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UP: स्मार्ट मीटर से लोग हुए परेशान, तो DVVNL ने की बंपर कमाई; रीचार्ज से हुई 64 करोड़ की अतिरिक्त आय
Tue, 05 May 2026 10:48 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 05 May 2026 10:48 AM IST
सार
आगरा में स्मार्ट मीटर और कनेक्शन काटने के अभियान के बाद बिजली विभाग का राजस्व तेजी से बढ़कर 441 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उपभोक्ताओं द्वारा रिचार्ज बढ़ाने से आगरा में पिछले साल की तुलना में दोगुना राजस्व प्राप्त हुआ है।
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डीवीवीएनएल
- फोटो : शोसल मीडिया
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विस्तार
आगरा समेत 21 जिलों में स्मार्ट मीटर को लेकर जनता और विपक्षी दलों के बीच विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं, लेकिन विभागीय आंकड़े मुनाफे की तस्वीर पेश कर रहे हैं। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के आंकड़ों के अनुसार स्मार्ट मीटर की सख्ती और समय पर रीचार्ज न कराने वालों पर की गई कार्रवाई से विभाग का खजाना भरा है।
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बिजली विभाग ने बकाएदारों के खिलाफ 13 मार्च से अभियान शुरू किया था। आंकड़ों के मुताबिक लगभग 344 करोड़ रुपये का बकाया होने के कारण करीब 19 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए गए थे। स्मार्ट मीटर की तकनीक के चलते क्रमिक तरीके से कनेक्शन काटे गए। हैरानी की बात यह है कि कनेक्शन कटते ही उपभोक्ताओं ने रीचार्ज कराना शुरू कर दिया।
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कुल 19 लाख कटे हुए कनेक्शनों में से 17 लाख उपभोक्ताओं ने अब तक रीचार्ज कराया जिससे विभाग को 344 करोड़ रुपये की तुलना में 441 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। खास बात यह है कि काटे गए कनेक्शन में अभी भी करीब दो लाख उपभोक्ताओं ने रीचार्ज नहीं कराया है। अकेले आगरा में ही विभाग को पिछले साल की तुलना में करीब दोगुना राजस्व मिला है। मुख्य अभियंता आगरा जोन कपिल सिंधवानी ने बताया कि साल 2024-25 करीब 3.85 लाख घरेलू उपभोक्ताओं से 13 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। वहीं, साल 2025-26 में यह बढ़कर 29 करोड़ हो गया।
आगरा में खपत घटी, रीचार्ज का बढ़ा चलन
स्मार्ट मीटर लगने के बाद आगरा में बिजली की खपत में कमी आई है। उपभोक्ताओं की ओर से खुद ही बिजली की खपत को नियंत्रित किया जा रहा है। जिले के लगभग 80 फीसदी लोगों ने नियमित रूप से रीचार्ज कराना शुरू कर दिया है। पिछले साल करीब 68 करोड़ रुपये की बिजली की खपत हुई थी। वहीं, इस साल करीब 43 करोड़ रुपये की ही बिजली की खपत रही। विभाग का मानना है कि स्मार्ट मीटर से पारदर्शिता बढ़ी है, जिससे लोग अब अपनी जरूरत के अनुसार ही बिजली का उपयोग कर रहे हैं।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद आगरा में बिजली की खपत में कमी आई है। उपभोक्ताओं की ओर से खुद ही बिजली की खपत को नियंत्रित किया जा रहा है। जिले के लगभग 80 फीसदी लोगों ने नियमित रूप से रीचार्ज कराना शुरू कर दिया है। पिछले साल करीब 68 करोड़ रुपये की बिजली की खपत हुई थी। वहीं, इस साल करीब 43 करोड़ रुपये की ही बिजली की खपत रही। विभाग का मानना है कि स्मार्ट मीटर से पारदर्शिता बढ़ी है, जिससे लोग अब अपनी जरूरत के अनुसार ही बिजली का उपयोग कर रहे हैं।
स्मार्ट मीटर के कई हैं फायदे
मुख्य अभियंता ने बताया कि स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर लगाए गए हैं। एक भी जगह मीटर रीडिंग में अंतर नहीं आया है। स्मार्ट मीटर रीचार्ज से लोगों को बिल में दो प्रतिशत की छूट मिलती है। बिजली विभाग के एप के जरिये हर दिन होने वाली खपत को देखा जा सकता है।
मुख्य अभियंता ने बताया कि स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर लगाए गए हैं। एक भी जगह मीटर रीडिंग में अंतर नहीं आया है। स्मार्ट मीटर रीचार्ज से लोगों को बिल में दो प्रतिशत की छूट मिलती है। बिजली विभाग के एप के जरिये हर दिन होने वाली खपत को देखा जा सकता है।
हर उपकेंद्र पर लगेंगे कैंप
मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि हर उपकेंद्र पर बिजली विभाग के अधिकारी कैंप लगाएंगे। इस दौरान मीटर संबंधी किसी भी तरह की परेशानी को दूर करने के लिए लोगों को समझाएंगे और समस्या का समाधान करेंगे।
मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने बताया कि हर उपकेंद्र पर बिजली विभाग के अधिकारी कैंप लगाएंगे। इस दौरान मीटर संबंधी किसी भी तरह की परेशानी को दूर करने के लिए लोगों को समझाएंगे और समस्या का समाधान करेंगे।