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भ्रष्टाचार: 444 रुपये की गड़बड़ी पर क्लर्क निलंबित, स्ट्रीट लाइट घोटाला में नपे जूनियर इंजीनियर
Mon, 02 Dec 2019 12:47 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 02 Dec 2019 12:47 AM IST
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नगर निगम अागरा
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम में भ्रष्टाचार के आरोप की जांच के बाद प्रकाश विभाग के जूनियर इंजीनियर और सूर वाटिका पार्क में कार्यरत क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया है। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने शनिवार को प्रकाश विभाग के पूर्व में कई मामलों से चर्चित जेई सुरेश चंद्र शर्मा और क्लर्क लोकेश परिहार को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। दोनों को कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
उखर्रा में सुरेश चंद्र शर्मा के घर पर स्ट्रीट लाइटों का जखीरा मिला था। दिवाली से पहले स्ट्रीट लाइट पकड़वाने के लिए पुलिस का सहयोग लेकर उनके घोटाले को उजागर किया गया।
विभागीय जांच के आदेश के बाद शनिवार को जूनियर इंजीनियर सुरेश चंद्र शर्मा को सस्पेंड करने के आदेश नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने जारी कर दिए। जेई ने विभाग के चीफ इंजीनियर संजय कटियार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था।
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उखर्रा में सुरेश चंद्र शर्मा के घर पर स्ट्रीट लाइटों का जखीरा मिला था। दिवाली से पहले स्ट्रीट लाइट पकड़वाने के लिए पुलिस का सहयोग लेकर उनके घोटाले को उजागर किया गया।
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विभागीय जांच के आदेश के बाद शनिवार को जूनियर इंजीनियर सुरेश चंद्र शर्मा को सस्पेंड करने के आदेश नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने जारी कर दिए। जेई ने विभाग के चीफ इंजीनियर संजय कटियार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था।
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444 रुपये की गड़बड़ी पर सस्पेंड हुआ क्लर्क
मंगलवार को सहायक नगर आयुक्त अनुपम शुक्ला ने सूर वाटिका पार्क में प्रवेश टिकटों की जांच की थी। यहां 102 टिकट प्रवेश के लिए दिए गए। दो रुपये प्रति टिकट के हिसाब से 204 रुपये जमा कराए गए। लेकिन टिकटों के पीछे प्रवेश करने वालों की संख्या लिखकर 324 लोगों को प्रवेश दिया गया।
इस लिहाज से पार्क में प्रवेश के लिए 648 रुपये वसूले गए। मामले में 444 रुपये का अंतर आ रहा है, जिस पर क्लर्क लोकेश परिहार से जवाब तलब किया गया था। पार्क से सात बुकलेट की पर्चियों में यह गड़बड़ी मिली थी। शनिवार को अपर नगर आयुक्त की संस्तुति पर नगर आयुक्त ने क्लर्क को सस्पेंड कर दिया।
मंगलवार को सहायक नगर आयुक्त अनुपम शुक्ला ने सूर वाटिका पार्क में प्रवेश टिकटों की जांच की थी। यहां 102 टिकट प्रवेश के लिए दिए गए। दो रुपये प्रति टिकट के हिसाब से 204 रुपये जमा कराए गए। लेकिन टिकटों के पीछे प्रवेश करने वालों की संख्या लिखकर 324 लोगों को प्रवेश दिया गया।
इस लिहाज से पार्क में प्रवेश के लिए 648 रुपये वसूले गए। मामले में 444 रुपये का अंतर आ रहा है, जिस पर क्लर्क लोकेश परिहार से जवाब तलब किया गया था। पार्क से सात बुकलेट की पर्चियों में यह गड़बड़ी मिली थी। शनिवार को अपर नगर आयुक्त की संस्तुति पर नगर आयुक्त ने क्लर्क को सस्पेंड कर दिया।