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ताजगंज में बड़ी कार्रवाई की तैयारी, 359 निर्माणों पर गिरेगी गाज
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 14 May 2016 02:03 AM IST
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अवैध निर्माण
- फोटो : अमर उजाला
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ताजगंज में 359 अवैध निर्माणों पर किसी भी दिन गाज गिर सकती है। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने पांच साल का रिकॉर्ड तैयार कर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें से अधिकांश वे निर्माण हैं, जिनका या तो मानचित्र स्वीकृत नहीं है या फिर मानचित्र के विपरीत निर्माण हुआ है। कई को नोटिस भी भेजे जा चुके हैं। एडीए सूत्रों की मानें तो शहर के तमाम क्षेत्रों में हुए अवैध निर्माणों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
शहर की दूसरी कालोनियां तो दूर एडीए द्वारा विकसित ताजनगरी में ही तमाम अवैध निर्माण हो गए हैं। ऐसे कई मकान, दुकान, शोरूम और होटल हैं, जहां मानचित्र के विपरीत निर्माण करा लिया गया है। पुरानी फाइलों के आधार पर अवैध निर्माणों की सूची तैयार कर ली गई है। अब नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके बाद इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी। पांच साल के रिकॉर्ड के मुताबिक ताजगंज क्षेत्र में सबसे ज्यादा अवैध निर्माण वर्ष 2014-15 में हुए हैं। बीते साल भी अवैध निर्माणों की संख्या कम नहीं रही।
एडीए की मिलीभगत
ऐसा नहीं है कि अवैध निर्माण एडीए की नजर में अभी आए हैं। निर्माण शुरू होते ही एडीए कर्मचारियों को इसकी जानकारी हो जाती है। तब वे इसे न तो रोकने की कोशिश करते हैं और न ही सील करने की। जब निर्माण पूरा हो जाता है तब उसे नोटिस भेजा जाता है। क्योंकि लाखों रुपये लगाने के बाद कोई भी निर्माणकर्ता बिल्डिंग को सील नहीं होने देना चाहता। इसके लिए वे कर्मचारियों से अंडरटेबिल सेटिंग कर अपने काम चलाते रहते हैं। हालांकि खानापूर्ति के लिए फाइल तैयार होती रहती है।
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वर्ष चिह्नित किए निर्माण
2011-12 11
2012-13 85
2013-14 71
2014-15 97
2015-16 95
खाली होंगी सदर की 121 दुकानें
लीज खत्म होने पर दिया एक सप्ताह में खाली करने का नोटिस
छावनी बोर्ड के सदस्यों की दुकानें भी हैं शामिल, मचा हड़कंप
आगरा। छावनी परिषद ने सदर बाजार शॉपिंग आर्केड की 121 दुकानों को एक सप्ताह में खाली करने का नोटिस भेजा है। इनमें छावनी बोर्ड के सदस्यों की दुकानें भी शामिल हैं। इससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।
सदर बाजार के शॉपिंग आर्केड की आधे से अधिक दुकानदारों की 30 साल के पट्टे (लीज) की समयावधि खत्म हो चुकी है। इसके बाद भी दुकानदारों ने न तो लीज का नवीनीकरण कराया है और न ही किराया अदा कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि छावनी परिषद सभी दुकानों का किराया नए सिरे से निर्धारित करने या दोबारा नीलामी कराने पर विचार कर रहा है। छावनी प्रशासन के पास इस तरह की शिकायतें भी आई हैं कि लोगों ने लीज पर ली दुकानों को अन्य लोगों को हस्तांतरित कर दिया है। छावनी बोर्ड के राजस्व अधिकारी कुलविंदर सिंह ने बताया कि छावनी की 121 दुकानों की लीज खत्म होने पर नोटिस भेजा गया है। ये दुकानदार अनाधिकृत रूप से दुकानों पर काबिज हैं।
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शहर की दूसरी कालोनियां तो दूर एडीए द्वारा विकसित ताजनगरी में ही तमाम अवैध निर्माण हो गए हैं। ऐसे कई मकान, दुकान, शोरूम और होटल हैं, जहां मानचित्र के विपरीत निर्माण करा लिया गया है। पुरानी फाइलों के आधार पर अवैध निर्माणों की सूची तैयार कर ली गई है। अब नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके बाद इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी। पांच साल के रिकॉर्ड के मुताबिक ताजगंज क्षेत्र में सबसे ज्यादा अवैध निर्माण वर्ष 2014-15 में हुए हैं। बीते साल भी अवैध निर्माणों की संख्या कम नहीं रही।
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एडीए की मिलीभगत
ऐसा नहीं है कि अवैध निर्माण एडीए की नजर में अभी आए हैं। निर्माण शुरू होते ही एडीए कर्मचारियों को इसकी जानकारी हो जाती है। तब वे इसे न तो रोकने की कोशिश करते हैं और न ही सील करने की। जब निर्माण पूरा हो जाता है तब उसे नोटिस भेजा जाता है। क्योंकि लाखों रुपये लगाने के बाद कोई भी निर्माणकर्ता बिल्डिंग को सील नहीं होने देना चाहता। इसके लिए वे कर्मचारियों से अंडरटेबिल सेटिंग कर अपने काम चलाते रहते हैं। हालांकि खानापूर्ति के लिए फाइल तैयार होती रहती है।
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वर्ष चिह्नित किए निर्माण
2011-12 11
2012-13 85
2013-14 71
2014-15 97
2015-16 95
खाली होंगी सदर की 121 दुकानें
लीज खत्म होने पर दिया एक सप्ताह में खाली करने का नोटिस
छावनी बोर्ड के सदस्यों की दुकानें भी हैं शामिल, मचा हड़कंप
आगरा। छावनी परिषद ने सदर बाजार शॉपिंग आर्केड की 121 दुकानों को एक सप्ताह में खाली करने का नोटिस भेजा है। इनमें छावनी बोर्ड के सदस्यों की दुकानें भी शामिल हैं। इससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया है।
सदर बाजार के शॉपिंग आर्केड की आधे से अधिक दुकानदारों की 30 साल के पट्टे (लीज) की समयावधि खत्म हो चुकी है। इसके बाद भी दुकानदारों ने न तो लीज का नवीनीकरण कराया है और न ही किराया अदा कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि छावनी परिषद सभी दुकानों का किराया नए सिरे से निर्धारित करने या दोबारा नीलामी कराने पर विचार कर रहा है। छावनी प्रशासन के पास इस तरह की शिकायतें भी आई हैं कि लोगों ने लीज पर ली दुकानों को अन्य लोगों को हस्तांतरित कर दिया है। छावनी बोर्ड के राजस्व अधिकारी कुलविंदर सिंह ने बताया कि छावनी की 121 दुकानों की लीज खत्म होने पर नोटिस भेजा गया है। ये दुकानदार अनाधिकृत रूप से दुकानों पर काबिज हैं।