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SN Medical College: एसएन मेडिकल कॉलेज में बनेगी 250 बेड की सुपर इमरजेंसी, अब प्लास्टिक सर्जरी भी यहीं होगी
Thu, 27 Nov 2025 08:50 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 27 Nov 2025 08:50 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज में अभी 80 बेड हैं। नई इमरजेंसी का निर्माण कार्य 18 माह में पूरा हो जाएगा। जिसके बाद गंभीर मरीजों को दूसरे जिलों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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एसएन मेडिकल कॉलेज की नई इमरजेंसी का निर्माण कार्य हुआ शुरूु
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के एडवांस इमरजेंसी एंड ट्रॉमा सेंटर का कार्य शुरू हो गया है। यह 18 महीने में बन जाएगा। इसमें जांच, इलाज और ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी। अति गंभीर मरीजों को अब दिल्ली, लखनऊ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि नई इमरजेंसी 250 बेड की होगी। अभी 80 बेड हैं। इसमें हड्डी रोग, सर्जरी, न्यूरो सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी के वार्ड होंगे। विभाग के लिए वार्ड में 50-50 बेड होंगे। ट्रॉमा और इमरजेंसी के लिए अलग-अलग दो आईसीयू बनाए जा रहे हैं। इसमें 25-25 बेड की व्यवस्था की गई है। सभी बेड पर जीवन रक्षक उपकरण भी लगाए जाएंगे।
इससे अति गंभीर मरीजों को तत्काल इमरजेंसी में ही इलाज मिल सकेगा। उम्मीद है कि तय समय से 2 महीने पहले 2027 अप्रैल में इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। इमरजेंसी के पास ही पोस्टमार्टम हाउस बनेगा। इससे मरीज के मौत के बाद पोस्टमार्टम भी जल्दी ही हो सकेगा। डॉक्टरों की ड्यूटी लगाना भी आसान हो जाएगा।
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अलग-अलग बनेंगे चार एमओटी
नई इमरजेंसी में जनरल सर्जरी, हड्डी रोग, प्लास्टिक सर्जरी और न्यूरो सर्जरी की सुविधा होगी। इनके लिए अलग-अलग चार मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए जा रहे हैं। इसमें आधुनिक मशीनें भी लगेंगी। जले और एसिड अटैक के मरीजों को इमरजेंसी में ही प्लास्टिक सर्जरी का लाभ मिलेगा। अब तक यह सुविधा इमरजेंसी में नहीं थी।
एमआरआई की भी सुविधा
इमरजेंसी में रेडियो डायग्नोसिस विभाग और पैथोलॉजी को भी शिफ्ट किया जाएगा। इससे मरीजों को इमरजेंसी के अंदर ही खून-पेशाब की सभी तरह की जांच, सीटी स्कैन, एक्सरे, एमआरआई की सुविधा मिल सकेगी। अभी मरीजों को दूसरे विभागों में जांच के लिए जाना पड़ता है।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि नई इमरजेंसी 250 बेड की होगी। अभी 80 बेड हैं। इसमें हड्डी रोग, सर्जरी, न्यूरो सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी के वार्ड होंगे। विभाग के लिए वार्ड में 50-50 बेड होंगे। ट्रॉमा और इमरजेंसी के लिए अलग-अलग दो आईसीयू बनाए जा रहे हैं। इसमें 25-25 बेड की व्यवस्था की गई है। सभी बेड पर जीवन रक्षक उपकरण भी लगाए जाएंगे।
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इससे अति गंभीर मरीजों को तत्काल इमरजेंसी में ही इलाज मिल सकेगा। उम्मीद है कि तय समय से 2 महीने पहले 2027 अप्रैल में इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। इमरजेंसी के पास ही पोस्टमार्टम हाउस बनेगा। इससे मरीज के मौत के बाद पोस्टमार्टम भी जल्दी ही हो सकेगा। डॉक्टरों की ड्यूटी लगाना भी आसान हो जाएगा।
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अलग-अलग बनेंगे चार एमओटी
नई इमरजेंसी में जनरल सर्जरी, हड्डी रोग, प्लास्टिक सर्जरी और न्यूरो सर्जरी की सुविधा होगी। इनके लिए अलग-अलग चार मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए जा रहे हैं। इसमें आधुनिक मशीनें भी लगेंगी। जले और एसिड अटैक के मरीजों को इमरजेंसी में ही प्लास्टिक सर्जरी का लाभ मिलेगा। अब तक यह सुविधा इमरजेंसी में नहीं थी।
एमआरआई की भी सुविधा
इमरजेंसी में रेडियो डायग्नोसिस विभाग और पैथोलॉजी को भी शिफ्ट किया जाएगा। इससे मरीजों को इमरजेंसी के अंदर ही खून-पेशाब की सभी तरह की जांच, सीटी स्कैन, एक्सरे, एमआरआई की सुविधा मिल सकेगी। अभी मरीजों को दूसरे विभागों में जांच के लिए जाना पड़ता है।
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