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लापरवाहीः कोरोना वायरस के लक्षण किए नजरअंदाज, पड़ोसियों को भी कर दिया बीमार, बरतें ये सावधानी
Mon, 05 Oct 2020 06:38 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 05 Oct 2020 06:38 AM IST
सार
यमुना पार में 32 साल के युवक को बुखार आया तो उसने मेडिकल स्टोर से दवा ले ली, लेकिन बाहर जाना बंद नहीं किया। एक-दो दिन
में फिर गले में खराश और खांसी होने लगी तो जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उसके मित्र ने संदेह पर जांच कराई तो वह भी
संक्रमित मिला।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
बुखार-खांसी और गले में खराश जैसे लक्षण होने के बावजूद अस्पताल नहीं जा रहे लोग पड़ोसियों को भी संक्रमित कर रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज की ट्राएज ओपीडी में रोज ऐसे दो से पांच संक्रमित आ रहे हैं जिन्हें संक्रमण पड़ोसियों से मिला। कांटेक्ट ट्रैसिंग में इसकी जानकारी मिल रही है।
ओपीडी प्रभारी डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि बुखार-खांसी और गले में खराश की परेशानी के रोजाना 350 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनकी स्क्रीनिंग में कोरोना के संदिग्ध 20 से 30 लोग मिलते हैं, इनमें से 10 से अधिक में वायरस की पुष्टि होती है। इनकी स्क्रीनिंग में पता चला कि बुखार-खांसी और गले में खराश के लक्षण आने के बाद घर में क्वारंटीन नहीं हुए। परेशानी बढ़ने पर अस्पताल आए। इनके संपर्क में आकर पड़ोसी और परिचित भी संक्रमित हो गए। ऐसे दो से पांच मामले रोज आ रहे हैं।
केस एक:
दयालबाग में 26 साल का युवक बुखार-खांसी को सामान्य समझता रहा। खुद दवा लेकर नजरअंदाज करता रहा। होम क्वारंटीन भी नहीं रहा। परिजन और पड़ोसी से भी मिलता रहा। इससे परिजन और पड़ोसी भी संक्रमित हो गए।
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केस दो:
यमुना पार में 32 साल के युवक को बुखार आया तो उसने मेडिकल स्टोर से दवा ले ली, लेकिन बाहर जाना बंद नहीं किया। एक-दो दिन में फिर गले में खराश और खांसी होने लगी तो जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उसके मित्र ने संदेह पर जांच कराई तो वह भी संक्रमित मिला।
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ओपीडी प्रभारी डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि बुखार-खांसी और गले में खराश की परेशानी के रोजाना 350 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनकी स्क्रीनिंग में कोरोना के संदिग्ध 20 से 30 लोग मिलते हैं, इनमें से 10 से अधिक में वायरस की पुष्टि होती है। इनकी स्क्रीनिंग में पता चला कि बुखार-खांसी और गले में खराश के लक्षण आने के बाद घर में क्वारंटीन नहीं हुए। परेशानी बढ़ने पर अस्पताल आए। इनके संपर्क में आकर पड़ोसी और परिचित भी संक्रमित हो गए। ऐसे दो से पांच मामले रोज आ रहे हैं।
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केस एक:
दयालबाग में 26 साल का युवक बुखार-खांसी को सामान्य समझता रहा। खुद दवा लेकर नजरअंदाज करता रहा। होम क्वारंटीन भी नहीं रहा। परिजन और पड़ोसी से भी मिलता रहा। इससे परिजन और पड़ोसी भी संक्रमित हो गए।
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केस दो:
यमुना पार में 32 साल के युवक को बुखार आया तो उसने मेडिकल स्टोर से दवा ले ली, लेकिन बाहर जाना बंद नहीं किया। एक-दो दिन में फिर गले में खराश और खांसी होने लगी तो जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उसके मित्र ने संदेह पर जांच कराई तो वह भी संक्रमित मिला।
लक्षणों को गंभीरता से लेकर होम क्वारंटीन हो जाएं: डॉ. नंदन सिंह
सर्विलांस टीम के डॉ. नंदन सिंह ने कहा कि बुखार, खांसी होने पर वायरल फीवर और संक्रमण भी हो सकता है, ऐसे में इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल होम क्वारंटीन हो जाएं। परिजनों से भी घर में दूरी बनाएं और सावधानी बरतें। जांच कराएं और पौष्टिक भोजन करें। बुखार को केवल वायरल मानकर नजरअंदाज करना औरों के संक्रमण का भी कारण बन रहा है।
ये सावधानी बरतें
- बुखार-खांसी और गले में खराश हो तो होम क्वारंटीन हो जाएं।
- चिकित्सक से परामर्श लें और बिना मास्क के किसी से बात न करें।
- भले ही वायरल फीवर हो, लेकिन बिना जांच के बुखार को सामान्य न समझें।
- हाथों की सफाई रखें और सामाजिक दूरी का पालन करें।
सर्विलांस टीम के डॉ. नंदन सिंह ने कहा कि बुखार, खांसी होने पर वायरल फीवर और संक्रमण भी हो सकता है, ऐसे में इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल होम क्वारंटीन हो जाएं। परिजनों से भी घर में दूरी बनाएं और सावधानी बरतें। जांच कराएं और पौष्टिक भोजन करें। बुखार को केवल वायरल मानकर नजरअंदाज करना औरों के संक्रमण का भी कारण बन रहा है।
ये सावधानी बरतें
- बुखार-खांसी और गले में खराश हो तो होम क्वारंटीन हो जाएं।
- चिकित्सक से परामर्श लें और बिना मास्क के किसी से बात न करें।
- भले ही वायरल फीवर हो, लेकिन बिना जांच के बुखार को सामान्य न समझें।
- हाथों की सफाई रखें और सामाजिक दूरी का पालन करें।