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सुरक्षा जांच में यमुना एक्सप्रेसवे पर नहीं मिली सुविधाएं, प्राधिकरण ने भेजा नोटिस
Sat, 27 Jul 2019 10:12 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा/ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा/ग्रेटर नोएडा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 27 Jul 2019 10:12 AM IST
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यमुना एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना एक्सप्रेसवे पर दी जा रही सुविधाओं का यमुना प्राधिकरण (यीडा) की टीम ने सत्यापन किया, जिसमें जेपी कंपनी के ज्यादातर दावे फेल साबित हो गए। एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी, स्पीड कैमरा, एसओएस बॉक्स, नाइट्रोजन फिलिंग स्टेशन आदि सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। यमुना प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। प्राधिकरण ने एक महीने में सभी सुविधाएं दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर बीते 8 जुलाई को आगरा में हुए हादसे में 29 लोगों की मौत हो गई थी। एक्सप्रेसवे की निगरानी यमुना प्राधिकरण करता है। आशंका जताई गई थी कि एक्सप्रेसवे प्रबंधन जिन सुविधाओं का दावा करता है, वो वहां पर नहीं है। सुविधाओं की कमी के चलते ही वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने 9 जुलाई को एक्सप्रेसवे पर दी जा रही सुविधाओं का सत्यापन कराने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। डीजीएम प्रोजेक्ट एके अरोड़ा की अगुवाई में बनी कमेटी में सीनियर मैनेजर विश्वास कुमार त्यागी एक सहायक अभियंता व एक अवर अभियंता को शामिल किया गया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सीईओ को दे दी है।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर बीते 8 जुलाई को आगरा में हुए हादसे में 29 लोगों की मौत हो गई थी। एक्सप्रेसवे की निगरानी यमुना प्राधिकरण करता है। आशंका जताई गई थी कि एक्सप्रेसवे प्रबंधन जिन सुविधाओं का दावा करता है, वो वहां पर नहीं है। सुविधाओं की कमी के चलते ही वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने 9 जुलाई को एक्सप्रेसवे पर दी जा रही सुविधाओं का सत्यापन कराने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। डीजीएम प्रोजेक्ट एके अरोड़ा की अगुवाई में बनी कमेटी में सीनियर मैनेजर विश्वास कुमार त्यागी एक सहायक अभियंता व एक अवर अभियंता को शामिल किया गया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सीईओ को दे दी है।
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एक्सप्रेसवे पर 19 सीसीटीवी लगे
रिपोर्ट में बताया गया है कि एक्सप्रेस वे पर 19 सीसीटीवी लगे हैं। जिसमें से छह काम नहीं कर रहे हैं। जबकि आधे स्पीड कैमरा खराब पड़े हैं। ऐसे में गति पर नियंत्रण कैसे रखा जा सकेगा। लगभग हर एक किलोमीटर पर ये बॉक्स लगे हैं। एक्सप्रेसवे पर लगे 164 एसओएस बॉक्स में से कोई काम नहीं कर रहा है।
एक्सप्रेस वे पर चलने से पहले वाहनों में नाइट्रोजन गैस भरने की सलाह दी जाती है। एक्सप्रेसवे पर यह सुविधा तीन जगह देने का दावा किया जाता रहा है। लेकिन सत्यापन रिपोर्ट में तीनों जगह यह सुविधा नहीं मिली। एक्सप्रेस वे पर वाहनों की पहचान के लिए 25 व्हीकल आइडेंटीफिकेशन डिवाइस लगाई गई हैं इनमें से नौ काम नहीं कर रही हैं। एक्सप्रेस वे पर केमिस्ट शॉप व एटीएम खुलने थे, लेकिन दोनों सुविधाएं नहीं शुरू हो पाई हैं।
एक्सप्रेसवे पर ये सुविधाएं मिलीं दुरुस्त
एक्सप्रेसवे पर कई सुविधाएं ठीक मिली हैं। एक्सप्रेस वे पर पेट्रोलिंग के लिए 11 व्हीकल लगाए गए हैं। सब दुरुस्त पाए गए हैं। इसी तरह क्यूआरटीए क्रेनए मौसम चेतावनी बोर्ड, एंबुलेंस, स्पीड गन आदि दुरुस्त पाए गए हैं।
एक्सप्रेस वे पर चलने से पहले वाहनों में नाइट्रोजन गैस भरने की सलाह दी जाती है। एक्सप्रेसवे पर यह सुविधा तीन जगह देने का दावा किया जाता रहा है। लेकिन सत्यापन रिपोर्ट में तीनों जगह यह सुविधा नहीं मिली। एक्सप्रेस वे पर वाहनों की पहचान के लिए 25 व्हीकल आइडेंटीफिकेशन डिवाइस लगाई गई हैं इनमें से नौ काम नहीं कर रही हैं। एक्सप्रेस वे पर केमिस्ट शॉप व एटीएम खुलने थे, लेकिन दोनों सुविधाएं नहीं शुरू हो पाई हैं।
एक्सप्रेसवे पर ये सुविधाएं मिलीं दुरुस्त
एक्सप्रेसवे पर कई सुविधाएं ठीक मिली हैं। एक्सप्रेस वे पर पेट्रोलिंग के लिए 11 व्हीकल लगाए गए हैं। सब दुरुस्त पाए गए हैं। इसी तरह क्यूआरटीए क्रेनए मौसम चेतावनी बोर्ड, एंबुलेंस, स्पीड गन आदि दुरुस्त पाए गए हैं।
यमुना एक्सप्रेस वे पर दी जा रही सुविधाओं का सत्यापन कराया गया। इसमें बहुत सारी सुविधाएं दुरुस्त नहीं है। एक्सप्रेस वे प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए सभी सुविधाओं को एक महीने में दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। एक महीने बाद फिर सत्यापन कराया जाएगा। - डॉ अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण