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आरटीआई के तहत अपनी कॉपी देख सकेंगे छात्र
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा में शामिल छात्रों को सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत अपनी कॉपी (ओएमआर शीट) देखने का अवसर देगा। बुधवार को विश्वविद्यालय में हुई परीक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
उच्चस्तरीय समिति को 4404 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए थे। इसमें से करीब 2500 छात्रों ने अपनी कॉपी देखने की मांग की थी। इस वर्ष की परीक्षा ओएमआर शीट आधारित कराई गई थी। इसलिए विश्वविद्यालय ने अभी तक आरटीआई के तहत कॉपी देखने, स्क्रूटनी कराने या फिर चुनौती मूल्यांकन कराने के लिए आवेदन करने का विकल्प नहीं दिया था। छात्रों की मांग पर विचार करते हुए ही उन्हें आरटीआई के तहत कॉपी दिखाने का निर्णय लिया है। इसके लिए छात्रों को निर्धारित 300 रुपये फीस जमा करनी होगी। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव के मुताबिक यह प्रक्रिया हफ्ते भर के अंदर खोल दी जाएगी।
आगरा। आरटीआई के तहत कॉपी देखने के साथ छात्रों को स्क्रूटनी कराने और चुनौती मूल्यांकन कराने का भी विकल्प दिया जाएगा। चुनौती मूल्यांकन में छात्र को अपने प्रश्नपत्र की फोटो कॉपी देनी होगी, जिसमें सीरीज अंकित हो। उस सीरीज को उत्तर पुस्तिका ( ओएमआर शीट) की सीरीज से मिलान किया जाएगा। ऐसे छात्र, जिन्होंने अपनी सीरीज गलत भर दी है, उन्हें फायदा होगा।
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बीएड पाठ्यक्रम में काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेशित उन छात्रों को राहत दी गई है, जो वेब रजिस्ट्रेशन न कराने या फिर अन्य तकनीकी वजहों से परीक्षा फॉर्म नहीं भर सके हैं। उन्हें परीक्षा फॉर्म भरने का अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा स्नातक व परास्नातक प्रथम प्रथम वर्ष के जिन छात्रों ने वेब रजिस्ट्रेशन कराया है, कॉलेजों में कक्षाएं भी ली हैं, पर कॉलेज की ओर से विश्वविद्यालय वेबसाइट पर रिपोर्टिंग करने का अवसर नहीं दिया गया, ऐसे छात्र को भी परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति दी जाएगी।
विरोध प्रदर्शन में छात्र संगठनों की ओर से ग्रेस मार्क की पुरानी व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की गई थी। जिसमें छात्रों को आठ अंक तक ग्रेस मार्क दिया जाता था। छात्रों को पुनर्परीक्षा का अवसर दिया जा रहा है, इसलिए ग्रेस मार्क की व्यवस्था में बदलाव नहीं किया जाएगा। छात्रों को तीन अंक का ग्रेस मार्क ही दिया गया है। वही रहना है।
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उच्चस्तरीय समिति को 4404 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए थे। इसमें से करीब 2500 छात्रों ने अपनी कॉपी देखने की मांग की थी। इस वर्ष की परीक्षा ओएमआर शीट आधारित कराई गई थी। इसलिए विश्वविद्यालय ने अभी तक आरटीआई के तहत कॉपी देखने, स्क्रूटनी कराने या फिर चुनौती मूल्यांकन कराने के लिए आवेदन करने का विकल्प नहीं दिया था। छात्रों की मांग पर विचार करते हुए ही उन्हें आरटीआई के तहत कॉपी दिखाने का निर्णय लिया है। इसके लिए छात्रों को निर्धारित 300 रुपये फीस जमा करनी होगी। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव के मुताबिक यह प्रक्रिया हफ्ते भर के अंदर खोल दी जाएगी।
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आगरा। आरटीआई के तहत कॉपी देखने के साथ छात्रों को स्क्रूटनी कराने और चुनौती मूल्यांकन कराने का भी विकल्प दिया जाएगा। चुनौती मूल्यांकन में छात्र को अपने प्रश्नपत्र की फोटो कॉपी देनी होगी, जिसमें सीरीज अंकित हो। उस सीरीज को उत्तर पुस्तिका ( ओएमआर शीट) की सीरीज से मिलान किया जाएगा। ऐसे छात्र, जिन्होंने अपनी सीरीज गलत भर दी है, उन्हें फायदा होगा।
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बीएड पाठ्यक्रम में काउंसिलिंग के माध्यम से प्रवेशित उन छात्रों को राहत दी गई है, जो वेब रजिस्ट्रेशन न कराने या फिर अन्य तकनीकी वजहों से परीक्षा फॉर्म नहीं भर सके हैं। उन्हें परीक्षा फॉर्म भरने का अवसर दिया जाएगा। इसके अलावा स्नातक व परास्नातक प्रथम प्रथम वर्ष के जिन छात्रों ने वेब रजिस्ट्रेशन कराया है, कॉलेजों में कक्षाएं भी ली हैं, पर कॉलेज की ओर से विश्वविद्यालय वेबसाइट पर रिपोर्टिंग करने का अवसर नहीं दिया गया, ऐसे छात्र को भी परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति दी जाएगी।
विरोध प्रदर्शन में छात्र संगठनों की ओर से ग्रेस मार्क की पुरानी व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की गई थी। जिसमें छात्रों को आठ अंक तक ग्रेस मार्क दिया जाता था। छात्रों को पुनर्परीक्षा का अवसर दिया जा रहा है, इसलिए ग्रेस मार्क की व्यवस्था में बदलाव नहीं किया जाएगा। छात्रों को तीन अंक का ग्रेस मार्क ही दिया गया है। वही रहना है।