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Agra News: एसएन प्रशासन ने एसटीएफ को भेजा 3 हजार चिकित्सकों का ब्योरा

Wed, 21 Jan 2026 02:44 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 02:44 AM IST
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SN administration sent details of 3,000 doctors to STF
एसएन मेडिकल कॉलेज
आगरा। केजीएमयू में चल रहे याैन शोषण और धर्मांतरण गिरोह के तार आगरा से जुड़े हुए निकले थे। इस संबंध में जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। एसएन प्रशासन ने आरोपी डा. रमीज सहित 3 हजार चिकित्सकों की गोपनीय जानकारी एसटीएफ को भेजी है। इसमें वर्ष 2012 से 2025 तक पढ़ाई पूरी करने वाले स्नातक और परास्नातक के चिकित्सक शामिल हैं।
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किंग जॉर्ज मेडिकल काॅलेज के जूनियर रेजिडेंट डाॅ. रमीज को याैन शोषण और धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसने वर्ष 2012 में एसएन मेडिकल काॅलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। इसी वर्ष दिल्ली धमाके में पकड़ी गई डाॅ. शाहीन के भाई डाॅ. परवेज अंसारी ने भी एमडी (मेडिसिन) में प्रवेश लिया था। यह दोनों परिसर में ही स्थित सीनियर बॉयज हॉस्टल में रहे थे। मस्जिद में दोनों नमाज पढ़ने जाते थे। उन्होंने इस्लामिक मेडिकोज ग्रुप भी बनाया था। यह ग्रुप मेडिकल छात्राओं को धर्मांतरण में फंसाने के लिए बनाया गया। इसमें माैलाना को भी जोड़ा गया।
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सूत्रों के मुताबिक, वह कई संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। इसी दाैरान डाॅ. रमीज ने बैच की टाॅपर छात्रा को जाल में फंसाया था। ग्रुप से जुड़े कई लोगों ने मेडिकल छात्राओं से दोस्ती की थी। वर्ष 2017 तक डाॅ. रमीज रहा, जिसने अपने ग्रुप में मुस्लिम छात्रों और छात्राओं को जोड़ लिया था। दोनों मामले सामने आने के बाद एसटीएफ ने एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जांच की थी और डाॅ. परवेज का डाटा पूर्व में अपने साथ लेकर गई। एसएन प्रशासन ने मंगलवार को 3 हजार चिकित्सकों का डाटा एसटीएफ लखनऊ को ईमेल से भेज दिया है। इसमें नाम, पते, मोबाइल नंबर के साथ ही पढ़ाई पूरी करने का वर्ष भी शामिल है। अब एसटीएफ संदिग्धों को चिह्नित करेगी। ग्रुप से जुड़ी छात्राओं की जानकारी मिलने पर टीम पूछताछ भी कर सकती है। जिन लोगों की जानकारी दी गई हैं, उसमें वर्ष 2012 से लेकर 2025 तक के चिकित्सक शामिल हैं।
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-। आगरा में पकड़ा गया था धर्मांतरण का बड़ा मामला
थाना सदर की दो सगी बहनों के लापता होने के मामले में पुलिस की जांच में धर्मांतरण के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। कोलकाता से दोनों बहनों को मुक्त कराया गया। गिरोह के तार पाकिस्तान, दुबई सहित अन्य देशों में बैठे लोगों से सामने आए थे। कश्मीर की युवतियों की मदद से कॉलेजों की छात्राओं को जाल में फंसाया जाता था। इनमें आगरा का एक युवक भी पकड़ा गया था। वह यूट्यूब पर वीडियो अपलोड करके लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाता था।


-। टीमें जुटा रहीं गोपनीय जानकारी
एसटीएफ की टीम गोपनीय तरीके से गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रही हैं कि डॉ. परवेज और रमीज के संपर्क में स्थानीय स्तर पर काैन लोग थे। वह धर्मांतरण में किस स्तर पर जुड़े थे। कितने छात्र और छात्राओं को धर्मांतरण में फंसाया गया? डॉ. रमीज के मंटोला इलाके में भी कई बार जाने और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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