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आगरा में बनेगा पश्चिमी उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा सोलर प्लांट, सौ गांवों को मिलेगी चौबीसों घंटे बिजली
Thu, 12 Mar 2020 02:04 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 12 Mar 2020 02:04 PM IST
सार
50 मेगावॉट बिजली बनेगी प्लांट में
200 करोड़ रुपये का खर्च आएगा
100 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होगा
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सोलर पावर प्लांट (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा सोलर प्लांट आगरा के खेरागढ़ में बनेगा। इससे 2023 से 100 गांवों को चौबीसों घंटे बिजली मिलेगी। पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) पर 200 करोड़ के बजट में 100 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तावित इस प्लांट के लिए जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरैंडा, घुसियाना व अटा गांव में बाजार रेट पर जमीन ली जाएगी। राज्यपाल ने जमीन के अधिगृहण के लिए निजी कंपनी को अनुमति दे दी है।
अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने डीएम प्रभू नारायण सिंह को भूमि की खरीद व कंपनी के पक्ष में नामांतरण प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। राजस्व कानून में प्रावधान है कि पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि के अधिग्रहण के लिए राज्यपाल से अनुमति होती है। डीएम प्रभू एन सिंह ने राजस्व विभाग को फर्म के नाम भूमि का संक्रमण कराने के निर्देश सीडीओ व एडीएम वित्त को दिए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी जे रीभा ने बताया कि सौर ऊर्जा निर्माण के लिए अतिरिक्त ऊर्जा विभाग पीपीपी मॉडल पर आगरा में प्लांट लगवगाएगा। कंपनी बाजार मूल्य पर जमीन खरीदेगी। पावर कंपनी को जमीन की खरीद पर शासनादेश के तहत स्टांप ड्यूटी में छूट मिलेगी। इसे मैसर्स जैक्सन पावर प्राइवेट लिमिटेड बनाएगी।
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अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने डीएम प्रभू नारायण सिंह को भूमि की खरीद व कंपनी के पक्ष में नामांतरण प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। राजस्व कानून में प्रावधान है कि पांच हेक्टेयर से अधिक भूमि के अधिग्रहण के लिए राज्यपाल से अनुमति होती है। डीएम प्रभू एन सिंह ने राजस्व विभाग को फर्म के नाम भूमि का संक्रमण कराने के निर्देश सीडीओ व एडीएम वित्त को दिए हैं।
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मुख्य विकास अधिकारी जे रीभा ने बताया कि सौर ऊर्जा निर्माण के लिए अतिरिक्त ऊर्जा विभाग पीपीपी मॉडल पर आगरा में प्लांट लगवगाएगा। कंपनी बाजार मूल्य पर जमीन खरीदेगी। पावर कंपनी को जमीन की खरीद पर शासनादेश के तहत स्टांप ड्यूटी में छूट मिलेगी। इसे मैसर्स जैक्सन पावर प्राइवेट लिमिटेड बनाएगी।
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2.50 लाख सोलर प्लेट लगेंगी
सोलर प्लांट के लिए 1.50 लाख से अधिक सोलर प्लेट लगेगी। 2.50 लाख यूनिट बिजली प्रतिदिन बनेगी। इस बिजली को डीवीवीएनएल
के फीडर के माध्यम से सप्लाई किया जाएगा। जिन गांव में 24 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं है, उन गांव में बिजली आपूर्ति कमी को सोलर
प्लांट से पूरी किया जाएगा।
यूपी नेडा परियोजना अधिकारी पीएन पांडेय ने बताया कि टीटीजेड में सोलर प्लांट से कार्बन उत्सर्जन उर्त्सजन में कमी आएगी।
मिर्जापुर के बाद दूसरा सबसे बड़ा प्लांट
मिर्जापुर में सूबे के सबसे बड़े 100 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट का उद्घाटन मार्च 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व फ्रांस के
राष्ट्रपति एमैनुएल मैंक्रो ने किया था। करीब 650 करोड़ की लागत से बने इस प्लांट से फिलहाल 75 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा
है। मथुरा में भी पांच मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित है।
सोलर प्लांट के लिए 1.50 लाख से अधिक सोलर प्लेट लगेगी। 2.50 लाख यूनिट बिजली प्रतिदिन बनेगी। इस बिजली को डीवीवीएनएल
के फीडर के माध्यम से सप्लाई किया जाएगा। जिन गांव में 24 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं है, उन गांव में बिजली आपूर्ति कमी को सोलर
प्लांट से पूरी किया जाएगा।
यूपी नेडा परियोजना अधिकारी पीएन पांडेय ने बताया कि टीटीजेड में सोलर प्लांट से कार्बन उत्सर्जन उर्त्सजन में कमी आएगी।
मिर्जापुर के बाद दूसरा सबसे बड़ा प्लांट
मिर्जापुर में सूबे के सबसे बड़े 100 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट का उद्घाटन मार्च 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व फ्रांस के
राष्ट्रपति एमैनुएल मैंक्रो ने किया था। करीब 650 करोड़ की लागत से बने इस प्लांट से फिलहाल 75 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा
है। मथुरा में भी पांच मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित है।