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सगे भाइयों की आत्महत्या का मामला: आरोपी निरीक्षक की नहीं होगी गिरफ्तारी, हाईकोर्ट से मिली राहत

Fri, 19 Jul 2024 12:17 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 19 Jul 2024 12:17 AM IST
सार

आगरा के थाना बरहन के गांव रूपधनु में दो सगे भाइयों की आत्महत्या के आरोपी निरीक्षक को होईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर स्टे दे दिया है।
 

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Suicide case of real brothers: Accused inspector will not be arrested relief from High Court
police - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के थाना बरहन के गांव रूपधनु में होमगार्ड प्रमोद और उनके भाई संजय की आत्महत्या के मामले में आरोपी हाथरस के थाना सादाबाद के तत्कालीन निरीक्षक मुकेश कुमार को हाईकोर्ट से राहत मिल गई। उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी। इस पर हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर स्टे दिया है। पूर्व में आरोपी दरोगा हरिओम को जेल भेजा गया था।
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घटना 22 जून को हुई थी। गांव रूपधनु निवासी किसान संजय ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। परिजन का आरोप था कि थाना सादाबाद पुलिस ने उत्पीड़न किया था। भाई की मौत के मामले में होमगार्ड भाई प्रमोद पैरवी कर रहे थे। 24 जून को उन्होंने भी गांव में फांसी लगाकर जान दे दी थी। इस घटना के बाद परिजन ने हंगामा किया था। थाना सादाबाद के पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमे की मांग की थी। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दारोगा हरिओम अग्निहोत्री और निरीक्षक मुकेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। दरोगा हरिओम अग्निहोत्री को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वहीं निरीक्षक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही थी।



 
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उधर, आरोपी निरीक्षक ने हाईकोर्ट में एफआईआर को खत्म करने के लिए याचिका प्रस्तुत की थी। इस पर हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर स्टे का आदेश पारित किया है। 3 सप्ताह के अंदर उक्त याचिका के संबंध में पीड़ित पक्ष को अपना शपथ पत्र प्रस्तुत करने के आदेश दिए। सुनवाई के लिए 30 सितंबर नियत की है।

 
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कहा, बिना वजह फंसाया
याचिका में निरीक्षक की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि मामले की कोई जानकारी नहीं है। उन्हें बिना वजह झूठा फंसाया गया है, जो सुसाइड नोट मृतक प्रमोद ने छोड़ा है, उसमें भी उनकी कोई भूमिका नहीं दर्शाई गई है। रिकॉर्ड के आधार पर भी कहीं कोई संलिप्तता नहीं दर्शाई गई। इस वजह से यह एफआईआर खत्म किए जाने योग्य है।
 
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