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श्रीकृष्ण जन्माष्टमीः पुष्प तेजोमहल में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे कान्हा
Tue, 20 Aug 2019 09:05 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 20 Aug 2019 09:05 AM IST
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जन्मस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार ठाकुरजी पुष्प तेजोमहल में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। पत्र, पुष्प और काष्ठ से बनाए जाने वाले इस बंगले की छठा और कला अनूठी होगी।
ठाकुरजी रेशम, जरी एवं रत्नों से प्रतिकृति के सुंदर मृगांक कौमुदी (चंद्र ज्योत्सना) पोशाक धारण करेंगे। ठाकुरजी का प्राकट्य और अभिषेक रजत कमल पुष्प में होगा। साथ ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुरजी प्रात: मंगला के बाद इस दिव्य पोशाक को धारण कर दर्शन देंगे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि 24 अगस्त को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण का अभिषेक स्वर्ण जड़ित चांदी से बनी गाय के दूध से होगा।
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ठाकुरजी रेशम, जरी एवं रत्नों से प्रतिकृति के सुंदर मृगांक कौमुदी (चंद्र ज्योत्सना) पोशाक धारण करेंगे। ठाकुरजी का प्राकट्य और अभिषेक रजत कमल पुष्प में होगा। साथ ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुरजी प्रात: मंगला के बाद इस दिव्य पोशाक को धारण कर दर्शन देंगे।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि 24 अगस्त को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण का अभिषेक स्वर्ण जड़ित चांदी से बनी गाय के दूध से होगा।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
इसमें श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही स्वत:चालित यंत्रों से कामधेनु गाय के थन से दूध निकलने लगेगा। उस दूध से कुछ समय ठाकुर जी का अभिषेक होगा। इसके बाद दही, घी, बूरा, शहद व दूध से दिव्य महाभिषेक होगा। रात्रि 12:15 से 12:30 तक अभिषेक चलेगा। 12:30 से 12:40 तक शृंगार आरती के दर्शन होंगे।
जन्म के समय रात्रि 1:30 बजे तक जन्म के दर्शन को मंदिर खुला रहेगा। इससे पूर्व प्रात: 10 बजे से श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास महाराज, कार्ष्णि गुरुशरणानंद के सानिध्य में लीला मंच पर पुष्पांजिल कार्यक्रम होगा।
मंदिर प्रांगण में होगा शंख ध्वनि
जन्म महाभिषेक का अलौकिक आकर्षण रात्रि 12 बजे भगवान के प्राकट्य के साथ संपूर्ण मंदिर परिसर में शंख, ढोल, नगाड़े के साथ मृदंग बज उठेंगे। मुख्यद्वार पर लगे पीए सिस्टम माध्यम से कृष्ण जन्मभूमि से शंखनाद का अलौकिक आनंद मथुरावासी ले सकेंगे।
ठाकुरजी के जन्म के साथ ही प्रात: दिव्य शहनाई एवं नगाड़ों के वादन के साथ भगवान की मंगला आरती के दर्शन होंगे। इसके बाद भगवान का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। इस दौरान ठाकुरजी के प्रिय स्त्रोत का पाठ एवं पुष्पार्चन होगा।
जन्म के समय रात्रि 1:30 बजे तक जन्म के दर्शन को मंदिर खुला रहेगा। इससे पूर्व प्रात: 10 बजे से श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास महाराज, कार्ष्णि गुरुशरणानंद के सानिध्य में लीला मंच पर पुष्पांजिल कार्यक्रम होगा।
मंदिर प्रांगण में होगा शंख ध्वनि
जन्म महाभिषेक का अलौकिक आकर्षण रात्रि 12 बजे भगवान के प्राकट्य के साथ संपूर्ण मंदिर परिसर में शंख, ढोल, नगाड़े के साथ मृदंग बज उठेंगे। मुख्यद्वार पर लगे पीए सिस्टम माध्यम से कृष्ण जन्मभूमि से शंखनाद का अलौकिक आनंद मथुरावासी ले सकेंगे।
ठाकुरजी के जन्म के साथ ही प्रात: दिव्य शहनाई एवं नगाड़ों के वादन के साथ भगवान की मंगला आरती के दर्शन होंगे। इसके बाद भगवान का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। इस दौरान ठाकुरजी के प्रिय स्त्रोत का पाठ एवं पुष्पार्चन होगा।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जन्माष्टमी उत्सव की जानकारी देते संस्थान के सचिव कपिल शर्मा एवं गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी
- फोटो : अमर उजाला
ठाकुरजी धारण करेंगे ब्रजरत्न मुकुट व नवरत्न जड़ित स्वर्ण कंठा
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर 23 अगस्त की शाम छह बजे से श्री केशवदेव मंदिर में संत और भक्तजन ढोल, नगाड़े, झांझ मंजीरे के मध्य भगवान की पोशाक अर्पित करने के लिए संकीर्तन करते हुए जाएंगे।
पोशाक, मुकुट, शृंगार, दिव्य मोर्छलासन, कामधेनु गाय की प्रतिकृति एवं दिव्य रजत कमल के विशेष दर्शन होंगे। इस बार जन्माष्टमी पर ठाकुरजी को सुंदर जरी, रेशम एवं रत्नप्रतिकृतियों के संयोजन से दिव्य ब्रजरत्न मुकुट और नवरत्न जड़ित स्वर्ण कंठा धारण कराई जाएगी।
महाराष्ट्र के आएंगे ढोल-वादक
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर संपूर्ण जन्मस्थान प्रांगण कान्हा के जन्म का उल्लास रहेगा। जन्म के जश्न में घंटे, घड़ियाल एवं ढोल के सामंजस्य से अद्भुत दिव्य मंगल वादन करेंगे।
वहीं ढोल नगाड़े बजेंगे और नृत्य किया जाएगा। श्रद्धालुओं को कान्हा के जन्म का प्रसाद बांटा जाएगा। इसके लिए सवा सौ मन प्रसाद तैयार किया जा रहा है। साथ ही भंडारा चलाया जाएगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर 23 अगस्त की शाम छह बजे से श्री केशवदेव मंदिर में संत और भक्तजन ढोल, नगाड़े, झांझ मंजीरे के मध्य भगवान की पोशाक अर्पित करने के लिए संकीर्तन करते हुए जाएंगे।
पोशाक, मुकुट, शृंगार, दिव्य मोर्छलासन, कामधेनु गाय की प्रतिकृति एवं दिव्य रजत कमल के विशेष दर्शन होंगे। इस बार जन्माष्टमी पर ठाकुरजी को सुंदर जरी, रेशम एवं रत्नप्रतिकृतियों के संयोजन से दिव्य ब्रजरत्न मुकुट और नवरत्न जड़ित स्वर्ण कंठा धारण कराई जाएगी।
महाराष्ट्र के आएंगे ढोल-वादक
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर संपूर्ण जन्मस्थान प्रांगण कान्हा के जन्म का उल्लास रहेगा। जन्म के जश्न में घंटे, घड़ियाल एवं ढोल के सामंजस्य से अद्भुत दिव्य मंगल वादन करेंगे।
वहीं ढोल नगाड़े बजेंगे और नृत्य किया जाएगा। श्रद्धालुओं को कान्हा के जन्म का प्रसाद बांटा जाएगा। इसके लिए सवा सौ मन प्रसाद तैयार किया जा रहा है। साथ ही भंडारा चलाया जाएगा।