत कम कंपन हो रहा। एक टीबीएम की कीमत करीब 70 से 80 करोड़ रुपये तक होगी। 500 टन वजनी टीबीएम की लंबाई करीब 100 मीटर है। टीबीएम में 70 ब्लेड लगे हुए हैं। जिनका व्यास 6.6 मीटर है। हाइड्रोलिक प्रेशर से सुरंग के लिए मिट्टी की कटाई करती हैं।
ये भी पढ़ें - UP: शादी के आठ माह बाद पता चली पत्नी की ये बुरी आदत, इंजीनियर पति ने उठाया ऐसा कदम...सन्न रह गया परिवार
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसीएल) से भूमिगत मेट्रो स्टेशन व ट्रैक निर्माण के लिए ठेकेदार फर्म एफकॉन ने 1800 करोड़ रुपये का ठेका लिया है। आगरा मेट्रो के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय के अनुसार धरती की सतह पर कंपन का अंतरराष्ट्रीय मानक 10 पीपीएम तक है। आगरा में मानक से बहुत कम कंपन हो रहा। एक टीबीएम की कीमत करीब 70 से 80 करोड़ रुपये तक होगी। 500 टन वजनी टीबीएम की लंबाई करीब 100 मीटर है। टीबीएम में 70 ब्लेड लगे हुए हैं। जिनका व्यास 6.6 मीटर है। हाइड्रोलिक प्रेशर से सुरंग के लिए मिट्टी की कटाई करती हैं।
ये भी पढ़ें - UP: शादी के आठ माह बाद पता चली पत्नी की ये बुरी आदत, इंजीनियर पति ने उठाया ऐसा कदम...सन्न रह गया परिवार
टीबीएम के संचालन में चार देशों के विशेषज्ञ शामिल
टीबीएम की संचालन टीम में फिलिपींस, जर्मनी, थाईलैंड व अमेरिकी विशेषज्ञ शामिल हैं। 24 घंटे में एक टीबीएम से 10 से 12 मीटर लंबी सुरंग खोदी जा सकती है। मोती कटरा क्षेत्र में सुरंग खुदाई से घरों में क्षति आने के बाद टीबीएम की रफ्तार धीमी कर दी गई है। अब 24 घंटे में 5 से 6 मीटर सुरंग की खुदाई हो रही है।
टीबीएम की संचालन टीम में फिलिपींस, जर्मनी, थाईलैंड व अमेरिकी विशेषज्ञ शामिल हैं। 24 घंटे में एक टीबीएम से 10 से 12 मीटर लंबी सुरंग खोदी जा सकती है। मोती कटरा क्षेत्र में सुरंग खुदाई से घरों में क्षति आने के बाद टीबीएम की रफ्तार धीमी कर दी गई है। अब 24 घंटे में 5 से 6 मीटर सुरंग की खुदाई हो रही है।