ब्लैक फंगस का नया मामला आया सामने: 14 दिन के शिशु में मिला फंगस, आज होगा ऑपरेशन
ईएनटी सर्जन डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि यह शिशु हाथरस का है। इसकी उम्र महज 14 दिन है। यह कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हुआ है चार दिन पहले गाल पर ब्लैक फंगस दिखने पर परिजनों ने इसे एसएन में भर्ती कराया है।
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आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस से पीड़ित 14 दिन का शिशु भर्ती हुआ है। इसका सोमवार को ऑपरेशन किया जाएगा। रविवार को तीन मरीजों के ऑपरेशन किए गए हैं। ईएनटी सर्जन डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि यह शिशु हाथरस का है। इसकी उम्र महज 14 दिन है। यह कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हुआ है चार दिन पहले गाल पर ब्लैक फंगस दिखने पर परिजनों ने इसे एसएन में भर्ती कराया है। सबसे कम उम्र का यह पहला मामला है। सोमवार को इसके गाल का ऑपरेशन किया जाएगा। रविवार को ब्लैक फंगस के तीन मरीजों के सायनस का ऑपरेशन किया गया है।
ब्लैक फंगस
पहली लहर में पोस्ट कोविड मरीजों में इतने साइड इफेक्ट नहीं थे, लेेकिन इस बार मरीज के ठीक होने के बाद भी खतरा बना है। ब्लैक, येलो, व्हाइट फंगस के मरीज मिले, आंख तक निकालनी पड़ रही हैं, मौत भी हो रहीं हैं।
कोरोना से ठीक होने के बाद भी साइड इफेक्ट
संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाले एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि इस बार कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद साइड इफेक्टज्यादा देखने मिल रहे। ब्लैक फंगस, आंखों की रोशनी कम होना, शॉर्ट मेमोरी लॉस, कमजोरी है जो मरीज में तीन महीने से अधिक समय तक रह सकती है।