{"_id":"61479f0f8ebc3eb3b44da9de","slug":"sewer-problem-in-agra-agra-news-agr508309077","type":"story","status":"publish","title_hn":"दावा 36,387 शिकायतों के समाधान का, फिर भी सड़कों पर बह रहा सीवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दावा 36,387 शिकायतों के समाधान का, फिर भी सड़कों पर बह रहा सीवर
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आगरा। ताजनगरी में सीवर सिस्टम संभालने वाली कंपनी वबाग ने अनुश्रवण समिति को भेजी रिपोर्ट में दावा किया है कि जनवरी 2020 से अगस्त 2021 तक 18 महीने में 36472 शिकायतें आईं हैं। 36387 शिकायतें निस्तारित हो गईं। जब इन शिकायतों की रविवार को अमर उजाला ने पड़ताल की, तो पता चला कि कहीं नौ महीने बाद भी समस्या बरकरार है तो कहीं पांच बार शिकायत के बाद सफाई कर कागजों में तो समाधान कर दिया पर समस्या जस की तस है।
केस-एक
पांच बार शिकायत के बाद सफाई, फिर भी उफना रहे मैनहोल
गोकुलपुरा में पुरानी सीवर लाइन बिछी है। क्षेत्रीय निवासी राजेश वर्मा ने बताया कि ठठेरान गली और प्रेमपुरा में सड़क पर सीवर उफनता है। पांच बार शिकायत के बाद सफाई हुई, फिर भी समस्या जस की तस है। कागजों में निस्तारण हो गया, अब शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। सफाई नहीं होने ये क्षेत्रीय लोग परेशान हैं।
केस-दो
नौ महीने में भी नहीं जोड़ी लाइन
संजय प्लेस में एडीए ने सीवर नेटवर्क बिछाया था। लाइन सीवर पंपिंग स्टेशन से कनेक्ट नहीं की गई। आयकर कार्यालय और यूथ हॉस्टल मोड़ पर सड़क पर सीवर बह रहा है। दिसंबर 2020 में तत्कालीन कमिश्नर अनिल कुमार ने समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक लाइन पंपिंग स्टेशन से नहीं जोड़ी गई है।
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केस-तीन
18 फुट की जगह 8 फुट गहराई में डाली लाइन
सुलहकुल नगर में 2016 में सीवर लाइन बिछीं। जून 2020 में लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। सबमर्सिबल पंप से सीवर निकलने की शिकायत पर वबाग ने जांच कराई। पता लगा ठेकेदार ने सीवर लाइन 18 फुट की जगह आठ फुट गहराई पर डाल दी। सीवर का ग्रेविटी फ्लो बिगड़ने से अब मैनहोल उफना रहे हैं। सड़कों पर सीवर की गंदगी जमा हो रही है।
दर्द: मंदिर के रास्ते में बह रहा सीवर
- मंदिर के रास्ते में सीवर बह रहा है। शिकायतों का स्थायी समाधान नहीं होता। कागजों पर निस्तारण हो रहा है। यह कैसी सफाई है कि अब भी यहां सीवर उफना रहा है। जनता की सुनवाई नहीं होती। नेता व अधिकारी पब्लिक से झूठे आश्वासन देते रहते हैं। - मनोज वर्मा, गोकुलपुरा
अधिकारी सबसे ज्यादा लापरवाह
संजय प्लेस में नौ महीने से समस्या है। कमिश्नर, डीएम, नगरायुक्त सबको समस्या बता चुके हैं। पिछले साल कुछ काम हुआ था, समस्या बरकरार है। हजारों लोग रोज यहां आते हैं। अधिकारी ही सबसे ज्यादा लापरवाह हैं। - गोपाल गुप्ता, संजय प्लेस
मरम्मत के नाम पर घोटाला
सुलहकुल नगर में सीवर लाइन मरम्मत के नाम पर ठेकेदार ने घोटाला किया है। 18 फुट की जगह आठ फुट पर लाइन डालने से सीवर सिस्टम चोक है। खोदाई से निकली मिट्टी तक ठेकेदार ने बेच दी। मुख्यमंत्री संदर्भ में शिकायत भेजी है। - राकेश शर्मा, अध्यक्ष सुलहकुल नगर विकास समिति
दावा: नाले से जुड़ी हैं सीवर लाइनें
शहर में अधिकतर सीवर लाइन नाले से कनेक्ट हैं। सफाई के बाद भी गंदगी उफनती है। सुलहकुल नगर में क्षतिग्रस्त लाइन जलनिगम ने बदली हैं। उनके इंजीनियर को देखना चाहिए था। - उमेश कुमार, प्रबंधक, वबॉग कंपनी
