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खेलमंत्री बोले- यूपी में होनी चाहिए रणजी की दो टीमें, नेशनल स्पोर्ट्स कोड भी हो लागू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Thu, 05 Jul 2018 09:04 PM IST
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समाजसेवी महिलाओं को सम्मानित करते चेतन चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के खेल मंत्री चेतन चौहान का कहना है कि नेशनल स्पोर्ट्स कोड प्रदेश में भी लागू किया जाएगा। इसकी गाइड लाइन आने का इंतजार किया जा रहा है। गाइड लाइन आते ही इसे प्रदेश में लागू करा दिया जाएगा।
पूर्व टेस्ट क्रिकेटर व खेल मंत्री का यह भी मानना है कि यूपी में रणजी की दो टीमें होनी चाहिए। क्योंकि यूपी काफी बड़ा राज्य है। इसलिए रणजी टीम में चयनित होने से क्रिकेट की ऐसी कई प्रतिभाएं रह जाती हैं, जिन्हें प्रदेश के लिए खेलना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इसे लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से बातचीत चल रही है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व अमर उजाला से बातचीत में टी-20 भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य दीपक चाहर ने भी यूपी में रणजी की दो टीमें होने की बात कही थी।
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पूर्व टेस्ट क्रिकेटर व खेल मंत्री का यह भी मानना है कि यूपी में रणजी की दो टीमें होनी चाहिए। क्योंकि यूपी काफी बड़ा राज्य है। इसलिए रणजी टीम में चयनित होने से क्रिकेट की ऐसी कई प्रतिभाएं रह जाती हैं, जिन्हें प्रदेश के लिए खेलना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि इसे लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से बातचीत चल रही है। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व अमर उजाला से बातचीत में टी-20 भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य दीपक चाहर ने भी यूपी में रणजी की दो टीमें होने की बात कही थी।
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चेतन चौहान आगरा के होटल वैभव पैलेस में गुरुवार को आयोजित सम्मान समारोह के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सरकार की कोशिश है कि स्टेडियम में वो सभी सुविधाएं हों, जो एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होती हैं। इसी कड़ी में भारत का पहला फाइव ए साइड हॉकी एस्ट्रोटर्फ बनकर तैयार हो चुका है।
गौरतलब है कि नेशनल स्पोर्ट्स कोड में जितने भी खेल संघ हैं, उनके लिए गाइड लाइन जारी की है। इसमें जिले से राष्ट्रीय स्तर तक के किसी भी खेल संघ की कमेटी में 70 साल से अधिक उम्र का व्यक्ति किसी भी पद पर नहीं रह सकेगा।
किसी भी खेल संघ का अध्यक्ष 12 साल तक, सचिव और कोषाध्यक्ष आठ साल से ज्यादा पद पर नहीं रह सकेंगे। पूरे भारत में किसी भी खेल का एक ही संघ होगा। खेलों में पारदर्शिता लाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
सरकार की कोशिश है कि स्टेडियम में वो सभी सुविधाएं हों, जो एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होती हैं। इसी कड़ी में भारत का पहला फाइव ए साइड हॉकी एस्ट्रोटर्फ बनकर तैयार हो चुका है।
गौरतलब है कि नेशनल स्पोर्ट्स कोड में जितने भी खेल संघ हैं, उनके लिए गाइड लाइन जारी की है। इसमें जिले से राष्ट्रीय स्तर तक के किसी भी खेल संघ की कमेटी में 70 साल से अधिक उम्र का व्यक्ति किसी भी पद पर नहीं रह सकेगा।
किसी भी खेल संघ का अध्यक्ष 12 साल तक, सचिव और कोषाध्यक्ष आठ साल से ज्यादा पद पर नहीं रह सकेंगे। पूरे भारत में किसी भी खेल का एक ही संघ होगा। खेलों में पारदर्शिता लाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।