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गोवर्धन श्राइन बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू, प्रमुख मंदिरों का रिकॉर्ड जुटाने में लगे अफसर
Tue, 05 Feb 2019 11:38 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोवर्धन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोवर्धन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 05 Feb 2019 11:38 AM IST
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गोवर्धन स्थित गिर्राज दान घाटी मंदिर
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राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेश के बाद अब गोवर्धन के प्रमुख मंदिरों पर श्राइन बोर्ड गठन का प्लेटफॉर्म तैयार होने लगा है। राज्य कैबिनेट की मंजूरी से पहले इन मंदिरों से जुड़ा संपूर्ण रिकॉर्ड प्रशासनिक अधिकारी जुटा रहे हैं।
तीन दिन पहले ही एनजीटी ने गिरिराज परिक्रमा अंतर्गत गोवर्धन के प्रमुख तीन मंदिर दानघाटी, जतीपुरा और मुखारबिंद मानसी गंगा को लेकर श्राइन बोर्ड गठन का आदेश दिया है।
इसके अनुपालन में हो रही हीलाहवाली के लिए अपर मुख्य सचिव पर्यटन और मथुरा डीएम से कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। एनजीटी के आदेश के तहत अब 15 दिन में इन मंदिरों पर श्राइन बोर्ड के गठन को कैबिनेट की मंजूरी दी जानी है।
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तीन दिन पहले ही एनजीटी ने गिरिराज परिक्रमा अंतर्गत गोवर्धन के प्रमुख तीन मंदिर दानघाटी, जतीपुरा और मुखारबिंद मानसी गंगा को लेकर श्राइन बोर्ड गठन का आदेश दिया है।
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इसके अनुपालन में हो रही हीलाहवाली के लिए अपर मुख्य सचिव पर्यटन और मथुरा डीएम से कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। एनजीटी के आदेश के तहत अब 15 दिन में इन मंदिरों पर श्राइन बोर्ड के गठन को कैबिनेट की मंजूरी दी जानी है।
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प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू
जिला प्रशासन ने श्राइन बोर्ड का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब इन तीनों प्रमुख मंदिरों की संपत्तियां का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। यह मंदिर कितने क्षेत्रफल में स्थित हैं, राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ा सहित अन्य सूचनाएं भी एकत्रित की जा रही है।
दानघाटी मंदिर और मुखारबिंद मानसीगंगा मंदिर पर न्यायाधीश नियंत्रक हैं, जबकि जतीपुरा में यह जिम्मेदारी प्रशासनिक अफसर पर है। इनसे जुड़े कार्यालयों से भी जानकारी जुटाई जा रहीं हैं।
इन मंदिरों पर गठित होगा श्राइन बोर्ड
- गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में प्रमुख मंदिर है दानघाटी।
- परिक्रमा मार्ग स्थित मानसीगंगा पर स्थित है मुखारबिंद मंदिर।
- परिक्रमा मार्ग में जतीपुरा में स्थित है मंदिर।
मंदिरों की तीन करोड़ की है मासिक आय
गोवर्धन के तीनों प्रमुख मंदिरों की सेवा का ठेका प्रतिमाह उठाया जाता है। इसमें 1.5 से तीन करोड़ का ठेका उठाया जाता है। मुड़िया पूर्णिमा मेला के दौरान यह ठेका प्रत्येक मंदिर में करीब एक करोड़ से भी अधिक में उठता है।
दानघाटी मंदिर और मुखारबिंद मानसीगंगा मंदिर पर न्यायाधीश नियंत्रक हैं, जबकि जतीपुरा में यह जिम्मेदारी प्रशासनिक अफसर पर है। इनसे जुड़े कार्यालयों से भी जानकारी जुटाई जा रहीं हैं।
इन मंदिरों पर गठित होगा श्राइन बोर्ड
- गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में प्रमुख मंदिर है दानघाटी।
- परिक्रमा मार्ग स्थित मानसीगंगा पर स्थित है मुखारबिंद मंदिर।
- परिक्रमा मार्ग में जतीपुरा में स्थित है मंदिर।
मंदिरों की तीन करोड़ की है मासिक आय
गोवर्धन के तीनों प्रमुख मंदिरों की सेवा का ठेका प्रतिमाह उठाया जाता है। इसमें 1.5 से तीन करोड़ का ठेका उठाया जाता है। मुड़िया पूर्णिमा मेला के दौरान यह ठेका प्रत्येक मंदिर में करीब एक करोड़ से भी अधिक में उठता है।