दलील: नगर आयुक्त से कराएंगे जांच
सीवर शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाता है। कहीं, लापरवाही है तो आप बताएं। वहां नगर आयुक्त से जांच कराई जाएगी। शहर में पूरे सिस्टम की सफाई के निर्देश दिए हैं। - अमित गुप्ता, कमिश्नर व अध्यक्ष, अनुश्रवण समिति
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केस-एक
पांच बार शिकायत के बाद सफाई, फिर भी उफना रहे मैनहोल
गोकुलपुरा में पुरानी सीवर लाइन बिछी है। क्षेत्रीय निवासी राजेश वर्मा ने बताया कि ठठेरान गली और प्रेमपुरा में सड़क पर सीवर उफनता है। पांच बार शिकायत के बाद सफाई हुई, फिर भी समस्या जस की तस है। कागजों में निस्तारण हो गया, अब शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। सफाई नहीं होने ये क्षेत्रीय लोग परेशान हैं।
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केस-दो
नौ महीने में भी नहीं जोड़ी लाइन
संजय प्लेस में एडीए ने सीवर नेटवर्क बिछाया था। लाइन सीवर पंपिंग स्टेशन से कनेक्ट नहीं की गई। आयकर कार्यालय और यूथ हॉस्टल मोड़ पर सड़क पर सीवर बह रहा है। दिसंबर 2020 में तत्कालीन कमिश्नर अनिल कुमार ने समस्या के स्थायी समाधान के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक लाइन पंपिंग स्टेशन से नहीं जोड़ी गई है।
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केस-तीन
18 फुट की जगह 8 फुट गहराई में डाली लाइन
सुलहकुल नगर में 2016 में सीवर लाइन बिछीं। जून 2020 में लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। सबमर्सिबल पंप से सीवर निकलने की शिकायत पर वबाग ने जांच कराई। पता लगा ठेकेदार ने सीवर लाइन 18 फुट की जगह आठ फुट गहराई पर डाल दी। सीवर का ग्रेविटी फ्लो बिगड़ने से अब मैनहोल उफना रहे हैं। सड़कों पर सीवर की गंदगी जमा हो रही है।
दर्द: मंदिर के रास्ते में बह रहा सीवर
- मंदिर के रास्ते में सीवर बह रहा है। शिकायतों का स्थायी समाधान नहीं होता। कागजों पर निस्तारण हो रहा है। यह कैसी सफाई है कि अब भी यहां सीवर उफना रहा है। जनता की सुनवाई नहीं होती। नेता व अधिकारी पब्लिक से झूठे आश्वासन देते रहते हैं। - मनोज वर्मा, गोकुलपुरा
अधिकारी सबसे ज्यादा लापरवाह
संजय प्लेस में नौ महीने से समस्या है। कमिश्नर, डीएम, नगरायुक्त सबको समस्या बता चुके हैं। पिछले साल कुछ काम हुआ था, समस्या बरकरार है। हजारों लोग रोज यहां आते हैं। अधिकारी ही सबसे ज्यादा लापरवाह हैं। - गोपाल गुप्ता, संजय प्लेस
मरम्मत के नाम पर घोटाला
सुलहकुल नगर में सीवर लाइन मरम्मत के नाम पर ठेकेदार ने घोटाला किया है। 18 फुट की जगह आठ फुट पर लाइन डालने से सीवर सिस्टम चोक है। खोदाई से निकली मिट्टी तक ठेकेदार ने बेच दी। मुख्यमंत्री संदर्भ में शिकायत भेजी है। - राकेश शर्मा, अध्यक्ष सुलहकुल नगर विकास समिति
दावा: नाले से जुड़ी हैं सीवर लाइनें
शहर में अधिकतर सीवर लाइन नाले से कनेक्ट हैं। सफाई के बाद भी गंदगी उफनती है। सुलहकुल नगर में क्षतिग्रस्त लाइन जलनिगम ने बदली हैं। उनके इंजीनियर को देखना चाहिए था। - उमेश कुमार, प्रबंधक, वबॉग कंपनी
दलील: नगर आयुक्त से कराएंगे जांच
सीवर शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाता है। कहीं, लापरवाही है तो आप बताएं। वहां नगर आयुक्त से जांच कराई जाएगी। शहर में पूरे सिस्टम की सफाई के निर्देश दिए हैं। - अमित गुप्ता, कमिश्नर व अध्यक्ष, अनुश्रवण समिति