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शिवपाल ने नेता जी के तारीफ में कसीदे पढ़े

Mon, 30 Sep 2019 11:15 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2019 11:15 PM IST
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shivpal in mainpuri
कुरावली के गांव पहाड़पुर में आयोजित कार्यक्रम में बोलते प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव। - फोटो : MAINPURI
मैनपुरी/कुरावली। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने सोमवार को पहाड़पुर गांव में शहीद उमेश चंद्र यादव की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव तारीफ में खूब कसीदे पढ़े। कहा कि आज परिजन शहीदों के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन नेताजी की बदौलत कर पाते हैं। मुलायम सिंह के रक्षा मंत्री होने से पूर्व तो शहीदों के घर उनके कपड़े ही पहुंचते थे।
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प्रसपा अध्यक्ष ने कहा कि पहले शहीदों के शव उनके परिजनों को देखने के लिए भी नहीं मिलते थे। सिर्फ शहीदों के कपड़े घरों पर भेजे जाते थे, लेकिन जब मुलायम सिंह यादव रक्षामंत्री बने तो उन्होंने शहीदों के शव को उनके घर पहुंचाने का निर्णय लिया। इतना ही नहीं, शहीद के परिजनों को प्रदेश और केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता दिलवाने का भी कार्य किया।
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आज मुलायम सिंह यादव के कारण शहीदों के परिजनों को उनके अंतिम दर्शन नसीब होते हैं। उन्होंने कहा कि वे मुलायम सिंह यादव के सपनों को पूरा करने का काम कर रहे हैं।
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वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार को पूरी तरह विफल बताया। कहा कि आज लूट, हत्या और डकैती आम बात हो गई है। अपराधी जहां निरंकुश हैं तो वहीं रोजगार न मिलने से युवा परेशान हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई पर कोई अंकुश नहीं है। उन्होंने भाजपा की नीतियों को किसान और मजदूर विरोधी तक कह डाला।
शिवपाल सिंह मैनपुरी में प्रसपा नेता किशन दुबे के घर पहुंचकर उनकी मां के निधन पर शोक भी जताया। इस दौरान प्रसपा जिलाध्यक्ष वोट सिंह यादव, महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चना राठौर, पूर्व डीसीबी चेयरमैन रामकुमार यादव व अन्य नेता मौजूद रहे।

नक्सलियों से मुठभेड़ में शहीद हुए थे उमेश
शहीद उमेश चंद्र यादव का जन्म गांव पहाड़पुर निवासी सिंहपाल यादव के घर में हुआ था। वर्ष 1999 में उमेश सेना में भर्ती हो गए थे। वे असम राइफल्स मणिपुर में तैनात थे। 16 जनवरी 2004 को उमेश चंद्र नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। 15 साल बाद सोमवार को प्रसपा प्रमुख ने शहीद की प्रतिमा का अनावरण किया तो हर आंख छलक उठी।
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