फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Task force formed yet wastage of ground water did not stop in agra

Ground Water Level: ताजनगरी में टास्क फोर्स बनी फिर भी नहीं रुकी भूजल की बर्बादी, चौंका रही रिपोर्ट

Thu, 27 Oct 2022 02:47 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 27 Oct 2022 02:47 PM IST
सार

 बैठक के नाम पर अफसर रस्मअदायगी कर रहे हैं। अवैध बोरिंग कराने पर एफआईआर न कोई जुर्माना वसूला जा रहा है। आलम ये है कि जिले में 12 ब्लॉक व शहरी क्षेत्र डार्क जोन घोषित हो चुके हैं।  
 

विज्ञापन
Task force formed yet wastage of ground water did not stop in agra
भूगर्भ जलस्तर में गिरावट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में भूगर्भ जल प्रबंधन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स बनी, लेकिन भूजल की बर्बादी नहीं रुकी। अवैध बोरिंग पर तीन साल में न कोई एफआईआर दर्ज हुई, न ही जुर्माना वसूला गया। ये स्थिति तब है जब बिना पंजीकरण बोरिंग कराने पर जिले में रोक है। जिले में 12 ब्लॉक व शहरी क्षेत्र डार्क जोन घोषित है।

विज्ञापन


भूजल का अंधाधुंध दोहन रोकने के लिए 2019 में भूगर्भ जल अधिनियम पारित हुआ। भूजल के व्यावसायिक उपयोग को नियंत्रित करने व कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स बनी। मुख्य विकास अधिकारी इसके सचिव हैं। भूगर्भ जल नोडल विभाग हैं। तीन साल में टास्क फोर्स ने महज 6 आरओ प्लांट पर कार्रवाई की। जिले में 2500 से अधिक अवैध आरओ प्लांट संचालित हैं। बिना पंजीकरण बोरिंग पर 2.50 लाख रुपये तक जुर्माना, एफआईआर पर 6 महीने तक सजा का एक्ट में प्रावधान है, लेकिन एक्ट कागजों तक सीमित है। सर्विस सेंटर, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा के अलावा डेयरी, वाटर पार्क, स्वीमिंग पूल, कारखाने, हॉस्पिटल में बिना एनओसी भूजल दोहन हो रहा है। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें - ताज के दीदार की दीवानगी: अव्यवस्थाओं के बीच 30 हजार से ज्यादा पर्यटकों ने निहारा ताजमहल

विज्ञापन
विज्ञापन


गंगा पर निर्भर प्यास

शहर में यमुना का पानी पीने लायक नहीं। ऐसे में तीन हजार करोड़ रुपये से बुलंदशहर से गंगाजल लाकर शहर की प्यास बुझाने की कवायद पिछले 20 साल से चल रही है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में भूगर्भ जल संकट के कारण जल जीवन मिशन दम तोड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अपर गंगा कैनाल से फिरोजाबाद के रास्ते गंगाजल लाने की योजना है। इधर भूजल रिचार्ज, संरक्षण एवं प्रबंधन के इंतजाम कागजों में धूल फांक रहे हैं।

कराया जा रहा सर्वे

मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन ने बताया कि अवैध बोरिंग, बिना एनओसी भूजल दोहन का सर्वे कराया जा रहा है। अवैध भूजल दोहन पर 2.50 लाख रुपये जुर्माना व 6 माह से एक साल तक सजा का प्रावधान है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed