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Agra: अग्निवीर भर्ती के तीन लाख, रेलवे ग्रुप डी के लिए छह लाख, नौकरी की लेते थे गारंटी, नौ गिरफ्तार

Mon, 03 Oct 2022 12:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 03 Oct 2022 12:08 AM IST
सार

अग्निवीर और रेलवे में भर्ती कराने का झांसा देकर ठगने वाले नौ शातिर एसटीएफ ने गिरफ्तार किए हैं। इस गैंग ने गांव-गांव एजेंट फैला रखे हैं, जो ओएमआर शीट तक बदलवाने का दावा करते थे।
 

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STF arrested fraud gang nine members who cheated pretext Railways and Agniveer bharti
गिरफ्तार आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अग्निवीर और रेलवे में भर्ती कराने का झांसा देकर युवाओं से लाखों की धोखाधड़ी करने वाले गैंग के नौ सदस्यों को एसटीएफ आगरा यूनिट ने गिरफ्तार कर लिया। गैंग के एजेंट गांव-गांव फैले रहते थे। वह युवाओं को झांसे में लेते थे। अग्निवीर के लिए तीन लाख और रेलवे में भर्ती के लिए छह लाख रुपये की मांग करते थे। फर्जी बुलावा पत्र भी तैयार करते थे।
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एसटीएफ के एसपी राकेश कुमार के मुताबिक, रेलवे और अग्निवीर भर्ती में पास कराने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले गैंग के बारे में जानकारी मिली थी। इस पर टीम को लगाया गया। रविवार को ताजगंज स्थित राधेश्याम नगर में प्रेम ग्रीन पीजी होम स्टे में दबिश दी। यहां से नौ आरोपियों को पकड़ लिया गया। इनमें इरादतनगर निवासी जितेंद्र, सराय ख्वाजा निवासी यूसुफ, ताजनगरी निवासी प्रभात शर्मा, मलपुरा निवासी संतोष, कागारौल निवासी धर्म सिंह, हाथरस के सादाबाद निवासी अनिल, रोहता सुल्तान, सैंया निवासी सोनू और मथुरा निवासी पवन चौधरी हैं। 
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आरोपी भर्ती कराने का झांसा देते थे। अग्निवीर भर्ती के लिए तीन लाख और रेलवे ग्रुप डी की भर्ती में पास कराने के लिए छह लाख रुपये की मांग करते थे। अब तक  कई युवाओं से करोड़ों की ठगी करने की जानकारी मिली है। आरोपियों से एक लैपटॉप, 11 मोबाइल, 16 फर्जी रेलवे के बुलावा पत्र, एक कार, छह दो पहिया वाहन, दस एटीएम कार्ड, चार आधार कार्ड, सात पेन कार्ड, दो डीएल कार्ड और तीन लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
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कंप्यूटर साफ्टवेयर से बनाते थे फर्जी कागजात

एसटीएफ के मुताबिक, जितेंद्र के लैपटॉप में कई साफ्टवेयर अपलोड हैं। इनकी मदद से वो कूटरचित दस्तावेज तैयार करता था। अग्निवीर भर्ती के लिए युवाओं से तीन लाख रुपये मांगते थे। आधी रकम पहले लेते थे। जिन युवाओं की उम्र निकल गई है, उनके फर्जी दस्तावेज भी तैयार करते थे। इसी तरह रेलवे की ग्रुप डी की भर्ती में भी पास कराने का आश्वासन देते थे। जिनका परिणाम नहीं आया होता है, उनको भी बातों में लेते थे। उनसे कहते थे कि पास करा देंगे। ओएमआर शीट तक बदलवा देंगे।


एजेंटों को देते हैं 25 हजार

एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके गैंग में मथुरा का दिलदार, केसीआर दीक्षा टाउन का सुभाष उर्फ राज, मथुरा का जीतू और अलीगढ़ का संदीप जाट भी हैं। वह एजेंट की तरह युवाओं को लाने का काम करते हैं। गांव-गांव एजेंट फैले रहते हैं। सुबह-सुबह दौड़ लगाने जाने वाले युवाओं को एजेंट अग्निवीर में भर्ती का झांसा देते थे। एजेंट को एक युवक को लाने पर 25 हजार रुपये तक देते हैं। इस बार  युवाओं को भर्ती से पहले और बाद में पास कराने का झांसा दिया था। उन्होंने अब्दुल के एक लाख, चंद्र्रमोहन और रवि से 25-25 हजार, विशाल और अरविंद से तीन लाख रुपये धोखाधड़ी कर ले लिए। इस तरह वो कई और युवाओं से ठगी कर चुके।
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