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Holi 2025: होली पर कान और आंख को हो सकता है नुकसान, ऐसे करें खुद का बचाव; चिकित्सक बोले- बच्चों का रखें ध्यान
Fri, 14 Mar 2025 05:01 AM IST
अरुन पाराशर
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Fri, 14 Mar 2025 05:01 AM IST
सार
होली पर सिंथेटिक रंग का इस्तेमाल खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में चिकित्सकों ने कुछ एहतियात बरतने की सलाह दी है। साथ ही किसी भी तरह की परेशानी होने पर लापरवाही न बरतें।
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होली
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
होली में सिंथेटिक रंग के बजाय हर्बल गुलाल के उपयोग की सलाह चिकित्सक दे रहे हैं। सिंथेटिक रंगों से एलर्जी, आंख-कान में संक्रमण का खतरा है। इस वजह से होली खेलने से पहले चेहरे, गर्दन और बालों में नारियल का तेल लगाने की सलाह दी जा रही है।
ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक मित्तल ने बताया कि सिंथेटिक रंग में रासायनिक तत्व होते हैं। ये त्वचा के साथ कान और आंखों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। कान में रंग जाने पर संक्रमण हो सकता है। कान का पर्दा प्रभावित होता है। आंख में काॅर्निया खराब हो सकती है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तिरुपति नाथ ने बताया कि आंख में रंग-गुलाल जाने पर उसे रगड़े नहीं, साफ पानी से धोएं। आराम नहीं मिलने पर चिकित्सक की परामर्श से आई ड्रॉप डालें। एसएन के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि सिंथेटिक रंग से त्वचा पर चकत्ते, लाल दाने, एलर्जी की परेशानी का सबसे ज्यादा खतरा है। होली के बाद ऐसे मरीजों की संख्या दोगुने तक बढ़ जाती है।
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इन बातों का रखें ख्याल
- कान के पर्दे में छेद हो या कान बहते हैं तो रुई लगाकर होली खेलें।
- गुब्बारा फेंककर न मारें, इससे बचने के लिए कानों पर हाथ रख कर चेहरा झुका लें।
- चेहरे, गर्दन और बालों में नारियल का तेल लगा लें। चश्मा और सिर पर टोपी लगा सकते हैं।
- रंग साफ करने के लिए साबुन से चेहरे को बार-बार न धोएं, मॉइश्चराइजर क्रीम लगा सकते हैं।
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ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक मित्तल ने बताया कि सिंथेटिक रंग में रासायनिक तत्व होते हैं। ये त्वचा के साथ कान और आंखों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। कान में रंग जाने पर संक्रमण हो सकता है। कान का पर्दा प्रभावित होता है। आंख में काॅर्निया खराब हो सकती है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तिरुपति नाथ ने बताया कि आंख में रंग-गुलाल जाने पर उसे रगड़े नहीं, साफ पानी से धोएं। आराम नहीं मिलने पर चिकित्सक की परामर्श से आई ड्रॉप डालें। एसएन के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि सिंथेटिक रंग से त्वचा पर चकत्ते, लाल दाने, एलर्जी की परेशानी का सबसे ज्यादा खतरा है। होली के बाद ऐसे मरीजों की संख्या दोगुने तक बढ़ जाती है।
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इन बातों का रखें ख्याल
- कान के पर्दे में छेद हो या कान बहते हैं तो रुई लगाकर होली खेलें।
- गुब्बारा फेंककर न मारें, इससे बचने के लिए कानों पर हाथ रख कर चेहरा झुका लें।
- चेहरे, गर्दन और बालों में नारियल का तेल लगा लें। चश्मा और सिर पर टोपी लगा सकते हैं।
- रंग साफ करने के लिए साबुन से चेहरे को बार-बार न धोएं, मॉइश्चराइजर क्रीम लगा सकते हैं।