मथुरा: धारा 307 के मामलों में फर्जीवाड़ा, एसएसपी कर रहे जांच, कई पुलिसकर्मी निशाने पर
- दो मामलों में एसएसपी ने की कार्रवाई, दो दर्जन से अधिक मामलों की जांच शुरू
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मथुरा जिले के थानों में जानलेवा हमले (आईपीसी की धारा 307) के फर्जी मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इसकी शिकायतों पर एसएसपी ने जांच शुरू की है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मनमानी मेडिकल जांच कराकर मामूली झगड़ों के मामलों में धारा 307 बढ़ाई जा रही है। एसएसपी इस तरह के दो मामलों में एक दरोगा व जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी कर चुके हैं।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने जिले की कमान संभालने के बाद अपराध की स्थिति समझने की कोशिश की तो यह तथ्य सामने आया कि ज्यादातर मामले जानलेवा हमले के दर्ज किए जाते हैं और मामूली झगड़े के मुकदमे कुछ समय बाद धारा 307 में तरमीम किए जाते हैं। ऐसे मामलों की शिकायतें भी बहुत थीं।
एसएसपी ने गहनता से जांच की तो पता चला कि धारा 307 के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। थाना गोवर्धन में दर्ज धारा 307 के एक मामले में दरोगा प्रदीप कुमार के खिलाफ विवेचना में लापरवाही व मनमानी के आरोप में निलंबन की कार्रवाई की गई। इसी तरह एक अन्य मामले में भी एक जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई। दो दर्जन मामले अभी जांच में हैं, जिन पर शीघ्र कार्रवाई की जा सकती है।
जिला अस्पताल के कर्मचारी जांच के घेरे में
चार्जशीट लगाने में की जाती है जल्दबाजी
धारा 307 लगाने से पहले पर्याप्त साक्ष्य होना जरूरी है, लेकिन मनमाने तरीके से स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट तैयार कराकर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया जाता है। चार्जशीट लगाने में भी जल्दबाजी की जाती है। किसी को भी झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया जाता है। एसएसपी द्वारा उन केसों की जांच की जा रही है, जिनमें आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और चार्जशीट लगाई है, लेकिन धारा 307 लगाने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
पहले एनसीआर, बाद में एफआईआर, फिर 307
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि धारा 307 के मुकदमे दर्ज करने में पुलिसकर्मियों की मनमानी की काफी शिकायतें आई थीं। सभी शिकायतों पर जांच शुरू की गई है। कुछ मामलों में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने में पुलिसकर्मियों की जिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मचारियों से मिलीभगत भी सामने आई है। सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है। जिन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।