Taj Mahotsav 2023: शिल्पग्राम में 18 फरवरी से ताज महोत्सव का आयोजन, जानें इस बार क्या होगा खास
मुक्ताकाशीय मंच पर आकर्षक मुख्य मंच तैयार किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और स्थानीय कलाकारों को ताज महोत्सव में अपनी कला को प्रदर्शित करने का मौका दिया जाएगा।
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आगरा के शिल्पग्राम में 18 से 27 फरवरी के बीच कला, शिल्प, संस्कृति व व्यंजनों के 10 दिवसीय उत्सव ''ताज महोत्सव 2023'' की शुरुआत होने जा रही है। देशभर के विभिन्न प्रांतों के हस्त शिल्पी व कलाकार अपने शिल्प व कला का प्रदर्शन करेंगे। इससे शिल्पग्राम मिनी भारत बना नजर आएगा। ताज महोत्सव के 31वें आयोजन की थीम विश्व बंधुत्व (जी-20) रखी गई है। शिल्पग्राम में करीब 400 स्टाल बनाई गई है, जिसमें 15 फूड स्टॉल भी हैं। फन जोन में बच्चों के लिए झूले रहेंगे। इस बार करीब 350 शिल्पी महोत्सव में शिरकत कर रहे है।
ताज महोत्सव भारत की समृद्ध कलाओं, शिल्प, संस्कृतियों, व्यंजनों, नृत्य और संगीत को प्रदर्शित करता है। दुनिया के सबसे खूबसूरत स्मारकों में से एक ताजमहल के निकट शिल्पग्राम में हर साल ताज महोत्सव का आयोजन किया जाता है। शिल्पग्राम में 18 से 27 फरवरी तक आयोजित होने वाले महोत्सव में 350 से अधिक शिल्पी शिरकत कर रहे हैं। इसमें सहारनपुर का वुड क्राफ्ट, कश्मीर का सूट व पशमीना शाल, फरीदाबाद का टेराकोटा, प. बंगाल की कांथा साड़ी, वाराणसी की सिल्क साड़ी, बिहार का सिल्क, भदोही का कारपेट, लखनऊ का चिकन वस्त्र, आंध्र प्रदेश का क्रोशिया व सिल्क, खुर्जा की पाटरी, आसाम का केन फर्नीचर महोत्सव में पर्यटकों को आकर्षित करेगा। वहीं ताज महोत्सव खाने के शौकीनों के लिए यहां विभिन्न प्रकार के व्यंजन और विश्व प्रसिद्ध भोजन भी होंगे जिनका लुत्फ देसी- विदेशी पर्यटकों के साथ स्थानीय लोग भी उठा सकते हैं।
सूरसदन, सदर में भी होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश पर्यटन के संयुक्त निदेशक पर्यटन अविनाश कुमार मिश्रा ने बताया कि शिल्पग्राम में ताज महोत्सव के लिए रंगाई-पुताई का काम समय से पूरा कर लिया गया है। इस बार जी-20 की मेजबानी भारत को मिली है, तो इस बार की थीम विश्व बंधुत्व (जी-20) रखी गई है। थीम के आधार पर ही शिल्पग्राम की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग की जा रही हैं। वहीं मुक्ताकाशीय मंच पर आकर्षक मुख्य मंच तैयार किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और स्थानीय कलाकारों को ताज महोत्सव में अपनी कला को प्रदर्शित करने का मौका दिया जाएगा। शास्त्रीय संगीत, लोक गीत, स्थानीय लोक गीत, नृत्य, रियलिटी शो के कलाकारों के साथ ही लोकप्रिय पार्श्व गायकों द्वारा बॉलीवुड नाइट का आयोजन भी किया जाएगा। इसके साथ ही सूरसदन में कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया जाएगा। सबसे ज्यादा ध्यान इस पर दिया गया कि ऐसे कवि बुलाए जाएं जो श्रोताओं की पसंद हैं।
ललित कला संस्थान के छात्र सजा रहे शिल्पग्राम
शिल्पग्राम को अपनी मनमोहक चित्रकारी से सजाने का जिम्मा ललित कला संस्थान के छात्र-छात्राओं को सौंपा गया है। ललित कला संस्थान की छात्रा प्रीति शाह ने बताया कि विश्व बंधुत्व (जी-20) थीम के मुताबिक ही दीवारों पर और खंभे पर पेंटिंग की जा रही है। पेंटिंग में भारतीय संस्कृति, भारत की विभिन्न नृत्य कला, विरासत, ब्रज की संस्कृति के साथ ही जी-20 देशों के प्रसिद्ध स्मारकों को जी-20 के लोगो को भी तूलिका की मदद से दीवारों पर उकेरा गया है। इन सभी पेंटिंग में सबसे ज्यादा राम जन्मभूमि और राधा कृष्ण की पेंटिंग लोगो को सबसे ज्यादा आकर्षित करेगी।
ताज महोत्सव में प्रवेश शुल्क 50 रुपये रहेगा
ताज महोत्सव में प्रवेश शुल्क 50 रुपये रहेगा। तीन वर्ष तक के बच्चों का प्रवेश निशुल्क रहेगा। ताजमहल देखने आए पर्यटक द्वारा उसी तिथि का ताजमहल का टिकट दिखाने पर निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। विदेशी पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह से निशुल्क रहेगा। जबकि स्कूल यूनिफॉर्म में 100 स्कूल के बच्चों के समूह के लिए टिकट की कीमत 500 रुपये है और स्कूल के बच्चों के साथ दो शिक्षकों के प्रवेश निशुल्क है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए अलग से कोई टिकट नहीं हैं।