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‘सौंदर्य पूनो’ पर छाई बदली
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2015 02:26 AM IST
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शरद पूर्णिमा की रात। चांद सर्वाधिक चमकदार। इसकी चांदनी जब संगमरमर से तराशे ताजमहल पर पड़ती है तो सौंदर्य की ‘चमकी’ से देखने वालों की आंखों के रास्ते कभी न भूलने वाली याद बनकर दिल में उतर जाती है। इस बार बादलों ने लेकिन मजा किरकिरा कर दिया। बादलों ने जब चांद के साथ लुकाछिपी खेलना शुरू किया तो उनकी यह अठखेलियां ताजमहल के ‘सौंदर्य पूर्णिमा’ पर बदली बनकर छा गईं।
मंगलवार देर शाम साढ़े आठ बजे से रात 12:30 बजे तक आठ ग्रुपों में 400 पर्यटकों ने ताज का दीदार किया। हर ग्रुप में 50-50 पर्यटकों को प्रवेश दिया गया। इनके लिए आधे घंटे का वक्त दीदारे-ताज के लिए मुकर्रर है। शाम के समय बादल नहीं थे, शुरूआती बैच के पर्यटकों को शरद पूर्णिमा की चांदनी में ताज दूधिया सौंदर्य ही नहीं पच्चीकारी के नगीनों से फूटती चमक (जिसे स्थानीय लोग चमकी कहते हैं) भी देखना नसीब हुआ। रात 10:30 बजते-बजते बादल की आवाजाही से चांदनी फीकी पड़ गई। इससे पत्थरों की चमक भी धुंधला गई जो आज की रात की विशेषता है।
दूर से चमकी देखने की कोशिश
सोमवार को सभी आठ बैच फुल हो गए। टिकट के लिए लाइन में खड़े बड़ी संख्या में पर्यटकों को लौटना पड़ा। ऐसे तमाम लोगों ने ताजगंज के होटलों और घरों की छतों पर खड़े होकर ‘चमकी’ देखने की कोशिश की। वहीं तमाम पर्यटकों ने महताब बाग और कछपुरा की तरफ से भी ताज देखा। बाद में बादलों ने इनका भी मजा किरकिरा किया।
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महताब बाग में जाने से रोका
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी महताब बाग से ताज देखने पहुंचे। सूत्रों की मुताबिक महताब बाग को खोला नहीं गया। आम लोग भी जाना चाह रहे थे, पुलिस ने उनको रोक दिया।
आज रात्रि दर्शन में 286 पर्यटक
बुधवार को रात्रि दर्शन के लिए 286 पर्यटकों ने टिकट लिया है। पांच ग्रुपों में वे चांदनी रात में ताजमहल देखेंगे।
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मंगलवार देर शाम साढ़े आठ बजे से रात 12:30 बजे तक आठ ग्रुपों में 400 पर्यटकों ने ताज का दीदार किया। हर ग्रुप में 50-50 पर्यटकों को प्रवेश दिया गया। इनके लिए आधे घंटे का वक्त दीदारे-ताज के लिए मुकर्रर है। शाम के समय बादल नहीं थे, शुरूआती बैच के पर्यटकों को शरद पूर्णिमा की चांदनी में ताज दूधिया सौंदर्य ही नहीं पच्चीकारी के नगीनों से फूटती चमक (जिसे स्थानीय लोग चमकी कहते हैं) भी देखना नसीब हुआ। रात 10:30 बजते-बजते बादल की आवाजाही से चांदनी फीकी पड़ गई। इससे पत्थरों की चमक भी धुंधला गई जो आज की रात की विशेषता है।
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दूर से चमकी देखने की कोशिश
सोमवार को सभी आठ बैच फुल हो गए। टिकट के लिए लाइन में खड़े बड़ी संख्या में पर्यटकों को लौटना पड़ा। ऐसे तमाम लोगों ने ताजगंज के होटलों और घरों की छतों पर खड़े होकर ‘चमकी’ देखने की कोशिश की। वहीं तमाम पर्यटकों ने महताब बाग और कछपुरा की तरफ से भी ताज देखा। बाद में बादलों ने इनका भी मजा किरकिरा किया।
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महताब बाग में जाने से रोका
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी महताब बाग से ताज देखने पहुंचे। सूत्रों की मुताबिक महताब बाग को खोला नहीं गया। आम लोग भी जाना चाह रहे थे, पुलिस ने उनको रोक दिया।
आज रात्रि दर्शन में 286 पर्यटक
बुधवार को रात्रि दर्शन के लिए 286 पर्यटकों ने टिकट लिया है। पांच ग्रुपों में वे चांदनी रात में ताजमहल देखेंगे।