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शैलेंद्र की जुबान खुली, अफसरों की नींद उड़ी
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 06 May 2015 02:00 AM IST
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जेल से 75 घंटे के रिमांड पर लिया गया सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल पुलिस के हर सवाल का जवाब बड़ी चालाकी से घुमा फिराकर दे रहा है। मंगलवार दोपहर एक बजे से देर रात तक चली पूछताछ में उसने अपने रिश्ते आगरा से लेकर लखनऊ सचिवालय तक के कई बड़े अधिकारियों से बताए। बड़ी आसानी से यह भी कुबूल कर लिया कि उसने अफसरों से जीभरकर पैसा लिया। लेकिन न तो एक भी अधिकारी का नाम अपनी जुबान पर लाया है और न ही अफसरों के साथ की गई जालसाजी के रहस्य से परदा उठाया। सत्ता पर अपनी पकड़ के दावे करते हुए बार-बार यही कहता रहा कि उसने अफसरों से पैसे लिए हैं, तो उनके नाम भी कराए हैं।
उसके इतने से कुबूलनामे से उन अफसरों की आंखों से नींद उड़ना तय है जो उसकी जालसाजी के शिकार होकर भी आयकर के फंदे में फंस जाने के डर से चुप बैठे हुए हैं। उसने जिस अफसर का नाम लिया, वही मुश्किल में पड़ जाएगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शैलेंद्र शुरू में तो कुछ भी बोलने को ही तैयार नहीं हुआ। हर सवाल पर चुप्पी साधकर गुमसुम बैठा रहा। जब उसे बताया गया कि उसके घर से मिली हार्ड डिस्क खुल गई हैं तो बेचैन हो गया। उससे पूछा गया कि उसने किस किस अधिकारी का पैसा हड़पा है, जवाब मिला, ‘मैंने कोई फ्रॉड नहीं किया है, जिन अधिकारियों ने पैसा दिया, उनके काम हुए हैं।’
इसके बाद पुलिस ने उससे कई बार अधिकारियों के नाम बताने को कहा लेकिन सही जवाब नहीं मिला। वह बार बार यही कहता रहा कि किस किसका नाम बताए, उसके रिश्ते तो लखनऊ के आला अफसरों तक से हैं।
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आठ बैंक खाते सीज
शैलेंद्र अग्रवाल के अभी तक चिह्नित किए गए 18 बैंक खातों में से पुलिस ने आठ सीज कर दिए हैं। इनकी जांच पड़ताल में पाया गया कि इनमें जितनी तेजी से पैसा जमा होता था, उतनी ही रफ्तार से निकाल लिया जाता था। ये खाते केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के शामिल हैं।
कोल्ड स्टोरेज से रिकार्ड जब्त
पुलिस ने शैलेंद्र अग्रवाल को साथ ले जाकर उसके धिमिश्री स्थित कोल्ड स्टोरेज से कैशबुक, लेजरबुक कब्जे में लिए हैं। इसके अलावा उसके फतेहाबाद रोड स्थित फॉर्म हाउस पर भी उसे ले जाकर जांच पड़ताल की गई।
दसवां मुकदमा दर्ज हुआ
शैलेंद्र अग्रवाल के खिलाफ ताजगंज थाने में दस लाख रुपये की धोखाधड़ी के बाद सोमवार तक नौ मुकदमे दर्ज हो चुके थे। मंगलवार को थाना मलपुरा में गढ़सानी निवासी वीरी सिंह ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। इसमें कहा गया है कि शैलेंद्र अग्रवाल ने उससे आलू भंडारण के नाम पर दस लाख रुपये लिए थे। मुनाफे का लालच दिया था। बाद में पैसा मांगने पर चेक थमा दिया, जो बाउंस हो गया।
ईओडब्ल्यू जा सकती है जांच
पुलिस अब पूरे मामले को आर्थिक अपराध शाखा को सौंपने की तैयारी कर रही है। एसएसपी राजेश डी मोदक ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपने के लिए अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।
