फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Shri krishna janmashtami celebrate one day

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: स्मार्त व वैष्णव मत से एक ही दिन मनेगी जन्माष्टमी, इस बार द्वापर युग जैसा 'जंयती योग'

Sun, 29 Aug 2021 09:53 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sun, 29 Aug 2021 09:53 AM IST
सार

दो प्रमुख स्मार्त व वैष्णव मत से एक ही दिन जन्माष्टमी मनेगी। जयंती योग द्वापर युग जैसा संयोग बना रहा है।

विज्ञापन
Shri krishna janmashtami celebrate one day
ठाकुर जी पोशाक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस बार 'जयंती योग' में स्मार्त व वैष्णव मत से एक ही दिन मनेगी। इस दुर्लभ योग में किया गया उपवास करोड़ों यज्ञों का फल प्रदान करता है।। ये कहना है शोध निदेशक, भारद्वाज ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान, बड़ा गणपति, इंदौर के आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक का।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि वर्षों बाद इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण का 5248वां प्राकट्य उत्सव तिथी नक्षत्र के विशेष संयोग से जयंती योग में मनाया जाएगा। दो प्रमुख स्मार्त व वैष्णव मत से एक ही दिन जन्माष्टमी मनेगी। जयंती योग द्वापर युग जैसा संयोग बना रहा है। बताया कि पुराणादि धर्मशास्त्रों की मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण भगवान का प्राकट्य भाद्र मास, कृष्ण पक्ष, अष्टमी तिथि बुधवार, रोहिणी नक्षत्र व वृषभ राशि के चन्द्रमा में अर्धरात्रि में हुआ था। इस वर्ष 30 अगस्त सोमवार को वर्षों बाद श्रीकृष्ण जन्म समय के सभी दुर्लभ योगों का  संयोग प्राप्त हो रहे हैं। 
विज्ञापन


सात वर्ष पहले बना था द्वापर युग जैसा संयोग 
30 अगस्त सोमवार को सूर्योदय कालीन अष्टमी तिथि है जो रात्रि 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। अर्द्धरात्रि व्यापिनी रोहिणी नक्षत्र भी दूसरे दिन प्रातः 9 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। सूर्योदय कालीन अष्टमी तिथि अर्धरात्रि व्यापिनी रहेगी। रोहिणी नक्षत्र भी अर्धरात्रि में रहेगा। वृषभ राशि का चन्द्रमा भी है। इन दुर्लभ छः तत्वों के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग एवं लक्ष्मी नारायण योगजन्माष्टमी पर्व की शोभा बढ़ाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

Shri krishna janmashtami celebrate one day
ज्योतिषाचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक - फोटो : अमर उजाला
छह विशेष तत्वों का संयोग जो जयंती योग निर्मित कर रहा
भाद्र मास, अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ राशी का चन्द्रमा, अर्धरात्रि व्यापिनी अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र ये छह मुख्य तत्त्वोंके साथ सोमवार को जन्माष्टमी पर्व विषेश पुण्य फलदायी बना रहे हैं। जन्म जन्मान्तरों के पुण्य संचय से ही इस प्रकार के दुर्लभ योग की प्राप्ति कलियुग में होती है। विष्णु रहस्य, गौतमी तन्त्र, पद्मपुराण आदि ग्रन्थों में इस महायोग में व्रत, उपवास करने से पितृ आदि प्रेतयोनि को प्राप्त हुए हों तो वे प्रेतयोनि से मुक्त हो जाते है। जयंती योग में किया उपवास करोड़ों यज्ञों का फल प्रदान करता है। 
संतान प्राप्ति के लिए करें ये उपाय
जयंती योग में संतान गोपाल स्तोत्र व हरिवंश पुराण के पाठ का विशेष महत्व बताया गया है। विधि विधान पूर्वक इसके अनुष्ठान व भगवत्कृपा से संतान की प्राप्ति होती है। जन्माष्टमी पर व्रत  उपवास व पूजा का महत्व है। 
व्रती को प्रातः नित्य कर्म से निवृत हो जन्माष्टमी व्रत विधिविधान से अनुष्ठान का संकल्प करना चाहिए। दिन में उपवास और रात्रि जागरण व विविध पूजा उपचारों से बाल रूप श्रीकृष्ण का पूजन, भगवत कीर्तन आदि इस उत्सव के प्रधान अंग है।
 

*ॐ नमो भगवते वासुदेवाय व ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रनतह क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः। इस महामंत्र का जप करने से चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति होती है।

अर्धरात्रि में कृष्ण जन्मोत्सव का विधान
सविधि बाल कृष्ण की पूजा अर्चना, श्रृंगार, प्रसाद (माखन मिश्री व पंजेरी,कदली फल) आरती, पुष्पांजलि के साथ पूजा समर्पित की जाती है। पूजा के साथ शंख से चन्द्रमा और श्रीकृष्ण के लिए अर्घ्य दान का विशेष महत्व बताया है। मथुरा-वृंदावन में कृष्ण जन्मोत्सव  वैदिक विधि से मनाया जाता है जो दर्शनीय भी है। वैसे पूरे भारत वर्ष में जन्माष्टमी पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है।यह सर्वमान्य उत्सव है। वल्लभ, चैतन्य व निम्बार्क संप्रदाय का यह सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: मथुरा में आस्था का सैलाब, द्वारिकाधीश मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़, तस्वीरें

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed