आगरा में पुलिस बनकर लूटता था ईरानी गैंग: छह बदमाश गिरफ्तार, महाराष्ट्र का रहने वाला है सरगना
ईरानी गैंग के पकड़े गए बदमाशों में पांच महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। इन बदमाशों ने आगरा में तीन महीने में दस वारदात को अंजाम दिया।
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आगरा में महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश का ईरानी गैंग टप्पेबाजी कर रहा था। गैंग का सरगना और सदस्य पुलिसकर्मी बनकर राह चलते लोगों को रोकते थे। उन्हें लूट का भय दिखाकर गहने और रुपये बैग और स्कूटर की डिकी में रखने की कहते थे। इस दौरान बातों में फंसाकर गहने और रुपये पार कर फरार हो जाते थे। गुरुवार को गैंग के सरगना सहित छह बदमाश थाना सिकंदरा पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उनसे लोगों से लूटे गए गहने, रुपये भी बरामद हुए।
एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि सिकंदरा के गुरुद्वारा गुरु का ताल से गुरुवार को बदमाश पकड़े गए। इनमें सदर के राजपुर चुंगी निवासी इमरान, महाराष्ट्र के ठाणे निवासी हुसैनी, मोहम्मद उर्फ अली, बरकत, मोहम्मद सैय्यद अली और खैबर अली उर्फ कबीर अली हैं। आरोपियों से तीन कंगन, सात अंगूठी, एक लॉकेट, एक चेन, 33100 रुपये, एक सेलेरियो कार, दो बाइक और एक आधार कार्ड बरामद किया गया।
यह है सरगना
सरगना मोहम्मद सैय्यद अली है। वह पांच साल से टप्पेबाजी की वारदात कर रहा है। काफी समय से पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। उसने कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश में वारदात की हैं। आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जानकारी जुटाई जा रही है।
इन घटनाओं का खुलासा
गैंग ने चार महीने में दस से अधिक वारदात को अंजाम दिया। इनमें से 15 दिसंबर 2021 को सिकंदरा स्थित लक्ष्मी पैलेस मैरिज होम के पास स्कूटी सवार एक महिला को चेकिंग का डर दिखाकर चार कंगन और दो अंगूठी लूट ली थीं। डेढ़ महीने पहले सिंधी बाजार में महिला से रुपये, एसएन मेडिकल कॉलेज व केजी नर्सिंग होम परदो व्यक्ति, एत्मादपुर में तहसील चौराहे पर एक युवक से टप्पेबाजी कर रुपये ले गए थे।
तीन महीने पहले कमला नगर में पानी की टंकी के पास व्यापारी को चेकिंग का डर दिखाकर पांच लाख के गहने लूटे थे। दिसंबर 2021 में कमला नगर और बिजली घर स्थित तिब्बती मार्केट में महिलाओं से रुपये और गहने ले गए थे। मलपुरा में एक भी एक व्यक्ति को लूटा था।
कद-काठी से पहचान पाना मुश्किल
एसपी सिटी ने बताया कि गैंग के सदस्यों का लोगों को लूटने का अंदाज बिल्कुल अलग है। सभी की कद काठी अच्छी होती है, जिससे वो पुलिसकर्मी नजर आते हैं। वह कार में एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं। सुनसान रास्ते पर खड़े हो जाते हैं। दो लोग बाइक पर रहते हैं। रास्ते से अकेले जा रही महिला और पुरुष को रोकते हैं।
आगे लूट और पुलिस की चेकिंग का भय दिखाकर गहने और रुपये रखने को कहते हैं। वह अपने दो साथियों को भी इसी तरह डराकरा रोकते है, जिससे ठगे जाने वाले व्यक्ति को शक नहीं होता है। वह पुलिसकर्मी समझता है। इसके बाद शिकार व्यक्ति से गहने और रुपये कागज की पुड़िया, डिकी और बैग में रखते समय पार कर लेते हैं।