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राहत: एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों का कार्य बहिष्कार वापस, आज से ओपीडी में देंगे सेवाएं
Fri, 10 Dec 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 10 Dec 2021 12:03 AM IST
सार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पहुंचने वाले मरीजों के लिए राहत की खबर है। जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार वापस ले लिया है। जूनियर डॉक्टर 27 नवंबर से कार्य बहिष्कार कर रहे थे, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
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प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों (जूडा) ने कार्य बहिष्कार वापस ले लिया है। बृहस्पतिवार शाम से ही जूनियर डॉक्टरों ने आईपीडी (वार्डोँ में भर्ती मरीजों), इमरजेंसी, आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर सहित बाकी जगहों पर सेवाएं देना शुरू कर दिया। शुक्रवार से ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को भी सेवाएं देंगे।
जूनियर डॉक्टर नीट पीजी की काउंसिलिंग कराए जाने की मांग के संबंध में 27 नवंबर से कार्य बहिष्कार कर रहे थे। पहले ओपीडी का कार्य बहिष्कार किया। चार दिसंबर से वार्डों में भर्ती मरीजों का इलाज भी बंद कर दिया। इसके बाद आठ दिसंबर से एनआईसीयू व पीआईसीयू को छोड़कर बाकी सभी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया।
शाम चार बजे तक दिया धरना
यहां तक की इमरजेंसी और आईसीयू में पहुंचने वाले मरीजों को भी नहीं देखा। बृहस्पतिवार को फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के कहने पर कार्य बहिष्कार को वापस ले लिया गया। हालांकि शाम करीब चार बजे तक जूनियर डॉक्टर धरना स्थल पर बैठे।
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जूनियर डॉक्टर नीट पीजी की काउंसिलिंग कराए जाने की मांग के संबंध में 27 नवंबर से कार्य बहिष्कार कर रहे थे। पहले ओपीडी का कार्य बहिष्कार किया। चार दिसंबर से वार्डों में भर्ती मरीजों का इलाज भी बंद कर दिया। इसके बाद आठ दिसंबर से एनआईसीयू व पीआईसीयू को छोड़कर बाकी सभी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया।
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शाम चार बजे तक दिया धरना
यहां तक की इमरजेंसी और आईसीयू में पहुंचने वाले मरीजों को भी नहीं देखा। बृहस्पतिवार को फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के कहने पर कार्य बहिष्कार को वापस ले लिया गया। हालांकि शाम करीब चार बजे तक जूनियर डॉक्टर धरना स्थल पर बैठे।
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फोर्डा के निर्णय पर कार्य बहिष्कार वापस लिया
रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मोहन ने कहा कि फिर से कोरोना का संकट गहरा रहा है और स्वास्थ्य मंत्री ने संसद में मामले को रखा है। हड़ताल का निर्णय फोर्डा का था, उन्होंने यह निर्णय लिया है कि कार्य बहिष्कार वापस लिया जाएगा। हमारी मांगों को सरकार कितना महत्व देती है, इसको देखकर रणनीति बनाई जाएगी।
संतोषजनक कार्रवाई नहीं तो फिर कार्य बहिष्कार
रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. अनुपम सिंह यादव ने कहा कि सरकार ने शुरू में कोई रुचि नहीं दिखाई, इसलिए कड़ा रुख अपनाना पड़ा। दो दिनों से सरकार का रवैया संतोषजनक है। सात दिन बाद फिर चर्चा की जाएगी। यदि कार्रवाई संतोषजनक नहीं होगी तो फिर से कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मोहन ने कहा कि फिर से कोरोना का संकट गहरा रहा है और स्वास्थ्य मंत्री ने संसद में मामले को रखा है। हड़ताल का निर्णय फोर्डा का था, उन्होंने यह निर्णय लिया है कि कार्य बहिष्कार वापस लिया जाएगा। हमारी मांगों को सरकार कितना महत्व देती है, इसको देखकर रणनीति बनाई जाएगी।
संतोषजनक कार्रवाई नहीं तो फिर कार्य बहिष्कार
रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. अनुपम सिंह यादव ने कहा कि सरकार ने शुरू में कोई रुचि नहीं दिखाई, इसलिए कड़ा रुख अपनाना पड़ा। दो दिनों से सरकार का रवैया संतोषजनक है। सात दिन बाद फिर चर्चा की जाएगी। यदि कार्रवाई संतोषजनक नहीं होगी तो फिर से कार्य बहिष्कार किया जाएगा।