{"_id":"62f219f37cf1673ff31f085b","slug":"tazia-made-with-tricolor-on-muharram-in-agra-up-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muharram 2022: आगरा में तिरंगे के रंग में रंगा ताजिया, बना हुआ है आकर्षण का केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muharram 2022: आगरा में तिरंगे के रंग में रंगा ताजिया, बना हुआ है आकर्षण का केंद्र
Tue, 09 Aug 2022 01:55 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 09 Aug 2022 01:55 PM IST
सार
शाहगंज के आजम पाड़ा निवासी मुस्लिम युवक नवाब गुल चमन शेरवानी ने राष्ट्रीय ध्वज के रंग में रंगा तिरंगा ताजिया बनाया है। ये ताजिया इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
विज्ञापन
तिरंगे के रंग से बना ताजिया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विज्ञापन
देश में स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। हर घर तिरंगा अभियान से जुड़कर पूरे देश में लोग अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने की तैयारी में हैं, तो वहीं ताजनगरी आगरा में ताजिए को पूरी तरह से तिरंगे के रंग से सजा दिया गया है।
मोहब्बत की नगरी आगरा में राष्ट्रगीत वंदे मातरम तथा तिरंगा प्रेम के चलते सुर्खियों में आए शाहगंज के आजम पाड़ा निवासी मुस्लिम युवक नवाब गुल चमन शेरवानी ने राष्ट्रीय ध्वज के रंग में रंगा तिरंगा ताजिया बनाया है। ये ताजिया इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बता दें नवाब गुल चमन शेरवानी राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाने के बाद सुर्खियों में आए थे। उन्होंने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के विरुद्ध फतवा जारी करने वाले देश के 10 बड़े मौलानाओं पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने की मांग करते हुए भूख हड़ताल की थी, जिसका देश भर के मुसलमानों ने भारी विरोध किया था।
विज्ञापन
मोहब्बत की नगरी आगरा में राष्ट्रगीत वंदे मातरम तथा तिरंगा प्रेम के चलते सुर्खियों में आए शाहगंज के आजम पाड़ा निवासी मुस्लिम युवक नवाब गुल चमन शेरवानी ने राष्ट्रीय ध्वज के रंग में रंगा तिरंगा ताजिया बनाया है। ये ताजिया इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बता दें नवाब गुल चमन शेरवानी राष्ट्रगीत वंदे मातरम गाने के बाद सुर्खियों में आए थे। उन्होंने राष्ट्रगीत वंदे मातरम के विरुद्ध फतवा जारी करने वाले देश के 10 बड़े मौलानाओं पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने की मांग करते हुए भूख हड़ताल की थी, जिसका देश भर के मुसलमानों ने भारी विरोध किया था।
विज्ञापन
बकरे के चित्र वाला केक काटकर मनाई थी बकरा ईद
हाल ही में शेरवानी ने बकरे के चित्र वाला केक काटकर बकरा ईद मनाई थी। आगरा के शहर मुफ्ती ने शेरवानी के विरुद्ध फतवा जारी करते हुए कहा था कि मरने के बाद उन्हें कब्रिस्तान में दफनाया नहीं जाए। उसके बाद भी शेरवानी का हौसला कम नहीं हो रहा है। शेरवानी का कहना है कि मेरा मजाक और वतन आमने सामने नहीं है, एक साथ खड़े हैं।
विज्ञापन