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Agra News: सीईसी के घर पर प्रदर्शन में अब तक छह गिरफ्तार, भेजे गए जेल
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चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आवास पर प्रदर्शन करने के आरोपी कांग्रेसियों को कड़ी सुरक्षा के बी
आगरा। थाना हरीपर्वत क्षेत्र की विजयनगर कॉलोनी में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर सोमवार को प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने अब तक कांग्रेस के दो पदाधिकारियों समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार दोपहर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से 3 अक्तूबर तक के लिए जेल भेज दिया गया। कांग्रेसियों की पेशी के दौरान दीवानी में बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा।
एसआईआर के विरोध में सोमवार सुबह 10 बजे कांग्रेस के प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव और मथुरा जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता सीईसी के घर के बाहर पहुंच गए थे। घर में उनके माता-पिता रहते हैं। कांग्रेसियों ने घर के गेट पर काले पेंट से अमर्यादित शब्द लिखे थे और जमकर नारेबाजी भी की थी। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था।
घटना की जानकारी जब तक पुलिस को हुई, तब तक आरोपी भाग गए थे। मामला लखनऊ तक पहुंचने के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस ने सोमवार को ही घेराबंदी कर अनिल यादव और मुकेश धनगर को जेवर टोल से गिरफ्तार कर लिया था। देर रात उनके चार और साथी पकड़ लिए गए। मामले में पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गई जिसमें हत्या का प्रयास, अराजकता फैलाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने जैसी कई धाराएं लगाई गई हैं।
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मामले में अनिल यादव, मुकेश धनगर, राजेश, मनोज गाैड़, करण सिंह निषाद, विक्रम वाल्मीकि, उमेश शर्मा और राजा गाैतम नामजद और 20 अज्ञात आरोपी हैं। आरोपियों को मंगलवार दोपहर तीन बजे पुलिस सीजेएम सारिब अली की कोर्ट में लेकर पहुंची। आरोपियों की ओर से जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया। कोर्ट ने विवेचक को निर्देश दिए कि धारा 109 (1) किन साक्ष्यों के आधार पर लगाई गई है, इसकी 3 अक्तूबर तक विवेचना पूरी कर जवाब दाखिल करें। जेल भेजे गए आरोपियों में पांच मथुरा के हैं।
कोर्ट में सुनवाई के दाैरान कांग्रेस नेता भी पहुंच गए। कोर्ट के आदेश पर जब पुलिस आरोपियों को जेल ले जाने लगी तो पुलिस के सामने ही कांग्रेसी नारेबाजी करने लगे। ये दीवाने कहां चले, जेल चले भाई जेल चले जैसे नारे लगाए। शोर सुनकर कोर्ट के बाहर अधिवक्ताओं और वादकारियों की भीड़ लग गई।
गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों को भी चिह्नित कर लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है। - दीपक कुमार, पुलिस आयुक्त
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एसआईआर के विरोध में सोमवार सुबह 10 बजे कांग्रेस के प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव और मथुरा जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ता सीईसी के घर के बाहर पहुंच गए थे। घर में उनके माता-पिता रहते हैं। कांग्रेसियों ने घर के गेट पर काले पेंट से अमर्यादित शब्द लिखे थे और जमकर नारेबाजी भी की थी। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था।
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घटना की जानकारी जब तक पुलिस को हुई, तब तक आरोपी भाग गए थे। मामला लखनऊ तक पहुंचने के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस ने सोमवार को ही घेराबंदी कर अनिल यादव और मुकेश धनगर को जेवर टोल से गिरफ्तार कर लिया था। देर रात उनके चार और साथी पकड़ लिए गए। मामले में पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज की गई जिसमें हत्या का प्रयास, अराजकता फैलाने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने जैसी कई धाराएं लगाई गई हैं।
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मामले में अनिल यादव, मुकेश धनगर, राजेश, मनोज गाैड़, करण सिंह निषाद, विक्रम वाल्मीकि, उमेश शर्मा और राजा गाैतम नामजद और 20 अज्ञात आरोपी हैं। आरोपियों को मंगलवार दोपहर तीन बजे पुलिस सीजेएम सारिब अली की कोर्ट में लेकर पहुंची। आरोपियों की ओर से जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया। कोर्ट ने विवेचक को निर्देश दिए कि धारा 109 (1) किन साक्ष्यों के आधार पर लगाई गई है, इसकी 3 अक्तूबर तक विवेचना पूरी कर जवाब दाखिल करें। जेल भेजे गए आरोपियों में पांच मथुरा के हैं।
कोर्ट में सुनवाई के दाैरान कांग्रेस नेता भी पहुंच गए। कोर्ट के आदेश पर जब पुलिस आरोपियों को जेल ले जाने लगी तो पुलिस के सामने ही कांग्रेसी नारेबाजी करने लगे। ये दीवाने कहां चले, जेल चले भाई जेल चले जैसे नारे लगाए। शोर सुनकर कोर्ट के बाहर अधिवक्ताओं और वादकारियों की भीड़ लग गई।
गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों को भी चिह्नित कर लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है। - दीपक कुमार, पुलिस आयुक्त