{"_id":"5d3b374d8ebc3e6cc768a7f4","slug":"schools-water-harvestin-system-kasganj-news-agr398049574","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच दिन में 203 विद्यालयों में कैसे बनेंगे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच दिन में 203 विद्यालयों में कैसे बनेंगे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। बेसिक शिक्षा परिषद के एक फरमान से स्कूल के प्रधानाध्यापक परेशान हैं। चार दिन में 203 विद्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम कैसे लगेंगे। जबकि अधिकारियों ने 31 जुलाई तक सिस्टम लगाने का अंतिम तारीख तय कर दी है। इतने कम समय में कैसे ये काम पूरा हो। यदि इस अवधि में विद्यालयों में ये सिस्टम विकसित नहीं हुआ तो इसका खामियाजा विद्यालयों के शिक्षक भुगतेंगे।
कासगंज विकास क्षेत्र डार्क जोन में आता है। विकास क्षेत्र के तहत आने वाले 203 बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए चुना गया है। इस सिस्टम के माध्यम से बारिश में विद्यालयों की छतों पर एकत्र होने वाले पानी को भूगर्भ के अंदर पहुंचाना हैै। वर्तमान परिषदीय विद्यालयों की छतों पर वर्तमान में पानी रोकने का कोई इंतजाम नहीं है। छतों पर दीवार न होने से बारिश का पानी छतों पर न ठहरकर जमीन पर आ जाता है। इतना ही नहीं विद्यालय भवन में जो कमरे बने हैं वे एक सीध में नहीं बने। अलग-अलग समय पर बनवाए गए अतिरिक्त कक्ष भी अलग-अलग स्थानों पर बने हुए हैं। ऐसी स्थिति में विद्यालयों में एक से अधिक सिस्टम भी बनाने पड़ सकते हैं।
धन कहां से आएगा यह भी तय नहीं
कासगंज। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए विद्यालयों को अलग से धन की व्यवस्था नहीं की गई है। विद्यालय को मात्र कंपोजिट ग्रांट में ही धन दिया जाता है। पिछले वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत जो धन दिया गया उसका उपयोग हो चुका है, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अभी तक इस मद में धन नहीं आया है। शिक्षा विभाग ग्राम निधि से इस कार्य को कराना चाहता है। जबकि पंचायत को अपनी निधि से कार्य कराने के लिए इस पहले कार्ययोजना में शामिल करना पड़ेगा। इसके बाद ही धन खर्च किया जा सकता है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं मुख्य विकास अधिकारी दिनेश कुमार सिंह
प्रश्न: वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए शासन से कितना बजट मिला है,
उत्तर: वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए शासन से बजट नहीं दिया गया है
प्रश्न: बिना धन के किस तरह से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनेगा
उत्तर: विद्यालय अपनी ग्रांट से या फिर ग्राम पंचायत निधि से इसको बनवा सकते हैं
प्रश्न: पांच दिन में किस तरह से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बन सकेंगे
उत्तर: वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम निर्धारित अवधि में नहीं बनता है तो वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी
क्या कहती हैं बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल
प्रश्न: विद्यालयों के लिए मिलने वाली ग्रांट में धन की क्या स्थिति है
उत्तर: विद्यालयो को मिलने वाली कम्पोजिट ग्रांट में वित्तीय वर्ष में धन नहीं आया है
प्रश्न: वाटर हावेस्टिंग सिस्टम को किस तरह से विकसित किया जाएगा
उत्तर: विद्यालयों की छतों पर पहले चारो ओर दीवार लगाई जाएगी, जिससे पानी का ठहराव हो सके, इसके बाद पानी को पाइप के माध्यम से भूमि के अंदर तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी।
प्रश्न: वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार करने में कितना धन खर्च हो सकता है।
उत्तर: सभी विद्यालयों की परिस्थितियों अलग अलग हैं। अतिरिक्त कक्ष अलग अलग स्थानों पर बने हैं, जिससे एक सेे अधिक सिस्टम भी बनाने पड़ सकते हैं।
विज्ञापन
कासगंज विकास क्षेत्र डार्क जोन में आता है। विकास क्षेत्र के तहत आने वाले 203 बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए चुना गया है। इस सिस्टम के माध्यम से बारिश में विद्यालयों की छतों पर एकत्र होने वाले पानी को भूगर्भ के अंदर पहुंचाना हैै। वर्तमान परिषदीय विद्यालयों की छतों पर वर्तमान में पानी रोकने का कोई इंतजाम नहीं है। छतों पर दीवार न होने से बारिश का पानी छतों पर न ठहरकर जमीन पर आ जाता है। इतना ही नहीं विद्यालय भवन में जो कमरे बने हैं वे एक सीध में नहीं बने। अलग-अलग समय पर बनवाए गए अतिरिक्त कक्ष भी अलग-अलग स्थानों पर बने हुए हैं। ऐसी स्थिति में विद्यालयों में एक से अधिक सिस्टम भी बनाने पड़ सकते हैं।
विज्ञापन
धन कहां से आएगा यह भी तय नहीं
कासगंज। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए विद्यालयों को अलग से धन की व्यवस्था नहीं की गई है। विद्यालय को मात्र कंपोजिट ग्रांट में ही धन दिया जाता है। पिछले वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत जो धन दिया गया उसका उपयोग हो चुका है, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अभी तक इस मद में धन नहीं आया है। शिक्षा विभाग ग्राम निधि से इस कार्य को कराना चाहता है। जबकि पंचायत को अपनी निधि से कार्य कराने के लिए इस पहले कार्ययोजना में शामिल करना पड़ेगा। इसके बाद ही धन खर्च किया जा सकता है।
विज्ञापन
क्या कहते हैं मुख्य विकास अधिकारी दिनेश कुमार सिंह
प्रश्न: वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए शासन से कितना बजट मिला है,
उत्तर: वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए शासन से बजट नहीं दिया गया है
प्रश्न: बिना धन के किस तरह से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनेगा
उत्तर: विद्यालय अपनी ग्रांट से या फिर ग्राम पंचायत निधि से इसको बनवा सकते हैं
प्रश्न: पांच दिन में किस तरह से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बन सकेंगे
उत्तर: वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम निर्धारित अवधि में नहीं बनता है तो वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी
क्या कहती हैं बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल
प्रश्न: विद्यालयों के लिए मिलने वाली ग्रांट में धन की क्या स्थिति है
उत्तर: विद्यालयो को मिलने वाली कम्पोजिट ग्रांट में वित्तीय वर्ष में धन नहीं आया है
प्रश्न: वाटर हावेस्टिंग सिस्टम को किस तरह से विकसित किया जाएगा
उत्तर: विद्यालयों की छतों पर पहले चारो ओर दीवार लगाई जाएगी, जिससे पानी का ठहराव हो सके, इसके बाद पानी को पाइप के माध्यम से भूमि के अंदर तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी।
प्रश्न: वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार करने में कितना धन खर्च हो सकता है।
उत्तर: सभी विद्यालयों की परिस्थितियों अलग अलग हैं। अतिरिक्त कक्ष अलग अलग स्थानों पर बने हैं, जिससे एक सेे अधिक सिस्टम भी बनाने पड़ सकते हैं।