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अमर उजाला से बोले शिवराज सिंह चौहान, सियासत में नहीं आता तो बन जाता ये
पुनीत शर्मा/अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 13 Aug 2017 02:59 PM IST
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शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यदि सियासत में नहीं आते तो संत बन जाते। उन्हें प्रवचन करने में दुनिया की सबसे बड़ी खुशी मिलती है। क्योंकि प्रोफेसर रहे हैं लिहाजा बच्चों को पढ़ाने की इच्छा आज भी उनके अंदर है। कहते हैं कभी-कभी तो मन करता है कि बच्चों को इकट्ठा करूं और पढ़ाने बैठ जाऊं, लेकिन व्यस्तता के कारण सारी इच्छाओं को दबाना पड़ता है।
मध्य प्रदेश से लगातार तीन बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ गिरिराजजी की परिक्रमा लगाने आए। बांकेबिहारी मंदिर और कई दूसरे मंदिरों के भी उन्होंने दर्शन किए।
शनिवार को अमर उजाला के साथ खास बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं तो प्रोफेसर था, बच्चों को पढ़ाता था। धर्म-कर्म में शुरू से ही लगा रहा, जब भी मौका मिलता था प्रवचन करता था।
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जब वह भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तब उन्हें प्रवचन करने का मौका मिल जाता था। मध्य प्रदेश की कई सभाओं में भी वह लोगों को समझाने के लिए प्रवचन करने लगते थे। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद अब वक्त नहीं रह जाता है।
उन्होंने 2001 में सबसे पहले गिरिराजजी की परिक्रमा की थी। तब से चार दफा परिक्रमा लगा चुके हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि जब भी वक्त मिलेगा वह दौड़कर गोवर्धन चले आएंगे, क्योंकि उन्हें धर्मनगरी में आकर जो शांति मिलती है वह कहीं नहीं मिलती।
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मध्य प्रदेश से लगातार तीन बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ गिरिराजजी की परिक्रमा लगाने आए। बांकेबिहारी मंदिर और कई दूसरे मंदिरों के भी उन्होंने दर्शन किए।
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शनिवार को अमर उजाला के साथ खास बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं तो प्रोफेसर था, बच्चों को पढ़ाता था। धर्म-कर्म में शुरू से ही लगा रहा, जब भी मौका मिलता था प्रवचन करता था।
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जब वह भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे तब उन्हें प्रवचन करने का मौका मिल जाता था। मध्य प्रदेश की कई सभाओं में भी वह लोगों को समझाने के लिए प्रवचन करने लगते थे। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद अब वक्त नहीं रह जाता है।
उन्होंने 2001 में सबसे पहले गिरिराजजी की परिक्रमा की थी। तब से चार दफा परिक्रमा लगा चुके हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि जब भी वक्त मिलेगा वह दौड़कर गोवर्धन चले आएंगे, क्योंकि उन्हें धर्मनगरी में आकर जो शांति मिलती है वह कहीं नहीं मिलती।
सियासत तो फड़ है सब अपना-अपना माल बेच रहे हैं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
आज की सियासत पर चर्चा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सियासत तो एक फड़ की तरह से हो गई है। सभी लोग अपनी-अपनी दुकान सजाकर माल बेच रहे हैं। किसी का माल कम बिक जाता है तो किसी का ज्यादा।
उन्होंने कहा कि नौजवान आज भी सियासत में आने से बच रहे हैं। नई पीढ़ी को भी सियासत में आना चाहिए, इससे बदलाव आएगा। सियासत की नई दिशा तय होगी। उन्होंने समय-समय पर सियासत को आइना दिखाने के लिए अमर उजाला की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि नौजवान आज भी सियासत में आने से बच रहे हैं। नई पीढ़ी को भी सियासत में आना चाहिए, इससे बदलाव आएगा। सियासत की नई दिशा तय होगी। उन्होंने समय-समय पर सियासत को आइना दिखाने के लिए अमर उजाला की तारीफ की।
भगवान सबको ऐसा पति दे: साधना सिंह
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की पत्नी साधना सिंह ने कहा कि उनके पति बहुत अच्छे हैं। भगवान करे कि उनके जैसा पति सबको मिले। इतने व्यस्तता के बीच भी उनका ख्याल रखते हैं। परिवार को वक्त देते हैं, यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है। शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा कि उनकी कामयाबी के पीछे उनकी पत्नी का बड़ा हाथ है। हमेशा उनका साथ दिया है।