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Agra News: 15 दिन में दूसरी बार दीवानी को बम से उड़ाने की धमकी, अफरातफरी
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दीवानी को बम से उड़ने की धमकी मिलने के बाद चेकिंग करती बम निरोधक दस्ते की टीम
आगरा। कोर्ट-जज चैंबर और परिसर में साइनाइड गैस से भरे 14 बम लगाए गए हैं, जो 1 बजे से पहले फटेंगे। कोर्ट का क्या फायदा, जब बेगुनाह लोगों को इंसाफ नहीं दिला सकते। यह धमकी रविवार रात न्यायालय के आधिकारिक ईमेल पर आई। सोमवार सुबह मेल देखने के बाद अफरा-तफरी मच गई। तीन घंटे की सघन तलाशी में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। 24 फरवरी को भी मेल पर धमकी मिली थी।
सूचना मिलने पर सुबह 8 बजे एडीसीपी हरीपर्वत अक्षय महाडिक थाना न्यू आगरा पुलिस फोर्स, बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों के साथ दीवानी पहुंचे। पुलिस और एसएसएफ के जवानों ने गेट नंबर एक बंद कर तलाशी शुरू कर दी। बम निरोधक दस्ते ने पार्किंग में खड़े वाहन से लेकर न्यायिक अधिकारियों के चैंबर तक चेक किए। परिसर का चप्पा-चप्पा खंगाला गया। अधिवक्ताओं के चैंबरों को भी देखा गया। तीन घंटे तक तलाशी अभियान चलाया गया मगर कुछ नहीं मिलने पर सभी ने राहत की सांस ली। हालांकि वादकारियों को कड़ी जांच के बाद ही दीवानी परिसर में प्रवेश करने दिया गया।
जनपद न्यायालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर सौरव विश्वास के नाम से ईमेल भेजा गया है। इसमें लिखा था कि माननीय जजों, कोर्ट का क्या फायदा, जब बेगुनाह लोगों को इंसाफ नहीं दिला सकते। पाकिस्तानी आईएसआई और डीएमके के मामलों को ध्यान से हटाने के लिए दूसरे राज्यों के कोर्ट और कानूनी ऑफिस पर हमला किया है। अजमल कसाब एक आतंकी था, उसे इज्जत से पकड़ा गया लेकिन तमिलनाडु के अजीत को वहां की पुलिस ने पीट-पीट कर मार डाला। बाद पर्स मिल भी गया। उसे सिर्फ शक में मार दिया। ज्यादा से ज्यादा बेगुनाहों लोगों को निकालने और सुरक्षित करने की चेतावनी दी है। यह कोई फेक धमकी नहीं है। कुछ बम ड्रोन से गिराए गए हैं। छतों पर भी चेक कर लें।
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मेल भेजने वाला आरोपी चार दिन पहले गिरफ्तार
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि धमकी भरे मेल पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना निवासी सौरभ विश्वास भेज रहा था। उसे चार दिन पहले गुजरात पुलिस ने पकड़ लिया था। उसने स्कूल और अदालत को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। एक साथ वह कई मेल भेज रहा था। सुरक्षा की दृष्टि से दीवानी में चेकिंग की गई। मगर कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। पूर्व में धमकी भरा ईमेल आने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस बार भी तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। मामले में जांच के लिए टीम को पश्चिम बंगाल भेजा जाएगा।
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सूचना मिलने पर सुबह 8 बजे एडीसीपी हरीपर्वत अक्षय महाडिक थाना न्यू आगरा पुलिस फोर्स, बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों के साथ दीवानी पहुंचे। पुलिस और एसएसएफ के जवानों ने गेट नंबर एक बंद कर तलाशी शुरू कर दी। बम निरोधक दस्ते ने पार्किंग में खड़े वाहन से लेकर न्यायिक अधिकारियों के चैंबर तक चेक किए। परिसर का चप्पा-चप्पा खंगाला गया। अधिवक्ताओं के चैंबरों को भी देखा गया। तीन घंटे तक तलाशी अभियान चलाया गया मगर कुछ नहीं मिलने पर सभी ने राहत की सांस ली। हालांकि वादकारियों को कड़ी जांच के बाद ही दीवानी परिसर में प्रवेश करने दिया गया।
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जनपद न्यायालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर सौरव विश्वास के नाम से ईमेल भेजा गया है। इसमें लिखा था कि माननीय जजों, कोर्ट का क्या फायदा, जब बेगुनाह लोगों को इंसाफ नहीं दिला सकते। पाकिस्तानी आईएसआई और डीएमके के मामलों को ध्यान से हटाने के लिए दूसरे राज्यों के कोर्ट और कानूनी ऑफिस पर हमला किया है। अजमल कसाब एक आतंकी था, उसे इज्जत से पकड़ा गया लेकिन तमिलनाडु के अजीत को वहां की पुलिस ने पीट-पीट कर मार डाला। बाद पर्स मिल भी गया। उसे सिर्फ शक में मार दिया। ज्यादा से ज्यादा बेगुनाहों लोगों को निकालने और सुरक्षित करने की चेतावनी दी है। यह कोई फेक धमकी नहीं है। कुछ बम ड्रोन से गिराए गए हैं। छतों पर भी चेक कर लें।
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मेल भेजने वाला आरोपी चार दिन पहले गिरफ्तार
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि धमकी भरे मेल पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना निवासी सौरभ विश्वास भेज रहा था। उसे चार दिन पहले गुजरात पुलिस ने पकड़ लिया था। उसने स्कूल और अदालत को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। एक साथ वह कई मेल भेज रहा था। सुरक्षा की दृष्टि से दीवानी में चेकिंग की गई। मगर कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। पूर्व में धमकी भरा ईमेल आने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस बार भी तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। मामले में जांच के लिए टीम को पश्चिम बंगाल भेजा जाएगा।