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आगरा कालेज में संस्कृति का सतरंगी संगम

Sun, 22 Feb 2015 01:56 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
ब्यूरो, अमर उजाला Updated Sun, 22 Feb 2015 01:56 AM IST
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शनिवार को सतरंगी संस्कृति के संगम का गवाह बना आगरा कालेज। गंगाधर शास्त्री सभागार में देश की विभिन्न विधाओं और कलाआें को एक मंच पर देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। गायकी ने शमां बांधा तो दीप नृत्य ने रोम रोम आनंदित कर दिया। ताज महोत्सव के अंतर्गत कलाकारों ने एक से बढ़कर एक पांच प्रस्तुतियां दी। कॉलेज प्राचार्य डा. मनोज रावत ने कलाकारों को स्मृति चिह्न भेंट किए।
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हम सब मिलकर चलो मनाएं, ताज महल का प्रेम संदेशा... सुधीर नारायण यह गीत गाया तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूूंज उठा। गायकी में दिनेश श्रीवास्तव और अन्य कलाकाराें ने साथ दिया। दूरदर्शन कलाकार मोहित कुमार के मोहन वीणा बजाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्हाेंने गांधी जी के प्रिय गीत पीर पराई जाने ना...पर प्रस्तुति दी। सभागार में आंध्रप्रदेश की संस्कृति भी दिखी। दक्षिण भारत के कलाकारों ने कुचीपुड़ी नृत्य किया। भाव भंगिमा और सधे हुए कदमाें की लोगों ने प्रशंसा की। श्रीदेवी, भैरवी, लक्ष्मी, आयना, नंदनी और सिंधू की कला दर्शकों ने तालियाें के साथ स्वागत किया।
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आयो रसिया रे...
जय गोवर्धन महाराज...रसिया आयो रे... गीत पर फूलाें की होली खेलते राधा-कृष्ण के स्वरूप। बृज लोक कला फाउंडेशन की रजनी ने राधा और सोनू ने कृष्ण के स्वरूप में गोपियों संग रासोत्सव किया। सबसे आकर्षण चरकुला नृत्य रहा। इसमें गिरधर गोपाल ने दीप और तश्तरी नृत्य किया।
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बेटी बचाओ का दिया संदेश
आगरा कालेज के ‘संप्रेषण’ कार्यक्रम के तहत बेटी बचाओ का संदेश दिया। सोनिया, प्रिया, कीर्ति, ऋतु और खुशबू ने ओरी चिरइया...पर सामूहिक नृत्य किया। शिक्षिका रीता ने गीत प्रस्तुत किया। जागृति, शिवानी, प्रियंका ने पुराने गीतों पर नृत्य किया। डा. सुशील सरित और डा. रेखा पत्सरिया ने संचालन किया। डा. वीके माहेश्वरी, डा. अमित अग्रवाल, डा. सुरेंद्र सिंह, डा. दीपा रावत, डा. एसपी गोयल, डा. अपर्णा पोद्दार आदि मौजूद रहे।



कुचीपुड़ी का बढ़ रहा क्रेज -
पद्मश्री जय रामाराव का कहना है कि आंध्रप्रदेश का कुचीपुड़ी अब उत्तर भारत में जगह बना रहा है। मूलत: यह पुरुषों का नृत्य है। अब महिलाएं भी इसे सीख रही हैं। दिल्ली में अकादमी चलाने वाले रामाराव ने बताया कि बैच में 40 छात्राएं हैं। बीते 40 साल से प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ शौकिया ही नहीं छात्राएं बतौर कॅरियर इसमें रुचि ले रही हैं।
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