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ऐसी बीमारी: महिला का पहले काटना पड़ा हाथ, अब पैर की थी बारी; चिकित्सकों ने किया चमत्कार
Fri, 05 Jun 2026 08:36 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 05 Jun 2026 08:36 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने डायबिटीज और बंद नस की गंभीर समस्या से जूझ रहे मरीज के पैर में स्टेंट डालकर सफल सर्जरी की। समय पर इलाज मिलने से मरीज का पैर कटने से बच गया और अब उसकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है।
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मरीज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल काॅलेज में डॉक्टरों ने मधुमेह (डायबिटीज) और पैर की बंद नस की गंभीर बीमारी से पीड़ित एक मरीज के पैर में स्टेंट डालकर सफल सर्जरी की है। इससे मरीज का पैर काटने से बचा लिया गया। मरीज की हालत भी अब ठीक है।
हृदय रोग विभाग के डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि मरीज में एक्यूट लिम्ब इस्कीमिया (पैर को खून पहुंचाने वाली मुख्य धमनी का बंद होना) मिला। इसमें देरी होने पर पैर में संक्रमण फैलता और पैर काटना पड़ता। इसी स्थिति में बीते कुछ साल पहले मरीज का हाथ काटना पड़ा था।
ऐसे में पैर की धमनियों में स्टेंट डाला गया और रक्त संचार होने लगा।
अब मरीज के पैर का दर्द ठीक हो गया है। जल्द डिस्चार्ज कर दिए जाएंगे। निजी अस्पताल में इसका खर्च दो से ढाई लाख रुपये आता है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी सेंटर संचालित होने से जटिल बीमारियों के ऑपरेशन भी हो रहे हैं। अब मरीजों को दूसरे शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
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हृदय रोग विभाग के डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि मरीज में एक्यूट लिम्ब इस्कीमिया (पैर को खून पहुंचाने वाली मुख्य धमनी का बंद होना) मिला। इसमें देरी होने पर पैर में संक्रमण फैलता और पैर काटना पड़ता। इसी स्थिति में बीते कुछ साल पहले मरीज का हाथ काटना पड़ा था।
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ऐसे में पैर की धमनियों में स्टेंट डाला गया और रक्त संचार होने लगा।
अब मरीज के पैर का दर्द ठीक हो गया है। जल्द डिस्चार्ज कर दिए जाएंगे। निजी अस्पताल में इसका खर्च दो से ढाई लाख रुपये आता है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी सेंटर संचालित होने से जटिल बीमारियों के ऑपरेशन भी हो रहे हैं। अब मरीजों को दूसरे शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है।
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