कासगंज: तेज आंधी ने बढ़ाई किसानों की चिंता, अब सता रहा इस बात का डर
तेज आंधी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों से फसल को सुरक्षित घर पहुंचाने के प्रयास में वे जुट गए हैं। परिवार की महिलाएं व बच्चे भी खेतों में सहयोग करते दिखाई दे रहे हैं।
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लगातार तेज गर्मी के कारण मौसम बिगड़ने के संकेत मिलने लगे हैं। बृहस्पतिवार की रात्रि को आई तेज आंधी ने किसानों को चिंतित कर दिया है। किसानों को अब गेहूं की फसल को घर पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। अभी तक जिले में 50 से 60 फीसदी तक फसल की कटाई का अनुमान लगाया जा रहा है। आगामी समय में मौसम और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।
गेहूं जिले की मुख्य फसल है। किसानों के सभी कामकाज गेहूं की फसल के इंतजार में अटके रहते हैं। लेकिन अक्सर अप्रैल में आंधी, बारिश होने से गेहूं की फसल को काफी क्षति हो जाती है। अभी तक मौसम के हालात सामान्य बने हुए थे, लेकिन बृहस्पतिवार की रात्रि को आई तेज आंधी ने मौसम के बिगड़ने के संकेत दे दिए। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई। शुक्रवार को ज्यादातर किसान अपने खेतों में गेहूं की कटाई और निकासी कराने में जुटे रहे। परिवार की महिलाएं व बच्चे भी खेतों में सहयोग करते दिखाई दे रहे थे। शुक्रवार को पड़ोसी जनपद हाथरस व आसपास के इलाकों में भी खराब मौसम के संकेत मिले। इन जिलों में आसमान में बादल छाए नजर आए। तो यहां के किसान भी मौसम के बिगड़ने के संकेत मिलने के कारण चिंतित होने लगे। जिले में गेहूं की कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है। अभी तक अगेती फसल के गेहूं की कटाई का कार्य चल रहा है। पिछेती गेहूं की फसल की एक सप्ताह में कटाई पूरी होने का अनुमान है।
क्या बोले किसान
- आंधी और बारिश से गेहूं की फसल को क्षति हो सकती है। इससे जल्दी अपने गेहूं की कटाई करके फसल को सुरक्षित करने की कोशिश की जा रही है। बृहस्पतिवार की रात आई आंधी से तमाम किसानों का खेतों में पड़ा भूसा उड़ गया। - यज्ञ पाल सिंह, रायो, गंजडुंडवारा।
- गेहूं की कटाई का काम तेजी से किया जा रहा है। आधे से ज्यादा गेहूं की फसल की कटाई हो चुकी है, लेकिन अभी सभी किसानों के गेहूं की कटाई नहीं हो सकी है। गेहूं कटाई के लिए श्रमिकों की कमी आड़े आ रही है। यदि मौसम बिगड़ा तो काफी नुकसान हो जाएगा। - अमित, तवालपुर।
आंकड़े की नजर से
- 93 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई गई थी गेहूं की फसल।
- 55 हजार हेक्टेयर की फसल की हो चुकी है कटाई।