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बुल्डोजर से टकराया पत्थर: बाहर निकाला तो छाया कौतूहल; मिलीं 18वीं शताब्दी की शिव-पार्वती की मूर्तियां
Tue, 09 May 2023 11:22 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 09 May 2023 11:22 AM IST
सार
मलपुरा के गांव कबूलपुर में खोदाई के दौरान शिव-पार्वती की प्रतिमा मिलीं। पुरातत्व विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने मूर्ति की प्राचीनता की जांच की।
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शिव-पार्वती की प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के मलपुरा कस्बे के गांव कबूलपुर में रविवार को मकान निर्माण के लिए हो रही खुदाई के दौरान प्राचीन प्रतिमा निकली थी। रविवार को पुरातत्व विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने मूर्ति की प्राचीनता की जांच की। टीम के सदस्यों नीरज कुमार वर्मा, नरेंद्र सिंह राणा व जितेंद्र सिंह ने बताया कि उमा-महेश्वर यानी महादेव-पार्वती की मूर्ति है, जो 18वीं सदी की है।
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क्षरित हो गई है मूर्ति
उन्होंने बताया कि मूर्ति लंबे समय तक पानी में पड़ी रही, इस वजह से क्षरित हो गई है। मूर्ति बफ स्टोन से बनी है जो राजस्थान में मिलता है। ग्रामीणों में चर्चा है कि यहां से थोड़ी दूर एक वाणगंगा नदी हुआ करती थी, जो अब अस्तित्व में नहीं है। यह नदी में पड़ी रही होगी। ग्रामीणों का कहना है कि जहां मूर्ति निकली है, वहां मंदिर बनवाया जाएगा।
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खेत में चल रही थी खोदाई
कबूलपुर गांव निवासी भगवान दास के खेत पर मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। रविवार की शाम करीब छह बजे बुल्डोजर से खोदाई हो रही थी, तभी एक पत्थर का टुकड़ा बुल्डोजर से टकरा गया। वहां खड़े भगवान दास और परिवार के अन्य लोगों ने पत्थर को निकाला तो यह एक पत्थर की प्राचीन प्रतिमा थी। जिसकी जानकारी गांव के अन्य लोगों को हुई तो धीरे-धीरे भीड़ जुट गई।ये भी पढ़ें - गैरमर्द के लिए उजाड़ लिया सुहाग: कत्ल के बाद रातभर पति की लाश संग सोती रही पत्नी, सुबह किया ये काम, लेकिन...
ग्रामीणों की जुटने लगी भीड़
भगवान सिंह के खेत में बन रहे घर पर लोग पहुंच गए। प्रतिमा के पास ग्रामीणों ने भजन कीर्तन शुरू कर दिया। आरती की। देर रात तक गांव में प्रतिमा कौतुहल का विषय बनी रही।ये भी पढ़ें - दुस्साहस: साली के साथ बंद कमरे में युवक, जीजा ने अचानक खोल दिया गेट, आगे जो हुआ जानकर रह जाएंगे हैरान
ये बोले एएसआई अधिकारी
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधीक्षण पुरातत्वविद राजकुमार पटेल का कहना है कि प्रथम द्ष्टया प्रतिमा शिव-पार्वती की है। प्रतिमा का काफी क्षरण हो चुका है। आकृतियां स्पष्ट नहीं दिख रही। उत्खनन टीम को गांव में भेजकर प्रतिमा की जांच कराई गई है।ये भी पढ़ें - श्रीकृष्ण जन्मस्थान केस: तोड़ी जा रही प्राचीन कुएं की मुडेर, प्रतीक चिह्न हटाने का आरोप, HC में होगी सुनवाई