कोई नहीं पहुंचा मुलाकात करने
पुलिस को शुरू में लग रहा था कि शैलेंद्र से जेल में मुलाकात करने के लिए काफी लोग पहुंचेंगे, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। जेल अधिकारियों ने बताया कि पहले दिन कुछ लोगों ने उससे मुलाकात के लिए अपना नाम भेजा था, लेकिन अभी तक आया कोई नहीं।
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उसके इतने से कुबूलनामे से उन अफसरों की आंखों से नींद उड़ना तय है जो उसकी जालसाजी के शिकार होकर भी आयकर के फंदे में फंस जाने के डर से चुप बैठे हुए हैं। उसने जिस अफसर का नाम लिया, वही मुश्किल में पड़ जाएगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शैलेंद्र शुरू में तो कुछ भी बोलने को ही तैयार नहीं हुआ। हर सवाल पर चुप्पी साधकर गुमसुम बैठा रहा। जब उसे बताया गया कि उसके घर से मिली हार्ड डिस्क खुल गई हैं तो बेचैन हो गया। उससे पूछा गया कि उसने किस किस अधिकारी का पैसा हड़पा है, जवाब मिला, ‘मैंने कोई फ्रॉड नहीं किया है, जिन अधिकारियों ने पैसा दिया, उनके काम हुए हैं।’
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इसके बाद पुलिस ने उससे कई बार अधिकारियों के नाम बताने को कहा लेकिन सही जवाब नहीं मिला। वह बार बार यही कहता रहा कि किस किसका नाम बताए, उसके रिश्ते तो लखनऊ के आला अफसरों तक से हैं।
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आठ बैंक खाते सीज
शैलेंद्र अग्रवाल के अभी तक चिह्नित किए गए 18 बैंक खातों में से पुलिस ने आठ सीज कर दिए हैं। इनकी जांच पड़ताल में पाया गया कि इनमें जितनी तेजी से पैसा जमा होता था, उतनी ही रफ्तार से निकाल लिया जाता था। ये खाते केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के शामिल हैं।
कोल्ड स्टोरेज से रिकार्ड जब्त
पुलिस ने शैलेंद्र अग्रवाल को साथ ले जाकर उसके धिमिश्री स्थित कोल्ड स्टोरेज से कैशबुक, लेजरबुक कब्जे में लिए हैं। इसके अलावा उसके फतेहाबाद रोड स्थित फॉर्म हाउस पर भी उसे ले जाकर जांच पड़ताल की गई।
दसवां मुकदमा दर्ज हुआ
शैलेंद्र अग्रवाल के खिलाफ ताजगंज थाने में दस लाख रुपये की धोखाधड़ी के बाद सोमवार तक नौ मुकदमे दर्ज हो चुके थे। मंगलवार को थाना मलपुरा में गढ़सानी निवासी वीरी सिंह ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। इसमें कहा गया है कि शैलेंद्र अग्रवाल ने उससे आलू भंडारण के नाम पर दस लाख रुपये लिए थे। मुनाफे का लालच दिया था। बाद में पैसा मांगने पर चेक थमा दिया, जो बाउंस हो गया।
ईओडब्ल्यू जा सकती है जांच
पुलिस अब पूरे मामले को आर्थिक अपराध शाखा को सौंपने की तैयारी कर रही है। एसएसपी राजेश डी मोदक ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपने के लिए अधिकारियों से बातचीत की जा रही है।
कोई नहीं पहुंचा मुलाकात करने
पुलिस को शुरू में लग रहा था कि शैलेंद्र से जेल में मुलाकात करने के लिए काफी लोग पहुंचेंगे, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। जेल अधिकारियों ने बताया कि पहले दिन कुछ लोगों ने उससे मुलाकात के लिए अपना नाम भेजा था, लेकिन अभी तक आया कोई नहीं।