{"_id":"5834a16b4f1c1b2b2513b8de","slug":"seven-rounds-before-the-bank-levy-rounds","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात फेरों से पहले बैंक के लगाए ‘फेरे’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात फेरों से पहले बैंक के लगाए ‘फेरे’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Nov 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
नोटबंदी ने अभिभावक के साथ दूल्हे राजा को भी बैंकों तक फेरे लगाने को मजबूर कर दिया है।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथों में कंगन, पास में कटार। हल्दी चढ़ने के बाद दूल्हे को इंतजार रहता है सात फेरों का, लेकिन नोटबंदी ने अभिभावक के साथ दूल्हे राजा को भी बैंकों तक फेरे लगाने को मजबूर कर दिया है। रिजर्व बैंक के अजीबोगरीब सर्कुलर ने ढाई लाख रुपये निकालने की सुविधा को बड़ी मुसीबत बना दिया है। अव्यवहारिक और पेचीदे नियमों का आलम ये कि मंगलवार को एक भी परिवार रिजर्व बैंक के मांगे गए कागजात पूरे नहीं कर पाया और न ही किसी को ढाई लाख रुपये उपलब्ध हो पाए।
शादी के लिए रिजर्व बैंक ने ढाई लाख रुपये निकालने की छूट तो दे दी, लेकिन शर्तें इतनी कड़ी हैं कि शायद ही कोई इसका पालन कर पाए। रिजर्व बैंक की शर्त है कि 8 नवंबर से पहले अगर एकाउंट में ढाई लाख रुपये हैं, तभी मिल पाएंगे। खाताधारक को केवाईसी करनी होगी। 30 दिसंबर से पहले होने वाली शादियों के लिए ही ढाई लाख रुपये निकालने की मंजूरी होगी। ढाई लाख रुपये किसे दिए गए, यह ब्योरा देना होगा। शादी कार्ड, एडवांस की रसीदें, मैरिज होम बुकिंग, कैटरिंग बुकिंग, भुगतान पाने वालों की लिस्ट इस घोषणा के साथ देना होगा कि उनका एकाउंट नहीं है। बैंकों को इन सभी का पूरा रिकार्ड रखना होगा और वेरिफिकेशन के लिए अथॉरिटी को देना होगा।
वेटर को टिप भी दी तो देना होगा ब्योरा
शादी में होने वाले किसी भी खर्च का ब्योरा देना पड़ेगा, चाहे वह वेटर की टिप ही क्यों न हो। बैंक से जो आपने ढाई लाख रुपये निकाले हैं, वह किसे दिये, इसकी पूरी सूचना बैंक को देनी होगी। डिक्लेरेशन फार्म में बैंक खाताधारक का नाम, रकम, पैन नंबर और उसकी फोटो प्रति, पता, दूल्हा, दुल्हन का नाम, दोनों का पहचान पत्र, दुल्हन और दूल्हे के घर का पता, शादी की तारीख इस फार्म में देनी होगी। इसके अलाव यह सत्यापित करना होगा कि दूल्हा-दुल्हन के परिवार में से उनके अलावा कोई भी बैंक से रकम नहीं निकाल रहा है। इस पर बैंक मैनेजर का नाम, हस्ताक्षर और सील लगी होनी चाहिए।
विज्ञापन
शादी में पेमेंट को इसका लें सहारा
रिजर्व बैंक ने शादी वाले घरों को सलाह दी है कि वे कैश की जगह चेक, ड्राफ्ट, क्रेेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, प्रीपेड कार्ड, मोबाइल ट्रांसफर, इंटरनेट बैंकिंग, एनईएफटी, आरटीजीएस से फंड ट्रांसफर करें। देश की 70 फीसदी से ज्यादा आबादी ऐसी है जो गांव में रहती है और एटीएम कार्ड तक का प्रयोग करने में हिचकती रही है। शहर में भी मध्यमवर्गीय परिवार शादी के लिए इनका प्रयोग नहीं कर सकते।
विज्ञापन
शादी के लिए रिजर्व बैंक ने ढाई लाख रुपये निकालने की छूट तो दे दी, लेकिन शर्तें इतनी कड़ी हैं कि शायद ही कोई इसका पालन कर पाए। रिजर्व बैंक की शर्त है कि 8 नवंबर से पहले अगर एकाउंट में ढाई लाख रुपये हैं, तभी मिल पाएंगे। खाताधारक को केवाईसी करनी होगी। 30 दिसंबर से पहले होने वाली शादियों के लिए ही ढाई लाख रुपये निकालने की मंजूरी होगी। ढाई लाख रुपये किसे दिए गए, यह ब्योरा देना होगा। शादी कार्ड, एडवांस की रसीदें, मैरिज होम बुकिंग, कैटरिंग बुकिंग, भुगतान पाने वालों की लिस्ट इस घोषणा के साथ देना होगा कि उनका एकाउंट नहीं है। बैंकों को इन सभी का पूरा रिकार्ड रखना होगा और वेरिफिकेशन के लिए अथॉरिटी को देना होगा।
विज्ञापन
वेटर को टिप भी दी तो देना होगा ब्योरा
शादी में होने वाले किसी भी खर्च का ब्योरा देना पड़ेगा, चाहे वह वेटर की टिप ही क्यों न हो। बैंक से जो आपने ढाई लाख रुपये निकाले हैं, वह किसे दिये, इसकी पूरी सूचना बैंक को देनी होगी। डिक्लेरेशन फार्म में बैंक खाताधारक का नाम, रकम, पैन नंबर और उसकी फोटो प्रति, पता, दूल्हा, दुल्हन का नाम, दोनों का पहचान पत्र, दुल्हन और दूल्हे के घर का पता, शादी की तारीख इस फार्म में देनी होगी। इसके अलाव यह सत्यापित करना होगा कि दूल्हा-दुल्हन के परिवार में से उनके अलावा कोई भी बैंक से रकम नहीं निकाल रहा है। इस पर बैंक मैनेजर का नाम, हस्ताक्षर और सील लगी होनी चाहिए।
विज्ञापन
शादी में पेमेंट को इसका लें सहारा
रिजर्व बैंक ने शादी वाले घरों को सलाह दी है कि वे कैश की जगह चेक, ड्राफ्ट, क्रेेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, प्रीपेड कार्ड, मोबाइल ट्रांसफर, इंटरनेट बैंकिंग, एनईएफटी, आरटीजीएस से फंड ट्रांसफर करें। देश की 70 फीसदी से ज्यादा आबादी ऐसी है जो गांव में रहती है और एटीएम कार्ड तक का प्रयोग करने में हिचकती रही है। शहर में भी मध्यमवर्गीय परिवार शादी के लिए इनका प्रयोग नहीं कर सकते।