Agra University: संस्कृति भवन की टूटने लगीं टाइल्स, गिर रही फॉल्स सीलिंग, 10 महीने पहले हुआ था उद्घाटन
विश्वविद्यालय का संस्कृति भवन 44 करोड़ रुपये की लागत से बना है। 10 महीने पहले इसका उद्घाटन हुआ। इमारत में लगी टाइल्स अभी से ही टूटने लगी हैं।
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में करोड़ों के निर्माण में किस कदर भ्रष्टाचार हुआ। इसकी गवाही 44 करोड़ रुपये से बना संस्कृति भवन दे रहा है। उद्घाटन के महज 10 महीने में इसकी टाइल्ट टूटने लगी हैं। फॉल्स सीलिंग जगह-जगह से गिर गई है। दीवार और कमरों का प्लास्टर भी झड़ रहा है।
पूर्व कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित के कार्यकाल में 2017-18 में बाग फरजाना स्थित ललित कला संकाय की पुरानी इमारत को तोड़कर संस्कृति भवन का निर्माण शुरू हुआ। 2020-21 में इसका निर्माण पूरा हुआ और 2022 में प्रभारी कुलपति रहे विनय पाठक ने इसका शुभारंभ कराया। 10 महीने में ही पांच मंजिला इमारत के कक्षों की दीवार और फर्श की टाइल्स टूट रही हैं। फर्श भी चटक रहा है, गैलरी और कंप्यूटर लैब समेत अन्य कक्षों की सीलिंग भी गिर गई है। इससे यहां पढ़ रहे छात्रों को भी खतरा है। दीवार और कक्षों के प्लास्टर भी झड़ रहा है।
चार करोड़ के हेल्थ सेंटर का पता नहीं
संस्कृति भवन में चार करोड़ रुपये की लागत से कर्मचारियों के लिए हेल्थ वेलनेस सेंटर प्रस्तावित था। इसका बिल दर्शा दिया, लेकिन कर्मचारियों के लिए सेंटर का पता नहीं है। ये राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत खर्च दिखाया है। संस्कृति भवन के लिए फर्नीचर की खरीद में भी घोटाले की शिकायत हुई है। इसकी जांच भी एसटीएफ कर रही है। यहां करीब पांच करोड़ रुपये के कुर्सी, मेज, अलमारी, रैक समेत अन्य फर्नीचर की खरीद हुई। इसमें मनमानी कीमत के बिल लगाकर धांधली की।
एसटीएफ कर रही जांच
कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने कहा कि संस्कृति भवन का निर्माण उनके कार्यकाल से पूर्व हुआ है। इसमें भ्रष्टाचार की शिकायतों पर इमारत की आंतरिक ऑडिट हो रही है। इसके लिए समिति की बैठक भी हुई है। वैसे इस मामले की जांच एसटीएफ कर रही है।
कुछ प्रोफेसर भी शामिल
संस्कृति भवन में पूर्व कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित और प्रो. विनय पाठक के कार्यकाल में भ्रष्टाचार हुआ। इसमें कुछ प्रोफेसर भी शामिल हैं। इसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ कर्मचारी संघ ने विरोध भी किया था। - अखिलेश चौधरी, अध्यक्ष विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