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आगरा: एसएन के चिकित्सकों ने बचाई 14 दिन के शिशु की जान, आधे घंटे में किया ब्लैक फंगस का ऑपरेशन
Tue, 08 Jun 2021 12:16 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 08 Jun 2021 12:16 AM IST
सार
हाथरस के 14 दिन के शिशु को ब्लैक फंगस था। उसका ऑपरेशन सोमवार को किया गया।
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाथरस के 14 दिन के शिशु का ब्लैक फंगस का ऑपरेशन एसएन में सोमवार को हो गया। आधा घंटे तक चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया। बच्चे की हालत में सुधार है। ब्लैक फंगस का एक और मरीज एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ है। ईएनटी सर्जन डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि शिशु और उसके माता-पिता संक्रमित नहीं हुए हैं। प्री-मैचयोर डिलीवरी के कारण इसके गाल पर ब्लैक फंगस की शिकायत मिली। आधे घंटे तक ऑपरेशन का संक्रमित हिस्सा साफ कर दिया है। ब्लैक फंगस का एक और मरीज एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुआ है। अब तक 62 मरीज भर्ती हो चुके हैं। 32 मरीजों का वार्ड में इलाज चल रहा है।
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सबसे कम उम्र का पहला मामला
महज 14 दिन का ये शिशु कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हुआ और चार दिन पहले गाल पर ब्लैक फंगस दिखने पर परिजनों ने इसे एसएन में भर्ती कराया है। सबसे कम उम्र का यह पहला मामला है।
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ब्लैक फंगस
पहली लहर में पोस्ट कोविड मरीजों में इतने साइड इफेक्ट नहीं थे, लेेकिन इस बार मरीज के ठीक होने के बाद भी खतरा बना है। ब्लैक, येलो, व्हाइट फंगस के मरीज मिले, आंख तक निकालनी पड़ रही हैं, मौत भी हो रहीं हैं।
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बच्चों में फंगस की यह हैं तीन वजह
- जन्म के समय शिशु का वजन बहुत कम होना
- तय महीने से कम समय में शिशु का जन्म लेना।
- लंबे समय तक बच्चे के पीआईसीयू में भर्ती होना।
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