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Lockdown: 17 मार्च से बंद ताजमहल, सौंदर्य को और दमकाने के लिए मडपैक भी नहीं हो पा रहा

Thu, 07 May 2020 01:57 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 07 May 2020 01:57 PM IST
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taj mahal closed for more than 50 days due to lockdown
ताजमहल - फोटो : Amar Ujala
जिस ताजमहल के दीदार के लिए रोज सुबह से कतारें लग जाती है, वो 17 मार्च से बंद है। 1653 में तामीर होने के बाद चार सदियों में यह पहला मौका है, जब मोहब्बत की निशानी इतने लंबे समय तक सन्नाटे में रही है। इसके सौंदर्य को और दमकाने के लिए मडपैक भी अब नहीं हो पा रहा है। सैलानियों पर तो पाबंदी है ही, पुरातत्व विभाग के कर्मचारी भी गिने चुने आ रहे हैं।
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ताजमहल के साथ ही मुगलों की शान आगरा किला और अकबर की फतेहपुर सीकरी सहित सभी स्मारक की रौनक पर लॉकडाउन है। नूरजहां के वालिद मिर्जा ग्यास बेग का मकबरा एत्माद्दौला भी नहीं खुला है। न ही अकबर के मकबरे के मुख्य दरवाजे का ताला खुल पाया है। स्मारकों में छोटे दरवाजे से उद्यान शाखा के गिने चुने कर्मचारी रोस्टर बनाकर आ रहे हैं।
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एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) ने 17 मार्च की सुबह से ही सभी स्मारक बंद करा दिए थे। पहले स्मारकों को 31 मार्च तक के लिए बंद करने का हुक्म था। इसी बीच लॉकडाउन हो गया जो बढ़ता ही गया। गुरुवार को (सात मई) को स्मारकों को बंद हुए 52 दिन हो गए।
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ताजमहल 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान चार से 18 दिसंबर तक 15 दिन के लिए बंद किया गया था। इसके बाद बाद वर्ष 1978 में यमुना में बाढ़ आने पर सितंबर में सात दिन बंद रहा था। अन्य स्मारक कभी बंद ही नहीं किए गए। इनमें एत्माद्दौला, आगरा किला, सीकरी और अकबर का मकबरा ताज से भी पुराने हैं।

संरक्षण कार्य लॉकडाउन के बाद होंगे

एएसआई की रसायन शाखा ने 17 मार्च को स्मारक बंद होने के बाद ताज के गुंबद पर मडपैक का काम शुरू कराया था। इससे ताज का हुस्न और निखर आया था। ताजमहल व आगरा किला में अन्य संरक्षण कार्य चल रहे थे। लॉकडाउन होने के बाद इन पर ब्रेक लग गया।

कुछ राहत राशि हमें दी जाए

गाइड रोज कमाने और खाने वाले लोग हैं 50 दिन से घर पर बैठे हैं। हमने पर्यटन मंत्रालय को पत्र लिखकर मांग की है कि कुछ राहत राशि हमें भी दी जाए जिससे घर का खर्च चल सके। जो बचत थी वह अब तक 2 महीनों में खर्च हो चुकी है। सैकड़ों गाइड भुखमरी के कगार पर आकर परेशान हैं। - शमशुद्दीन अध्यक्ष, एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन 

सरकार को कुछ सोचना चाहिए

लॉकडाउन के कारण 50 दिन से पूरा पर्यटन उद्योग बंद हो चुका है और लोग दाने-दाने के लिए मोहताज हो रहे हैं। यह लॉकडाउन कब तक खुलेगा, अभी इसकी संभावना भी नहीं है। ऐसे में सरकार को हर रोज खाने कमाने वाले लोगों के लिए कुछ सोचना चाहिए। आखिर कितने दिन तक बेरोजगार लोग अपना जीवन यापन कर सकेंगे।- राकेश चौहान अध्यक्ष, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन 

बंदी ने तोड़ी होटल मालिकों की कमर

होटल रेस्टोरेंट और गाइडों के साथ पर्यटन उद्योग में ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो हर रोज कमाते हैं। इन लोगों को राहत देने के लिए सरकार कोई पैकेज दे। 50 दिनों की बंदी ने होटल मालिकों की कमर तोड़ दी है। बिजली बिल भी नही दे पाएंगे। - संजीव जैन महासचिव, होटल एसोसिएशन
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