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माघ पूर्णिमा पर शोभन योग का होगा संयोग
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सोरोंजी। माघ पूर्णिमा पर पौराणिक महत्व के चलते बड़ी संख्या में गंगा घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसके लिए तैयारियां भी की गई हैं। हरि की पौड़ी, लहरा गंगा घाट, कछला गंगा घाट, कादरगंज गंगा घाट सहित अन्य घाटों पर श्रद्धालु गंगा स्नान को पहुंचेंगे। मान्यता है कि माघ माह में पूर्णिमा के दिन देवता धरती पर आते हैं और गंगा में स्नान करते हैं। इस दिन स्वयं भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं। इस शुभ संयोग में गंगा स्नान कर दान पुण्य का अपार महत्व है। पंडित प्रशांत कोठेवार ने बताया है कि पूर्णिमा की तिथि 15 फरवरी मंगलवार को रात 9 बजकर 42 मिनट से प्रारंभ होगी, जो 16 फरवरी बुधवार को रात 1 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। इस पूर्णिमा पर दिन भर शोभन योग का दुर्लभ संयोग निर्मित हो रहा है। उन्होंने बताया कि शोभन योग में कार्य करने से सुख, सौभाग्य व यश की प्राप्ति होती है।
आचार्य पंडित राहुल वशिष्ठ का कहना है कि पद्मपुराण में भगवान श्रीकृष्ण ने सत्यभामा को प्रसंगत भगवान शिव द्वारा कार्तिकेय को माघ मास में शूकरक्षेत्र सोरोंजी में स्नान करने का फल बताया था। माघ मास में शूकरक्षेत्र में केवल स्नान करने मात्र से ही मुक्ति मिल जाती है, मनुष्य संसार बंधन में नहीं पड़ता। माघ मास में शूकरक्षेत्र में गंगा स्नान कर दान करने से कई गुना पुण्यफल प्राप्त होते हैं। माघ मास की पूर्णिमा तिथि को शूकरक्षेत्र, त्रिवेणी और गंगा-सागर-संगम में एक बार ही स्नान कर लेने मात्र से मनुष्य की ब्रह्महत्या दूर हो जाती है।
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आचार्य पंडित राहुल वशिष्ठ का कहना है कि पद्मपुराण में भगवान श्रीकृष्ण ने सत्यभामा को प्रसंगत भगवान शिव द्वारा कार्तिकेय को माघ मास में शूकरक्षेत्र सोरोंजी में स्नान करने का फल बताया था। माघ मास में शूकरक्षेत्र में केवल स्नान करने मात्र से ही मुक्ति मिल जाती है, मनुष्य संसार बंधन में नहीं पड़ता। माघ मास में शूकरक्षेत्र में गंगा स्नान कर दान करने से कई गुना पुण्यफल प्राप्त होते हैं। माघ मास की पूर्णिमा तिथि को शूकरक्षेत्र, त्रिवेणी और गंगा-सागर-संगम में एक बार ही स्नान कर लेने मात्र से मनुष्य की ब्रह्महत्या दूर हो जाती है।
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