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आगरा: एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर चिकित्सक को डेंगू, इलाज जारी

Mon, 13 Sep 2021 03:59 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 13 Sep 2021 03:59 PM IST
सार

नैनीताल निवासी जूनियर चिकित्सक को डेंगू होने के बाद उनके परिजन आगरा पहुंचे। हॉस्टल के कमरे में ही उनका उपचार किया जा रहा है।

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Sn Medical College Junior Doctor Found Dengue Treatent In Hostel
एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर को डेंगू हो गया है। मेडिसिन विभाग के सेकंड ईयर के हैं रेजिडेंट डॉक्टर नैनिताल के निवासी हैं। जानकारी पर इनके परिजन एसएन कॉलेज पहुंचे हैं। बताया गया है कि हॉस्टल के कमरे में ही जूनियर चिकित्सक का इलाज चल रहा है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया जूनियर डॉक्टर की हालात ठीक है।
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डेंगू के डेन-2 स्ट्रेन पर पैरासीटामोल (पीसीएम) और फ्लूड (ग्लूकोज) का इस्तेमाल कारगर साबित हो रहा है। इलाज की इस गाइड लाइन से ताजनगरी समेत आसपास के जिलों के 75 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में 25 दिनों में 108 मरीज भर्ती हुए थे, जिसमें से फिरोजाबाद की एक बालिका की मौत हुई है।
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बाल रोग विभाग में भर्ती हुए 36 में से 30 बच्चे ठीक हो चुके
एसएन के बाल रोग के डेंगू वार्ड प्रभारी डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि डेंगू के मरीजों के इलाज को सरकारी गाइड लाइन बनी है। इसी के तहत पैरासीटामोल और फ्लूड के इस्तेमाल से मरीजों का इलाज हो रहा है। जरूरत पर एक-दो एंटीबायोटिक भी इस्तेमाल कर रहे हैं। प्लान में दर्द निवारक दवाएं शामिल ही नहीं हैं, इनका उपयोग भी नहीं किया जा रहा है। सरकारी इलाज प्लान से ही बाल रोग विभाग में भर्ती हुए 36 में से 30 बच्चे ठीक हो चुके हैं, पांच का इलाज चल रहा है। फिरोजाबाद की एक बच्ची की मौत हुई है। बाल रोग विभाग के डॉ. नीरज यादव ने बताया कि डेंगू के मरीजों के इलाज में स्टेरॉयड दवाओं की कोई भूमिका नहीं हैं। झोलाछाप या फिर तेज बुखार कम करने के लिए स्टेरॉयड देने से ब्लीडिंग, संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है। बीपी अनियंत्रित होने से मरीज की हालत नाजुक बन जाती है।

सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि सरकारी और निजी अस्पतालों में आगरा समेत आसपास के जिलों के 14 अगस्त से 10 सितंबर तक 108 संदिग्ध और डेंगू के मरीज भर्ती हुए। इनमें से 75 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं, जिसमें एसएन से 57 और निजी अस्पतालों से 18 मरीज हैं।
स्टेरॉयड और दर्द निवारक दवाएं शामिल नहीं
एडी हेल्थ डॉ. एके सिंह ने बताया कि डेंगू के इलाज में स्टेरॉयड और दर्द निवारक दवाएं शामिल नहीं हैं और इनका इस्तेमाल नहीं किया जाए। फिरोजाबाद में कुछ मामलों में देखने मिला कि परिजनों ने झोलाछाप से बच्चों का इलाज कराया और स्टेरॉयड-दर्द निवारक दवाएं दी, जिससे बच्चे की हालत नाजुक हुई और मौत हुई। झोलाछाप को पकड़ने और उनके खिलाफ सीएमओ से कार्रवाई को निर्देशित भी किया है। स्टेरॉयड इस्तेमाल न करने के लिए गाइड लाइन भी जारी करने को कहा है।

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