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UP: स्मार्ट बोर्ड हैं, लेकिन वाई-फाई नहीं...सरकारी स्कूलों के इस प्रोजेक्ट का हाल चौंकाने वाला, DIOS ने ये कहा

Tue, 06 Jan 2026 09:56 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 06 Jan 2026 09:56 AM IST
सार

आगरा के  राजकीय माध्यमिक और परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड तो पहुंच गए लेकिन वाई-फाई की सुविधा नहीं पहुंची। कुछ जगह तो कक्षाओं की उचित व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में छात्रों को स्मार्ट बनाने की यह अभिनव योजना अनुपयोगी साबित हो रही है।

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Smart Boards Installed but No Internet: Digital Education Plan Fails in Government Schools
डीआईओएस कार्यालय, आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में 40 माध्यमिक स्कूल और दो पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज हैं। परिषदीय स्तर पर भी 27 पीएमश्री बेसिक स्कूल संचालित हैं। जिले को स्मार्ट बोर्ड तीन किस्तों में मिले। पहली किस्त में 19, दूसरी में 17 और तीसरी में 27 बोर्ड वितरित हुए। यू-डायस के आंकड़ों के अनुसार जिन स्कूलों में छात्र संख्या 50 से अधिक है, वहां स्मार्ट बोर्ड आवंटित किए गए हैं। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में दो और इंटर कॉलेजों में तीन बोर्ड देने का प्रावधान है। वहीं परिषदीय स्कूलों में 3714 टैबलेट दिए गए, जिनका उपयोग मुख्यत: मिड-डे-मील और उपस्थिति दर्ज करने तक सीमित है।
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स्मार्ट बोर्ड पर ‘पंख’ और अंतरराष्ट्रीय ‘खान अकादमी’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से गणित और विज्ञान की गुणवत्तापूर्ण सामग्री पढ़ाई जानी है। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। अगले सत्र तक सभी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। एक बोर्ड की कीमत एक से डेढ़ लाख रुपये है और बीएसएनएल कनेक्शन के लिए प्रति स्कूल 7,500 रुपये वार्षिक बजट निर्धारित किया गया है।
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इसके बाद भी पढ़ाई के लिए स्मार्ट बोर्ड का पूर्ण रूप से प्रयोग नहीं हो पा रहा है। दो स्कूलों के उदाहरण इस बात की तस्दीक करते हैं। कुछ स्कूलों को छोड़कर कमोवेश यही स्थिति स्कूलाें की है। राजकीय विद्यालय रिछोहा में 65 विद्यार्थी पढ़ते हैं। स्कूल में बिजली है लेकिन केवल एक औपचारिक केबल के माध्यम से यह उपलब्ध है। स्मार्ट बोर्ड नहीं मिला, कंप्यूटर इंस्टॉलेशन लंबित है और इंटरनेट सुविधा नहीं है। राजकीय विद्यालय चंसाैरा में 70 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। बिजली समय पर नहीं आती और इंटरनेट कनेक्शन नहीं है। स्मार्ट टीवी मिली है लेकिन सिग्नल कम होने से डिजिटल सामग्री का प्रयोग सीमित है।
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जल्द दूर होगी समस्या
जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने बताया कि इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या को जल्द दूर किया जाएगा। जहां इंटरनेट की दिक्कत है उसको व्यवस्थित किया जाएगा। स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। सभी की रिपोर्ट ली जाएगी।
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