{"_id":"0d7dea105d12a87e45c0dd3b8dfac327","slug":"shiv-sena-opened-front-against-the-arun-murder-case-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अरुण हत्याकांड के विरोध में शिवसेना ने भी खोला मोर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अरुण हत्याकांड के विरोध में शिवसेना ने भी खोला मोर्चा
अागरा ब्यूूराे
Updated Tue, 01 Mar 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विहिप नेता अरुण माहौर हत्याकांड के विरोध में शिवसेना ने भी शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कलेक्ट्रेट पर सोमवार को प्रदर्शन कर अरुण के परिवार को ‘दादरी’ की तरह से शासन से मदद दिलाने और हत्यारोपियों पर रासुका लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने एमजी रोड पर जाम लगा दिया। उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। उन्होंने अपर नगर मजिस्ट्रेट (पंचम) को एक ज्ञापन दिया।
जिला प्रमुख वीनू लवानिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के सामने एकत्रित हुए और एमजी रोड जाम कर दिया। सपा सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिसकर्मियों ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों की उनसे नोकझोंक हो गई। काफी देर बाद कार्यकर्ताओं ने जाम खोला। इसके बाद कलेक्ट्रेट के गेट पर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि अरुण के परिवार को 50 लाख रुपये, एक मकान और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। हंगामा बढ़ता देख तकरीबन एक घंटे बाद अपर नगर मजिस्ट्रेट (पंचम) श्यामलता मौके पर पहुंची और ज्ञापन लिया। इस दौरान वीनू लवानिया ने कांग्रेस, बसपा और सपा नेताओं पर अरुण माहौर के परिवार की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि इन दलों के नेता राजनीतिक रोटियां सेकने में लगे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों को पूरा नहीं किया गया तो शिवसेना उग्र आंदोलन करेगी। इस दौरान चुन्ना पांडेय, रश्मि वर्मा, अजय चोपड़ा, बृजेश गौतम, इंद्रमणि गौतम, परमवीर चौधरी, नेम सिंह शेखावत, वीरू, जय प्रकाश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिला प्रमुख वीनू लवानिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के सामने एकत्रित हुए और एमजी रोड जाम कर दिया। सपा सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिसकर्मियों ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों की उनसे नोकझोंक हो गई। काफी देर बाद कार्यकर्ताओं ने जाम खोला। इसके बाद कलेक्ट्रेट के गेट पर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि अरुण के परिवार को 50 लाख रुपये, एक मकान और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। हंगामा बढ़ता देख तकरीबन एक घंटे बाद अपर नगर मजिस्ट्रेट (पंचम) श्यामलता मौके पर पहुंची और ज्ञापन लिया। इस दौरान वीनू लवानिया ने कांग्रेस, बसपा और सपा नेताओं पर अरुण माहौर के परिवार की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि इन दलों के नेता राजनीतिक रोटियां सेकने में लगे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों को पूरा नहीं किया गया तो शिवसेना उग्र आंदोलन करेगी। इस दौरान चुन्ना पांडेय, रश्मि वर्मा, अजय चोपड़ा, बृजेश गौतम, इंद्रमणि गौतम, परमवीर चौधरी, नेम सिंह शेखावत, वीरू, जय प्रकाश आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन