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आर्थिक तंगी के कारण शिक्षामित्र ने की खुदकुशी, पेड़ से लटका मिला शव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 18 Sep 2018 07:15 PM IST
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आगरा के मलपुरा क्षेत्र में शिक्षामित्र ने पेड़ पर फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। परिजनों के मुताबिक वो आर्थिक तंगी के कारण परेशान रहता था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शिक्षामित्र की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
मलपुरा के गांव जारूआ कटरा निवासी तोरन सिंह शिक्षा मित्र था। उसने 20 दिन पूर्व ही अपनी तैनाती ब्लाक जैतपुर के गांव निबोहरा से अपने गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में कराई थी। घरवालों के मुताबिक आर्थिक तंगी की वजह से वो चार पांच दिनों से परेशान था।
टहलने के लिए निकला था शिक्षामित्र
सोमवार शाम सात बजे तोरन सिंह घर से बाहर टहलने की बात कहकर निकला था। देर रात तक जब वो नहीं लौटा, तो परिजनों ने खोजबीन की। इस दौरान चाचा संसार व अन्य परिजन खेत की ओर गए, तो वहां जामुन के पेड़ पर रस्सी के सहारे शिक्षामित्र का शव लटका हुआ था।
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मलपुरा के गांव जारूआ कटरा निवासी तोरन सिंह शिक्षा मित्र था। उसने 20 दिन पूर्व ही अपनी तैनाती ब्लाक जैतपुर के गांव निबोहरा से अपने गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में कराई थी। घरवालों के मुताबिक आर्थिक तंगी की वजह से वो चार पांच दिनों से परेशान था।
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टहलने के लिए निकला था शिक्षामित्र
सोमवार शाम सात बजे तोरन सिंह घर से बाहर टहलने की बात कहकर निकला था। देर रात तक जब वो नहीं लौटा, तो परिजनों ने खोजबीन की। इस दौरान चाचा संसार व अन्य परिजन खेत की ओर गए, तो वहां जामुन के पेड़ पर रस्सी के सहारे शिक्षामित्र का शव लटका हुआ था।
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यह देख घरवालों की चीखें निकल गई। चीख-पुकार सुनकर मौके पर भीड़ लग गई। सूचना पर एसओ मलपुरा भी सिपाहियों के साथ पहुंचे। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर आते समय परिजनों ने गांव से पहले जनप्रतिनिधि को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। पर, डेढ़ घंटे बाद भी कोई जनप्रतिनिधि नहीं आया, तो आक्रोशित लोग शव को लेकर गांव चले गए।
संगठन में भी शोक की लहर
शिक्षामित्र की मौत से खबर से संगठन में भी शोक की लहर दौड़ गई। संगठन के पदाधिकारियों ने घर पहुंचकर सांत्वना दी। उन्होंने पत्नी रीना को शिक्षामित्र के पद पर नौकरी तथा 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जब से शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। उनके घर की माली हालत बिगड़ने लगी है। तोरन की मौत के बाद से पत्नी रीना और बेटे दिव्यांशु की तो रो-रो कर हालत खराब है।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर आते समय परिजनों ने गांव से पहले जनप्रतिनिधि को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। पर, डेढ़ घंटे बाद भी कोई जनप्रतिनिधि नहीं आया, तो आक्रोशित लोग शव को लेकर गांव चले गए।
संगठन में भी शोक की लहर
शिक्षामित्र की मौत से खबर से संगठन में भी शोक की लहर दौड़ गई। संगठन के पदाधिकारियों ने घर पहुंचकर सांत्वना दी। उन्होंने पत्नी रीना को शिक्षामित्र के पद पर नौकरी तथा 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जब से शिक्षामित्रों को 10 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। उनके घर की माली हालत बिगड़ने लगी है। तोरन की मौत के बाद से पत्नी रीना और बेटे दिव्यांशु की तो रो-रो कर हालत खराब है।