{"_id":"68edcda526bba2f0f3010adc","slug":"special-hydrotherapy-treatment-at-sn-medical-college-for-fire-burn-patients-2025-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra: दिवाली से पहले बर्न यूनिट में बढ़ाए गए चिकित्सक, हाइड्रो थेरेपी से होगा आग से झुलसे मरीजों का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra: दिवाली से पहले बर्न यूनिट में बढ़ाए गए चिकित्सक, हाइड्रो थेरेपी से होगा आग से झुलसे मरीजों का इलाज
Tue, 14 Oct 2025 09:42 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 14 Oct 2025 09:42 AM IST
सार
दिवाली के लिए बर्न यूनिट में चिकित्सक बढ़ाए गए हैं। 30 बेड की यूनिट में सर्जरी, ड्रेसिंग समेत सभी तरह की सुविधाएं हैं।
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज की बर्न यूनिट में इलाज कराते हुए जले हुए मरीज।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिवाली पर पटाखों के कारण आग से झुलसने की घटनाएं बढ़ने की आशंका को देखते हुए एसएन मेडिकल कॉलेज की बर्न यूनिट में अतिरिक्त डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती की गई है। यहां जले हुए मरीजों का हाइड्रो थेरेपी से इलाज किया जाएगा। इससे जलन कम होने के साथ ही संक्रमण से भी बचाव होता है। ड्रेसिंग और सर्जरी भी आसान हो जाती है।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि यह एंटी बैक्टीरियल फ्री यूनिट है। इसमें 30 बेड हैं। जनरल वार्ड में 20, आईसीयू में छह और पोस्ट ऑपरेशन वार्ड में चार बेड की व्यवस्था है। जले हुए मरीजों के शरीर की सफाई करने के लिए हाइड्रो थेरेपी की व्यवस्था है। इसमें मरीज के घाव पर पानी की बौछार कर सफाई करते हैं, जिससे जलन और संक्रमण का खतरा नहीं रहता है।
सफाई के बाद मरीज की ड्रेसिंग कर वार्ड में भर्ती किया जाता है। यहां बर्नकेज (विशेष प्रकार का स्टैंड) में मरीज को रखते हैं। इससे मरीज को कपड़े से ढकने की जरूरत नहीं पड़ती और मरीज तेजी से ठीक होता है। मरीज के ठीक होने की दर 70- 80 फीसदी है। दो ऑपरेशन थिएटर हैं, जिसमें प्लास्टिक सर्जरी की भी सुविधा है। दिवाली के चलते प्लास्टिक सर्जन, टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ की अतिरिक्त व्यवस्था की है। दवाओं और सर्जिकल सामान का भी भंडारण किया है।
विज्ञापन
घाव पर टूथपेस्ट न लगाकर 10 मिनट तक ठंडा पानी डालें
बर्न यूनिट प्रभारी डॉ. दीपशिखा ने बताया कि जलने पर घाव पर ठंडा पानी 10 मिनट तक लगातार डालें। इस पर टूथपेस्ट या हल्दी न लगाएं। जलने के बाद शरीर का तापमान तेजी से कम होने लगता है। ऐसे में शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए कंबल लपेटते हैं। इसमें ये ध्यान देना जरूरी है कि मरीज को पहले सूती साफ कपड़े से लपेटने के बाद कंबल लपेटें। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है।
108 नंबर पर करें फोन, पहुंचेगी एंबुलेंस
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जलने पर अस्पताल में इलाज की जरूरत है तो 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन करें। एंबुलेंस मौके पर पहुंचकर मरीज को अस्पताल में भर्ती कराएगी। दिवाली के लिए सीएचसी स्तर पर ऑक्सीजन, दवाओं की अतिरिक्त व्यवस्था करा रहे हैं। पांच बेड का वार्ड तैयार रखने के भी निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि यह एंटी बैक्टीरियल फ्री यूनिट है। इसमें 30 बेड हैं। जनरल वार्ड में 20, आईसीयू में छह और पोस्ट ऑपरेशन वार्ड में चार बेड की व्यवस्था है। जले हुए मरीजों के शरीर की सफाई करने के लिए हाइड्रो थेरेपी की व्यवस्था है। इसमें मरीज के घाव पर पानी की बौछार कर सफाई करते हैं, जिससे जलन और संक्रमण का खतरा नहीं रहता है।
विज्ञापन
सफाई के बाद मरीज की ड्रेसिंग कर वार्ड में भर्ती किया जाता है। यहां बर्नकेज (विशेष प्रकार का स्टैंड) में मरीज को रखते हैं। इससे मरीज को कपड़े से ढकने की जरूरत नहीं पड़ती और मरीज तेजी से ठीक होता है। मरीज के ठीक होने की दर 70- 80 फीसदी है। दो ऑपरेशन थिएटर हैं, जिसमें प्लास्टिक सर्जरी की भी सुविधा है। दिवाली के चलते प्लास्टिक सर्जन, टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ की अतिरिक्त व्यवस्था की है। दवाओं और सर्जिकल सामान का भी भंडारण किया है।
विज्ञापन
घाव पर टूथपेस्ट न लगाकर 10 मिनट तक ठंडा पानी डालें
बर्न यूनिट प्रभारी डॉ. दीपशिखा ने बताया कि जलने पर घाव पर ठंडा पानी 10 मिनट तक लगातार डालें। इस पर टूथपेस्ट या हल्दी न लगाएं। जलने के बाद शरीर का तापमान तेजी से कम होने लगता है। ऐसे में शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए कंबल लपेटते हैं। इसमें ये ध्यान देना जरूरी है कि मरीज को पहले सूती साफ कपड़े से लपेटने के बाद कंबल लपेटें। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है।
108 नंबर पर करें फोन, पहुंचेगी एंबुलेंस
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जलने पर अस्पताल में इलाज की जरूरत है तो 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन करें। एंबुलेंस मौके पर पहुंचकर मरीज को अस्पताल में भर्ती कराएगी। दिवाली के लिए सीएचसी स्तर पर ऑक्सीजन, दवाओं की अतिरिक्त व्यवस्था करा रहे हैं। पांच बेड का वार्ड तैयार रखने के भी निर्देश दिए हैं।