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मिनी सैफई में लगे सपा विरोधी नारे
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
Updated Thu, 05 Nov 2015 02:20 AM IST
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दूसरी पुनर्गणना में दो वोट से मिली हार के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश समर्थकों का गुस्सा फूटना स्वाभाविक था। हुआ भी यही। बुधवार को मिनी सैफई कहे जाने वाले बरोली अहीर और बगदा गांव में समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने घरों पर काले झंडे लगाए और समाजवादी पार्टी के विरोध में ही नारेबाजी की। इतना ही नहीं प्रशासन के खिलाफ भी उन्होंने जमकर भड़ास निकाली।
वार्ड संख्या दस से प्रत्याशी गणेश यादव मंगलवार को दूसरी बार हुई पुनर्गणना में सपा नेता राजपाल यादव की पत्नी कुशल यादव से दो वोट से हार गए थे। हालांकि मतगणना में 75 वोट से और पहली बार हुई पुनर्गणना में 45 वोट से आगे थे। समर्थकों में आक्रोश तो रिजल्ट के बाद से ही था लेकिन पुलिस-प्रशासन के सतर्कता के चलते वे इसे मंगलवार को जाहिर नहीं कर सके। लेकिन बुधवार सुबह सैकड़ों युवक काले झंडे लेकर बरौली अहीर की सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के खिलाफ भी नारेबाजी। जिलाधिकारी और सीओ सदर असीम चौधरी मुख्य रूप से उनके निशाने पर रहे। घरों पर भी काले झंडे लगाए। बगदा गांव में तो गुस्साए लोगों ने सपा के निशान साइकिल को ही आग लगा दी। इसके अलावा आसपास के अन्य गांवों में भी विरोध प्रदर्शन हुए। उल्लेखनीय है कि बरौली अहीर, बुढ़ाना, बगदा, कुआं खेड़ा, महुआ खेड़ा, करभना, मदरा सहित कई गांव यादव बहुल गांव हैं और यहां सपा के पक्ष में करीब-करीब 90 फीसदी तक मतदान होता है। इस इलाके को मिनी सैफई माना जाता है।
पंचायतों में बनेगी आगे की रणनीति
आगरा। बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद तय हुआ कि बुढ़ाना, बरौली अहीर, महुआ खेड़ा, बगदा, करभना आदि के निवासी अपने-अपने गांव में पंचायत करेेंगे। इसके बाद एक महापंचायत बुलाई जाएगी। इसी में तय होगा कि कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाए या कमिश्नरी में जाकर अपनी आवाज बुलंद की जाए। तारीख तय नहीं है लेकिन फिलहाल यह तय हो गया है कि प्रदर्शन की अगुवाई महिलाएं करेंगी। पुरुष उनके पीछे रहेंगे।
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वार्ड संख्या दस से प्रत्याशी गणेश यादव मंगलवार को दूसरी बार हुई पुनर्गणना में सपा नेता राजपाल यादव की पत्नी कुशल यादव से दो वोट से हार गए थे। हालांकि मतगणना में 75 वोट से और पहली बार हुई पुनर्गणना में 45 वोट से आगे थे। समर्थकों में आक्रोश तो रिजल्ट के बाद से ही था लेकिन पुलिस-प्रशासन के सतर्कता के चलते वे इसे मंगलवार को जाहिर नहीं कर सके। लेकिन बुधवार सुबह सैकड़ों युवक काले झंडे लेकर बरौली अहीर की सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के खिलाफ भी नारेबाजी। जिलाधिकारी और सीओ सदर असीम चौधरी मुख्य रूप से उनके निशाने पर रहे। घरों पर भी काले झंडे लगाए। बगदा गांव में तो गुस्साए लोगों ने सपा के निशान साइकिल को ही आग लगा दी। इसके अलावा आसपास के अन्य गांवों में भी विरोध प्रदर्शन हुए। उल्लेखनीय है कि बरौली अहीर, बुढ़ाना, बगदा, कुआं खेड़ा, महुआ खेड़ा, करभना, मदरा सहित कई गांव यादव बहुल गांव हैं और यहां सपा के पक्ष में करीब-करीब 90 फीसदी तक मतदान होता है। इस इलाके को मिनी सैफई माना जाता है।
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पंचायतों में बनेगी आगे की रणनीति
आगरा। बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद तय हुआ कि बुढ़ाना, बरौली अहीर, महुआ खेड़ा, बगदा, करभना आदि के निवासी अपने-अपने गांव में पंचायत करेेंगे। इसके बाद एक महापंचायत बुलाई जाएगी। इसी में तय होगा कि कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाए या कमिश्नरी में जाकर अपनी आवाज बुलंद की जाए। तारीख तय नहीं है लेकिन फिलहाल यह तय हो गया है कि प्रदर्शन की अगुवाई महिलाएं करेंगी। पुरुष उनके पीछे रहेंगे।
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